ETV Bharat / state

टिहरी किशोर हत्याकांड: हाईकोर्ट में दूसरे पक्ष की याचिका पर सुनवाई, जांच अधिकारी को दिए ये आदेश

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने किशोर हत्याकांड में जांच अधिकारी को दूसरे पक्ष को भी सुनने के आदेश दिए हैं.

Uttarakhand High Court
उत्तराखंड हाईकोर्ट (Photo-ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : July 5, 2026 at 9:52 AM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने टिहरी गढ़वाल के लंबगांव के हत्याकांड से जुड़े मामले में दूसरे पक्ष की सुनवाई पुलिस द्वारा नहीं किए जाने और उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं करने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका को निस्तारित करते हुए जांच अधिकारी को किशोरी का पक्ष सुनने के आदेश दिए हैं. मामले की सुनवाई न्यायमूर्ती आलोक महरा की एकलपीठ में हुई.

मामले के अनुसार, लंबगांव क्षेत्र में एक किशोरी से उसके घर मिलने गए किशोर की हत्या के बाद किशोरी की मां ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि घटना के दिन उसकी 14 वर्षीय नबालिग बेटी ऊपर के कमरे में सो रही थी. रात 12 बजे वह शौच के लिए बाहर गई, तभी लड़का और उसका साथी मौके का फायदा उठाते हुए उसके कमरे में घुस गए. उनके द्वारा कमरे को अंदर से बंद कर दिया गया.

लड़की पक्ष का आरोप है कि किशोरी के साथ जबरदस्ती करके दुराचार करने का प्रयास किया गया. किशोरी के द्वारा इसका विरोध करने के दौरान उसके शरीर मे कई चोटें और खरोंच आई. आरोप है कि जब इसकी शिकायत संबंधित थाने, एसएसपी और जिला अधिकारी टिहरी गढ़वाल से की गई तो उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया. अब पुलिस किशोर की हत्या को लेकर दर्ज मुकदमे पर एकतरफा ही जांच कर रही है. उनकी शिकायत पर न तो मुकदमा दर्ज किया न ही उनका पक्ष सुना जा रहा है. इसलिए उनका पक्ष भी सुना जाए.

वहीं, मृतक लड़के के पिता ने मुकदमा दर्ज कर कहा है कि घटना 8 जून 2026 की है. उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया और उसने पूछा कि 'आपका लड़का कल रात कहां था.' उन्होंने पता किया तो वह घर पर नहीं था. फोन करने वाले व्यक्ति ने फोन पर बताया कि लड़के और उसके साथी को रात घर पर मिलने के लिए बुलाया था और उसे बंद करके रखा है. उसके हाथ पांव तोड़ दिए हैं, उसे मारकर गदेरे में फेंक दिया है.

लड़के के पिता ने बताया कि परिजनों ने जब उसको ढूंढा तो वह गंभीर हालत में मिला था. वो उसे शीघ्र हॉस्पिटल ले गए, लेकिन हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई. उसके साथी को भी गंभीर चोटें आई हुई हैं. इसलिए दोषियों के खिलाफ जल्द मुकदमा दर्ज करके कानूनी कार्रवाई की जाए.

पढ़ें---