खुशखबरी! हर जिले से तीन फॉरेस्ट फायर फाइटर होंगे सम्मानित, मिलेगा लाखों का इनाम, जानिये कैसे
जंगलों में लगी आग को बुझाने में व्यक्तिगत या समूह से जुड़े लोगों को चुना जाएगा. हर जिले से तीन लोगों को इनाम मिलेगा.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : May 27, 2026 at 1:20 PM IST
|Updated : May 27, 2026 at 1:29 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड में वनाग्नि आज भी वन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. राहत की बात यह है कि बीते सालों की तुलना में साल 2026 में वनाग्नि की ज्यादा घटनाएं नहीं हुई हैं. इसके बाद भी प्रदेश के जंगलों में आग लगने की घटनाओं की संभावना बनी हुई है. अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में तापमान बढ़ने की संभावना मौसम विज्ञान केंद्र जताई है. ऐसे में वन विभाग का जोर वनाग्नि की घटनाओं पर लगाम लगाने पर है. इसके लिए जन सहभागिता पर जोर दिया जा रहा है. इसके लिए वन विभाग नई प्रोत्साहन योजना पर काम कर रहा है.
वन विभाग जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए जन सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दे रहा है. जंगलों में आग लगने पर फर्स्ट रिस्पॉंडर के रूप में जनता ही अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. यही वजह है कि वन विभाग ने नई प्रोत्साहन योजना के तहत सरकारी कर्मचारी और निजी सहभागिता करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है.इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों में तीन-तीन पुरस्कार वितरित किए जाएंगे. यह पुरस्कार वनाग्नि सीजन समाप्त होने के बाद चयनित कर्मचारी और जनता को दिये जाएंगे.

नई प्रोत्साहन योजना के तहत वन विभाग ने उन सरकारी कर्मचारियों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है जिन्होंने फॉरेस्ट सीजन के दौरान जंगलों की आग बुझाने में बेहतर काम किया है. बेहतर काम करने वाले वन विभाग के तीन-तीन कर्मचारियों को हर जिले से चयनित किया जाएगा. जिसकी प्रक्रिया वन विभाग ने शुरू भी कर दी है.
इसी तरह जंगलों में लगी आग को बुझाने में व्यक्तिगत या समूह से जुड़े लोगों को भी चुना जा रहा है. हर जिले से तीन-तीन लोगों को चयनित कर सम्मानित किया जाएगा. खास बात यह है कि सरकारी कर्मचारी हो या फिर आम जनता जिन्होंने बेहतर काम किया है उनको नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. इसके लिए धनराशि भी तय कर दी गई है.

प्रस्तावित नई प्रोत्साहन योजना के तहत प्रथम श्रेणी में चयनित आम जनता/समूह और सरकारी कर्मचारियों को एक लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा. इसी तरह दूसरी श्रेणी में चयनित लोगों को 75 हजार और तीसरी श्रेणी में चयनित लोगों को 51 हजार का पुरस्कार दिया जाएगा.
वन विभाग का मानना है कि इस प्रयास से न सिर्फ वन विभाग के कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि जन सहभागिता को बढ़ावा देने में भी काफी मदद मिलेगी. इसके साथ ही जंगलों की आग बुझाने में स्थानीय लोग पर चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे. जिसे जंगलों की आग पर तत्काल प्रभाव से लगाम लग सकेगा.

वहीं, वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा हर जिले में तीन तीन अवॉर्ड दिए जाएंगे. इस अवॉर्ड के तहत एक लाख, 75 हजार और 51 हज़ार रुपए की धनराशि पुरस्कार के रूप में दी जाएगी. ये पुरस्कार निजी और प्राइवेट दोनों सेक्टर के लोगों को दिये जाएंगे.
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