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उत्तराखंड की राजनीति और शिक्षा महकमे में चर्चाओं में रहे अजय नौडियाल, अब मिला प्रमोशन का तोहफा

उत्तराखंड में मारपीट विवादों के बीच अजय कुमार नौडियाल को मिली बड़ी जिम्मेदारी, प्रारंभिक शिक्षा के स्थायी निदेशक बनाए गए

Ajay Kumar Naudiyal Promotion
अजय कुमार नौडियाल (फाइल फोटो- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 26, 2026 at 6:45 PM IST

4 Min Read
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देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों चर्चाओं में रहने वाले अजय कुमार नौडियाल को शासन ने प्रमोशन दिया है. अजय कुमार अब विद्यालय शिक्षा विभाग में प्रारंभिक शिक्षा के निदेशक के पद पर पदोन्नत हुए हैं. अब तक अजय कुमार विभाग में प्रभारी निदेशक के तौर पर जिम्मेदारी देख रहे थे, लेकिन अब पदोन्नति होने के बाद वो प्रारंभिक के स्थायी निदेशक बन गए हैं.

उत्तराखंड की राजनीति और शिक्षा महकमे में इन दिनों चर्चा के केंद्र में रहे अजय कुमार नौडियाल को शासन ने प्रमोशन का तोहफा दिया है. लंबे समय से प्रारंभिक शिक्षा विभाग में प्रभारी निदेशक के रूप में कार्य कर रहे अजय कुमार नौडियाल को अब स्थायी रूप से निदेशक प्रारंभिक शिक्षा के पद पर पदोन्नत कर दिया गया है. शासन स्तर पर जारी आदेश के बाद वे अब विधिवत रूप से विभाग की कमान संभालेंगे.

लंबे इंतजार के बाद मिली पदोन्नति: अजय कुमार नौडियाल काफी समय से अपर शिक्षा निदेशक के पद पर रहते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे. उनका प्रमोशन काफी समय से लंबित था और पदोन्नति चयन समिति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस पर अंतिम मुहर लगनी थी.

अब उत्तराखंड राज्य शैक्षिक सेवा के निदेशक के रिक्त पद के सापेक्ष चयन समिति की संस्तुति के आधार पर शासन ने उन्हें पदोन्नत कर स्थायी नियुक्ति दे दी है. शिक्षा सचिव रविनाथ रमन की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियमानुसार पदोन्नति प्रक्रिया अपनाई गई और चयन समिति की अनुशंसा के बाद अजय कुमार को निदेशक प्रारंभिक शिक्षा नियुक्त किया गया है.

विधायक से विवाद के बाद सुर्खियों में आए थे अजय नौडियाल: बता दें कि अजय कुमार नौडियाल हाल ही में हुए एक विवाद के कारण प्रदेशभर में चर्चा में आ गए थे. रायपुर से बीजेपी विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों पर प्रभारी निदेशक के साथ मारपीट के आरोप लगे थे. इस घटना के वीडियो भी सामने आए थे, जिनमें कथित तौर पर कार्यालय के भीतर धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार की तस्वीरें दिखाई दी थीं.

घटना के बाद शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों में भारी रोष देखा गया. वहीं, प्रदेशभर में शिक्षकों ने विरोध जताया और कई स्थानों पर आंदोलन की चेतावनी दी गई. यह मामला केवल विभागीय विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी गूंजता रहा.

बढ़ते दबाव में मांगी गई माफी: मामले ने इतना तूल पकड़ा कि आखिरकार विधायक उमेश शर्मा काऊ को सार्वजनिक रूप से खेद जताना पड़ा. शिक्षक संगठनों ने इसे सम्मान व सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया और सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई. इस पूरे घटनाक्रम ने शासन और प्रशासन को भी सख्त संदेश दिया कि अधिकारियों की गरिमा एवं सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता.

इसी बीच अब अजय कुमार नौडियाल के प्रमोशन का आदेश सामने आने से इस पूरे प्रकरण की चर्चा फिर से तेज हो गई है. सोशल मीडिया पर इस निर्णय को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग इसे शासन का संतुलित और नियमानुसार लिया गया फैसला बता रहे हैं, तो कुछ इसे हालिया विवाद के बाद मरहम के रूप में देख रहे हैं.

अजय नौडियाल के सामने कई चुनौतियां: फिलहाल, स्थायी निदेशक के रूप में अजय कुमार नौडियाल के सामने कई चुनौतियां होंगी. प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों की तैनाती, विद्यालयों की आधारभूत सुविधाएं और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों जैसे मुद्दे पहले से ही चर्चा में हैं. ऐसे में विभागीय समन्वय और प्रशासनिक सख्ती दोनों की आवश्यकता होगी.

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