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नैनीताल जिपं चुनाव कथित किडनैपिंग केस, पुलिस मुखिया के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ HC, जानिए क्यों?

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने आज पुलिस मुखिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए और अपना जवाब पेश किया.

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उत्तराखंड हाईकोर्ट (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : December 29, 2025 at 8:32 PM IST

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नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने आज सोमवार 29 दिसंबर को नैनीताल जिला पंचायत के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के चुनाव में बवाल, 5 जिला पंचायत सदस्यों के कथित अपहरण व चुनाव में डाले गए एक मतपत्र पर ओवरराइटिंग के मामले को सुना. इस मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट स्वतः संज्ञान लिए जाने वाली दायर जनहित याचिका की थी.

पूर्व के आदेश पर आज प्रदेश के पुलिस मुखिया कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए. उनके द्वारा कोर्ट को अवगत कराया गया कि इस क्राइम की जांच कर रहे अधिकारी अरुण मोहन जोशी को किन्ही कारणों से हटाकर जांच किसी अन्य अधिकारी को सौंपी जा रही है. इसलिए उन्हें समय दिया जाय, जिसपर कोर्ट सन्तुष्ट नहीं हुई.

मामले के अनुसार 14 अगस्त 2025 को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल के जिला पंचायत के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव के दौरान जिला पंचायत सदस्यों के कथित अपहरण करने के मामलों का स्वतः संज्ञान लिया था. जिसमें कई जीते हुए सदस्यों ने न्यायलय की शरण भी ली थी. बीडीसी सदस्य पूनम बिष्ट ने उच्च न्यायालय में एक अन्य याचिका दायर कर कहा है कि नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में एक मतपत्र में ओवर राइटिंग कर क्रमांक 1 को 2 कर अमान्य घोषित कर दिया गया. याचिका में कोर्ट से जिलाध्यक्ष पद के लिए पुनः मतदान कराए जाने की प्रार्थना की थी.

नव‌निर्वाचित प्रधान के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर भी सुनवाई: इस मामले के अलावा उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण तहसील के बुंगीधार गांव के नव‌निर्वाचित प्रधान के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर भी सुनवाई हुई. सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से वस्तुस्थिति स्पष्ट करने को कहा है. आज मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश जी नरेंद्र व न्याहमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई.

मामले के अनुसार बुंगीधार की मोहिनी देवी ने याचिका दायर कर आरोप लगाया कि कुछ महीने पूर्व हुए ग्राम प्रधान चुनाव में उसके प्रतिद्वंद्वी रमेश चंद्र लखचौरा निर्वाचित हुआ है. याचिका में कहा गया कि कई मतदाताओं के नाम एक से अधिक मतदाता सूची में दर्ज हैं. वर्ष 2019 में हुए ग्राम प्रधान चुनाव में बुंगीधार की मतदाता सूची में कुल 183 मतदाताओं के नाम शामिल थे, लेकिन वर्ष 2025 में यह संख्या 356 हो गयी.

यही नहीं इनमें से 62 मतदाताओं के नाम एक से अधिक मतदाता सूची में शामिल हैं. यह भी कहा गया कि प्रतिवादी ग्राम प्रधान का वास्तविक नाम रमेश चंद्र लखचैरा के बजाय रमेश चंद्र है और परिवार रजिस्टर और लखनऊ की गोमतीनगर मतदाता सूची से यह साफ जाहिर हो रहा है. इसके बावजूद निर्वाचन अधिकारियों द्वारा नामांकन पत्र स्वीकार कर लिया गया है.

याचिकाकर्ता की ओर से आगे कहा गया कि उसने इस मामले में कई जगह शिकायत की, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. याचिकाकर्ता ने अदालत से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

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