होली से पहले बीजेपी नेताओं को मिलेगा गिफ्ट! प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट बोले- बस एक दिन का खेल
उत्तराखंड में होली से पहले ही बीजेपी अपने नेताओं को बड़ा गिफ्ट दे सकती है. जिसके संकेत बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी दिए.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 27, 2026 at 7:26 PM IST
|Updated : February 27, 2026 at 7:32 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी संगठन को मजबूत करने में जुट गई है. इसी कड़ी में जल्द जारी होने वाली दायित्वधारियों की सूची को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी इसका तरफ इशारा किया है.
राजनीतिक समीकरण को देखते हुए सभी दल अभी से विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटे हुए है. खासतौर पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं को साधने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है. इसी कड़ी में भाजपा जल्द ही दायित्वधारियों की पांचवीं सूची जारी करने जा रही है.
बताया जा रहा है कि कुल 27 पदों के लिए अलग-अलग चरणों में यह सूची जारी होगी, जिसमें पहले चरण में 12 से 14 नाम सामने आ सकते हैं. इस सूची को लेकर लंबे समय से पार्टी कार्यकर्ताओं और दावेदारों में उत्सुकता बनी हुई है.
वरिष्ठ पत्रकार नीरज कोहली के अनुसार, पार्टी सूत्रों का कहना है कि दायित्वधारियों की बहुप्रतीक्षित सूची लगभग फाइनल हो चुकी है और होली से पहले कभी भी जारी की जा सकती है. यह पांचवीं सूची होगी, जिसमें करीब 14 नाम शामिल होने की संभावना है. लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे कार्यकर्ताओं की निगाहें फिलहाल पार्टी मुख्यालय पर टिकी हुई हैं. इसके साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें भी तेज़ हो गई हैं.
अब तक उत्तराखंड सरकार लगभग 70 कार्यकर्ताओं को विभिन्न दायित्व सौंप चुकी है, जिनमें से 45 गढ़वाल और 25 कुमाऊं क्षेत्र से हैं. बीजेपी ने इन नियुक्तियों में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का विशेष ध्यान रखा है. मौजूदा आंकड़ों के अनुसार राजपूत वर्ग से 20, ब्राह्मण से 21, ओबीसी से 8, एससी से 6, एसटी से 3, मुस्लिम समुदाय से 4, पंजाबी से 5, बनिया से 2 और किन्नर समुदाय से एक व्यक्ति को दायित्व दिया जा चुका है.
सूत्रों के मुताबिक, आने वाली सूची में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए चार नेताओं को भी स्थान मिल सकता है, जिनमें एक पूर्व कैबिनेट मंत्री भी शामिल हैं. इससे यह संकेत मिलता है कि बीजेपी आगामी चुनावों से पहले अपने नए और पुराने दोनों तरह के नेताओं को संतुलित ढंग से साधने की कोशिश कर रही है.
माना जा रहा है कि पहली सूची में जिन नेताओं को मौका मिलेगा, उनके राजनीतिक कद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और वरिष्ठ नेता ज्योति प्रसाद गैरोला भी इस प्रक्रिया को संगठनात्मक मजबूती से जोड़कर देख रहे हैं.पार्टी नेताओं का मानना है कि 2027 से पहले संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करना जरूरी है.
दरअसल, चुनाव से पहले क्षेत्रीय, जातीय और सामाजिक संतुलन साधना भाजपा और सरकार दोनों की प्राथमिकता बन चुकी है. सूत्रों के अनुसार एससी और एसटी कोटा पहले ही भर चुका है, इसलिए इस बार राजपूत, ब्राह्मण, पंजाबी, बनिया और ओबीसी वर्ग से जुड़े अनुभवी और सक्रिय नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही है. साफ है कि दायित्वधारियों की यह सूची 2027 के चुनावी समीकरणों में अहम भूमिका निभाने वाली है.
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