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उत्तराखंड में चुनावी साल में चढ़ने लगा सियासी पारा, विपक्ष ने धामी सरकार से मांगा 4 साल का लेखा जोखा

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही विपक्ष ने मांगा हिसाब, श्वेत पत्र जारी करने की भी रखी मांग, सरकार ने गिनाए तमाम काम

GOVERNMENT TENURE IN UTTARAKHAND
चुनावी साल में चढ़ने लगा सियासी पारा (फोटो- ETV Bharat GFX)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : April 12, 2026 at 5:16 PM IST

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Updated : April 12, 2026 at 8:33 PM IST

5 Min Read
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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन दिनों विधानसभाओं की समीक्षा कर रहे हैं. जिसके तहत वे मुख्यमंत्री घोषणाओं पर हुए काम का भी ब्यौरा ले रहे हैं. खास बात ये है कि चुनावी साल में मुख्यमंत्री ने न केवल अपने तमाम कार्यक्रमों में तेजी लाई है, बल्कि समीक्षा और घोषणाओं को पूरा करने के लिए भी अधिकारियों पर मॉनिटरिंग सिस्टम बढ़ाया गया है. सरकार की इन्हीं गतिविधियों को देखते हुए विपक्ष ने अब धामी सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग उठाई है.

सरकार ने तेज की कामकाज की रफ्तार: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक माहौल धीरे-धीरे गर्म होने लगा है. इसके साथ राज्य सरकार भी अपने कामकाज की रफ्तार तेज करती नजर आ रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन दिनों विभिन्न विधानसभाओं की समीक्षा बैठकों के जरिए विकास कार्यों और मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति का जायजा ले रहे हैं.

चुनावी साल में चढ़ने लगा सियासी पारा (वीडियो- ETV Bharat)

इन बैठकों में न केवल चल रही योजनाओं की स्थिति पर चर्चा हो रही है, बल्कि ये भी देखा जा रहा है कि अब तक की गई घोषणाएं किस स्तर तक पूरी हो चुकी हैं और किन योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है. दरअसल, चुनावी साल नजदीक आते ही सरकार ने प्रशासनिक मशीनरी पर निगरानी और मॉनिटरिंग को और मजबूत कर दिया है.

अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं और विकास कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए. इसके लिए विभागवार प्रगति रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है. ताकि, चुनाव से पहले सरकार अपने कामों का पूरा रिकॉर्ड जनता के सामने रख सके.

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धामी कैबिनेट की बैठ (फाइल फोटो- Information Department)

तमाम योजना और परियोजनाओं की तैयार की जा रही रिपोर्ट: राज्य की विभिन्न विधानसभाओं में चल रही परियोजनाओं, निर्माण कार्यों और जनहित योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है. इस रिपोर्ट में ये भी शामिल किया जा रहा है कि पिछले चार सालों में किन योजनाओं को शुरू किया गया. उनमें से कितनी योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और कितनी योजनाएं अंतिम चरण में हैं.

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भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड (फोटो- ETV Bharat)

लंबित कामों को जल्द पूरा करें: सीएम धामी इन बैठकों के जरिए ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जो काम लंबे समय से चल रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा कर जनता को उनका लाभ दिया जाए. सरकार का मानना है कि पिछले चार सालों में कई बड़ी योजनाओं पर तेजी से काम हुआ है और अनेक विकास कार्य पूरे भी हुए हैं.

चुनाव से पहले उपलब्धियों को पेश करने की तैयारी: ऐसे में चुनाव से पहले इन उपलब्धियों को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करने की तैयारी भी की जा रही है. बीजेपी सरकार लगातार ये दावा करती रही है कि राज्य में बुनियादी ढांचे, पर्यटन, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं को गति दी गई है और कई परियोजनाएं अब जमीन पर दिखाई देने लगी हैं.

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उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय (फोटो- ETV Bharat)

कांग्रेस ने मांगा काम का पूरा लेखा-जोखा: हालांकि, सरकार की इस कवायद पर विपक्षी दल कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं. कांग्रेस का कहना है कि सरकार केवल दावे कर रही है. जबकि, धरातल पर विकास कार्यों की स्थिति उतनी मजबूत नहीं है. कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि वो अब तक किए गए कामों का पूरा लेखा-जोखा जनता के सामने रखने के लिए श्वेत पत्र जारी करे.

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नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का बयान (फोटो- ETV Bharat GFX)

कांग्रेस का ये भी कहना है कि कई विकास योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पाई हैं और कई परियोजनाओं की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है. इसलिए जनता को सच्चाई बताने के लिए सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए. ताकि, ये साफ हो सके कि वास्तव में राज्य में कितना विकास हुआ है?

वहीं, बीजेपी सरकार, कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह निराधार बता रही है. सरकार का कहना है कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह के मुद्दे उठा रहा है. कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कांग्रेस पर पलटवार कर आड़े हाथों लिया है.

"कांग्रेस खुद अपने अंदरूनी विवादों से जूझ रही है. उसी को संभालने के लिए पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा उत्तराखंड आई हुई हैं. कांग्रेस को पहले अपने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए."- खजान दास, कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड

कांग्रेस के पास आरोप लगाने के लिए नहीं है कोई ठोस आधार: खजान दास ने कहा कि बीजेपी सरकार ने राज्य में लगातार विकास कार्य किए हैं और जनता खुद देख रही है कि किस तरह सड़क, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में काम आगे बढ़ रहा है. उनके मुताबिक, कांग्रेस के पास सरकार पर आरोप लगाने के लिए कोई ठोस आधार नहीं है.

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कैबिनेट मंत्री खजान दास का बयान (फोटो- ETV Bharat GFX)

विधानसभा चुनाव 2027 से पहले उत्तराखंड में विकास कार्यों और सरकारी दावों को लेकर राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है. एक तरफ सरकार अपने कामों की प्रगति को तेज करने और उपलब्धियों को सामने रखने की तैयारी में है, तो दूसरी ओर कांग्रेस सरकार से पारदर्शिता की मांग करते हुए श्वेत पत्र जारी करने का दबाव बना रही है. आने वाले समय में ये मुद्दा राज्य की राजनीति में और ज्यादा चर्चा का विषय बन सकता है.

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Last Updated : April 12, 2026 at 8:33 PM IST