चारधाम यात्रा 2026 के लिए पुलिस ने कसी कमर, ब्लैक स्पॉट भी किए गए चिन्हित
हाल ही में आईजी गढ़वाल और गढ़वाल कमिश्नर ने चारधाम यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया था.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 24, 2026 at 5:08 PM IST
देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा के कपाट इस बार अप्रैल महीने में विधिवत रूप से खुल जाएंगे. चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से लेकर सभी व्यवस्थाओं की तैयारी पूरी कर ली गई है. उत्तराखंड पुलिस ने भी चार धाम यात्रा मार्ग पर अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की तैनाती, यात्रा में लगने वाले जाम और पिछले साल आई आपदा से बढ़े ब्लैक स्पॉट पर कार्रवाई तेज करते हुए 31 मार्च तक सभी विभागों को समय दिया गया है.
पिछले साल आपदा से बढ़े ब्लैक स्पॉट: पिछले साल चारधाम यात्रा के दौरान बरसात के मौसम में आपदा आने के कारण कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. गढ़वाल के सभी जनपदों में बड़ी-बड़ी आपदा आई थी, जिससे यात्रा काफी प्रभावित हुई थी.
चारधाम यात्रा मार्ग पर 58 आपदा जोन: पहले से ही चारधाम यात्रा मार्ग पर 58 आपदा जोन है, उसमें नियम अनुसार एसडीआरएफ और अन्य एजेंसी पीडब्ल्यूडी और बीआरओ की सहायता से टीमों को तैनात किया गया है. इसका संचालन कंट्रोल रूम के माध्यम से किया जा रहा है और कंट्रोल रूम का समन्वय स्टेट आपदा कंट्रोल के साथ बना कर रखा हुआ है. यहां पर भी नोडल अधिकारी की तैनाती कर दी गई है.
चारधाम यात्रा के दौरान पिछले साल आई आपदा स्पॉट चिन्हित किए गए, इसके अलावा भी जो चिन्हित आपदा एरिया है, उनकी लिस्ट आ चुकी है और वहां पर भी एसडीआरएफ के साथ अन्य एजेंसी की टीमों को तैनात किया गया है.
चारधाम यात्रा में जाम से निपटने के लिए तैयारी: चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले आईजी गढ़वाल और गढ़वाल कमिश्नर ने यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया है, जहां-जहां पर सड़के खराब है, उनको चिन्हित करते हुए संबंधित विभाग को नोटिफाई कर दिया गया है. पीडब्ल्यूडी, नेशनल हाईवे अथॉरिटी और बीआरओ के अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि 31 मार्च तक चारधाम यात्रा मार्ग पर टूटी हुई सड़कों की मरम्मत कर दी जाएगी. यात्रा के शुरू होने से पहले ही चारधाम यात्रा के मार्ग सही हो जाएंगे.
चारधाम परिसर में भीड़ को कैसे मैनेज करेंगे: चारधाम मंदिर परिसर में एक एसपीओ है, उसी के आधार पर यात्रा होती है. सभी धामों का अध्ययन किया हुआ है, उनकी क्षमता कितनी है और कितने समय तक श्रद्धालु ज्यादा परिसर में रुक सकते हैं. उसी के अनुसार रजिस्ट्रेशन किया जाता है. अगर चारधाम परिसर में अधिक भीड़ हो जाती है तो श्रद्धालुओं को रोका जाता है, ताकि चारधाम परिसर में भीड़ का दबाव कम किया जा सके. उसके बाद ही जो श्रद्धालु चारधाम यात्रा का इंतजार कर रहे होते हैं, उनको आगे बढ़ाया जाता है.
चारधामों में सीसीटीवी और एनपीआर कमरे लगे है, जो भीड़ की सटीक जानकारी देते हैं. इसमें सभी जनपदों का कोऑर्डिनेशन होता हैं. विशेष कर टिहरी, पौड़ी हरिद्वार और देहरादून जनपद से समन्वय होता है और इसी समन्वय से चारधाम यात्रा का संचालन किया जाता है.
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि चारधाम यात्रा से जुड़ी जितनी भी तैयारी है, उन्हें 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाए. पिछले साल चारधाम यात्रा करीब 6500 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई थी. इस बार भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को चारधाम और यात्रा मार्ग पर तैनात किया जाएगा.
चारधाम यात्रा मार्ग सेक्टर में विभाजित किया गया: पूरी यात्रा तो को व्यवस्थित करने के लिए चारधाम यात्रा मार्ग को सेक्टर में विभाजित किया गया है. 10-10 किलोमीटर के सेक्टर बनाए गए हैं. इन सेक्टर में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो की यात्रा प्रबंधन और आपदा के समय पर जो भी जानकारी या फिर किसी कारण रूट डायवर्ट करना है, तो श्रद्धालुओं को जानकारी देने का काम करते हुए उचित व्यवस्था दी जाएगी.
साथ ही इसको मॉनिटरिंग करने के लिए रेंज लेवल पर चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम की स्थापना इस हफ्ते कर दी जाएगी. कंट्रोल रूम में 24 धंटे पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहेगी. यात्रा का जितना भी मूवमेंट है, उसको देखेंगे और समय-समय पर जो भी डायवर्सन है, उसको व्यवस्थित रूप से लागू किया जाएगा. चारधाम यात्रा के दौरान अगर किसी भी तरह की कोई आपदा आती है और यात्रा बाधित होती है तो यात्रियों को निचले जनपदों में रोका जाएगा, जहां ठहरने की व्यवस्था बनाई गई है. साथ ही सूचना तंत्र को भी मजबूत किया गया है. चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन के बाद उनके मोबाइल नंबर पर मौसम से लेकर सभी सूचना मिलती रहेगी.
पढ़ें---

