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उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी शैलजा ने ली पार्लियामेंट्री अफेयर कमेटी की बैठक, अंकिता केस पर कही ये बात

देहरादून में उत्तराखंड कांग्रेस पार्लियामेंट्री अफेयर कमेटी की बैठक,अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की देखरेख में सीबीआई जांच की मांग

CONGRESS PARLIAMENTARY AFFAIRS COMMITTEE Meeting
कुमारी शैलजा के साथ कांग्रेस के दिग्गज (फोटो सोर्स- X@INCUttarakhand)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : January 8, 2026 at 6:34 PM IST

3 Min Read
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देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक होटल में 'उत्तराखंड कांग्रेस पार्लियामेंट्री अफेयर कमेटी' की आवश्यक बैठक ली. इस बैठक में पार्टी के सभी वरिष्ठ नेतागण शामिल हुए. बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के साथ प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को धार देने और संगठनात्मक रणनीति पर मंथन किया गया.

पार्लियामेंट्री अफेयर कमेटी की बैठक के बाद कुमारी शैलजा और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रेस वार्ता किया. इस दौरान अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की देखरेख में सीबीआई जांच कराए जाने की मांग उठाई. उन्होंने कहा कि अंकिता हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. प्रदेश ही नहीं बल्कि, कई क्षेत्रों में ऐसी कितनी अंकिताएं होंगी, जिनके साथ अत्याचार हुआ होगा.

कुमारी शैलजा ने कहा कि जिस तरह एक नाम कई बार सिंबल बन जाता है, उसी तरह अंकिता हत्याकांड से देश ही नहीं दुनिया में उत्तराखंड को शर्मसार होना पड़ा है. इस हृदय विदारक घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है. इस घटना से राज्य में सभी की भावनाएं उत्तेजित हैं. उन्होंने कहा कि हम राजनीतिक दल हैं और हमारी जिम्मेदारी है.

अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाते रहेंगे: अगर कहीं भी कोई ऐसा कार्य होता है तो जिम्मेदार राजनीतिक पार्टी और विपक्ष होने के नाते यह हमारा कर्तव्य है कि हम इन मामलों को उठाएं. हमने ऐसे कई गंभीर मामलों को उठाया है और भविष्य में भी उठाते रहेंगे. उसी तरह अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा हम उठाते रहेंगे.

इन सवालों का मिले जवाब: इस मामले की पूरी इंक्वायरी सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में सीबीआई को करनी चाहिए. कौन वीआईपी रहे? इस मामले में गहराई तक क्यों नहीं गए? क्षेत्रीय विधायक की क्या भूमिका रही? क्यों रिजॉर्ट के आधे हिस्से को बुलडोजर से ढहा दिया गया और सबूत नष्ट किए गए? ये सब सवाल अभी भी बने हुए हैं.

मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से क्यों नहीं लिया? कुमारी शैलजा ने कहा कि अंकिता हत्याकांड के समय मुख्यमंत्री ने क्यों नहीं इस मामले को गंभीरता से लिया? इतने दिनों बाद अब यह बात सामने आ रही है कि शायद अचानक अंकिता प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपी जा सकती है.

न्यायिक देखरेख में जांच की मांग कर रही कांग्रेस: बात सीबीआई जांच की नहीं, बल्कि पहले दिन ही सीबीआई जांच क्यों नहीं कराई गई. कुमारी शैलजा का कहना है कि अब स्वतंत्र सीबीआई जांच का भरोसा नहीं रहा, इसलिए कांग्रेस पार्टी न्यायिक देखरेख में इस पूरे मामले की जांच की मांग कर रही है.

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