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युवाओं के विदेश में रोजगार का सपना साकार कर रही सरकार की ये योजना, 123 युवाओं को मिली नौकरी

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना से कई युवाओं के रोजगार का सपना पूरा हो रहा है.

Uttarakhand MKEVRY Scheme
युवाओं का नौकरी का सपना हुआ पूरा (Photo Source-District Information Department)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : July 3, 2026 at 8:37 AM IST

3 Min Read
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विकासनगर: उत्तराखंड के युवाओं के लिए अब सात समंदर पार रोजगार पाना महज एक सपना नहीं, बल्कि हकीकत बन गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महत्वाकांक्षी पहल ‘मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना’ राज्य के युवाओं के लिए विदेशों में करियर बनाने का एक सशक्त जरिया बनकर उभरी है. साल 2023 से अब तक इस योजना के माध्यम से 123 युवाओं ने न केवल विदेशों में नौकरी हासिल की है, बल्कि वे आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी पेश कर रहे हैं.​ इस योजना के तहत युवाओं का चयन जापान, जर्मनी, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे देशों में हुआ है.

अब तक के आंकड़ों के अनुसार:​जापान में 65 युवाओं का चयन, ​सऊदी अरब में 30 युवाओं को मिला रोजगार. जर्मनी में 1 युवा (सपना राणा) का सफल प्लेसमेंट, ​यूएई में 27 युवाओं का हॉस्पिटैलिटी एवं होटल मैनेजमेंट क्षेत्र में चयन (वीजा प्रक्रिया जारी) हुआ है. ​विदेशी बाजार की जरूरतों को देखते हुए, युवाओं को संबंधित देशों की भाषाओं में दक्ष बनाया जा रहा है. सेवायोजन कार्यालय में जर्मन और जापानी भाषा की विशेष कक्षाएं संचालित की जा रही हैं. इसके अलावा बागेश्वर और अल्मोड़ा में ऑनलाइन माध्यम से भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

युवाओं को मिल रहा नौकरी का मौका (Video-ETV Bharat)

साल 2023 में प्रारंभ किया गया था मुख्यमंत्री कौशल वैश्विक रोजगार योजना इसमें लगभग 123 लोगों को अभी तक विदेश में रोजगार प्राप्त हुआ. योजना युवाओं को उनके स्किल्स को इंप्रूव करते हुए विदेश में रोजगार को अवसरों को बढ़ा रहा है. सीएम धामी द्वारा शुरू की गई योजना रोजगार के अवसर खोल रही है.
-डॉ. आशीष चौहान, डीएम-

​आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं

  • ​शुल्क पर अनुदान: 8 महीने के प्रशिक्षण शुल्क (64,000 रुपये) पर सरकार 20 प्रतिशत अनुदान दे रही है
  • ब्याज पर सब्सिडी: प्रशिक्षण के लिए लिए गए ऋण पर 75 प्रतिशत ब्याज का भुगतान राज्य सरकार कर रही है
  • ​निशुल्क प्रशिक्षण: आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए जर्मन भाषा का प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है
  • आवास व भोजन: प्रशिक्षण के दौरान सहसपुर छात्रावास में रहने और खाने की निःशुल्क सुविधा दी जा रही है

​योजना की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य की बेटी सपना राणा ने न केवल जर्मनी में नर्स के पद पर नौकरी पाई, बल्कि 3.30 लाख रुपये मासिक वेतन हासिल कर अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई हैं. सपना का मानना है कि सही मार्गदर्शन और कौशल विकास से आज उत्तराखंड का कोई भी युवा वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है.​

नर्सिंग, हेल्थकेयर, कृषि और तकनीकी क्षेत्रों में उत्तराखंड के युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है. विभाग का लक्ष्य आने वाले समय में अधिक से अधिक युवाओं को भाषा कौशल में निपुण बनाकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप तैयार करना है.​ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के उन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना भविष्य संवारना चाहते हैं.
-ममता चौहान नेगी, क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी-

क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ममता चौहान नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री की इस योजना से अब तक 100 से अधिक युवाओं को विदेशों में रोजगार मिल चुका है. कहा कि नर्सिंग , हेल्थकेयर और कृर्षि जैसे क्षेत्रों में भी उत्तराखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय अवसर प्राप्त हो रहे है.

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