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उत्तराखंड में कांग्रेस ने तीन नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला, जानिए क्या था मामला?

पिथौरागढ़ में गणेश गोदियाल के सामने मंच से की बहस, तीन नेताओं को कांग्रेस ने 6 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निकाला

Parivartan Sankalp Sammelan in Pithoragarh
'परिवर्तन संकल्प सम्मेलन' में भावना नागरकोटी का संबोधन (फाइल फोटो- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : July 5, 2026 at 6:55 PM IST

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देहरादून: उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते तीन कांग्रेसी नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया है. जिसके तहत पिथौरागढ़ पूर्व जिला अध्यक्ष महेंद्र लुंठी, पिथौरागढ़ की पूर्व महिला जिला अध्यक्ष भावना नगर कोटी और दीपक लुंठी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते 6 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है.

उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी की ओर से जारी पत्र में पिथौरागढ़ के तीनों नेताओं को पार्टी से निकालने से जुड़ा आदेश जारी किया है. जिसमें बताया गया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर पूरे प्रदेश भर में 'परिवर्तन संकल्प सम्मेलन' आयोजित किया जा रहे हैं. जिसके तहत बीती 30 जून को कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था.

कार्यक्रम में इन तीनों नेताओं ने गणेश गोदियाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपने सहयोगियों के साथ कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न किया, जो कि घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना गया. इन तीनों कांग्रेसजनों ने कार्यक्रम के मंच पर किए गए कृत्य और पार्टी विरोधी गतिविधियों से पार्टी संगठन की छवि धूमिल हुई है. जिसे कांग्रेस नेतृत्व ने गंभीरता से लिया.

तीनों को नोटिस जारी करते हुए 3 दिन के भीतर जवाब मांगा गया था. साथ ही जिला कांग्रेस कमेटी पिथौरागढ़ से इस पूरे मसले को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई थी. जिसके आधार पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राष्ट्रीय नेतृत्व से दिशा निर्देश के बाद तीनों कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. उन्हें तत्काल प्रभाव से 6 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है.

Parivartan Sankalp Sammelan in Pithoragarh
पिथौरागढ़ में 30 जून को आयोजित 'परिवर्तन संकल्प सम्मेलन' (फाइल फोटो- ETV Bharat)

इन नेताओं को कांग्रेस ने दिखाया बाहर का रास्ता-

  • महेंद्र सिंह लुंठी, पूर्व जिलाध्यक्ष, पिथौरागढ़
  • भावना नगरकोटी, पूर्व जिलाध्यक्ष, महिला कांग्रेस पिथौरागढ़
  • दीपक लुंठी, पिथौरागढ़

क्या था मामला? बता दें कि 30 जून को पिथौरागढ़ में 'परिवर्तन संकल्प सम्मेलन' का आयोजन किया गया था. जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत अन्य नेता शामिल हुए थे. जहां मंच पर पिथौरागढ़ जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष भावना नगरकोटी के अपना संबोधन शुरू किया.

अपने संबोधन में भावना नगरकोटी ने पिथौरागढ़ विधायक मयूख महर पर नगर निकाय चुनाव के दौरान टिकट और पार्टी से अलग होकर काम करने को लेकर परोक्ष रूप से आड़े हाथों ले लिया. जिस पर विधायक मयूख महर मंच पर ही नाराज हो गए और अपने समर्थकों के साथ बाहर निकल गए.

Uttarakhand Congress
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी पत्र (फोटो सोर्स- Uttarakhand Congress)

इस दौरान कांग्रेस नेता मुकेश पंत ने मामले को संभालने की कोशिश की और भावना नगरकोटी से संबोधन समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन भावना ने बोलना जारी रखा. मामला बढ़ता देख खुद गणेश गोदियाल भी अपनी सीट से उठकर स्थिति संभालने पहुंच गए, लेकिन तब तक विधायक मयूख महर विरोध जताते हुए मंच से निकल चुके थे.

वहीं, विधायक मयूख महर के उठते ही उनके समर्थक भी एक साथ सभागार से बाहर निकलने लगे. इसी बीच गणेश गोदियाल के सामने ही कुछ कार्यकर्ताओं ने 'मयूख महर मुर्दाबाद' के नारे लगा दिए. इस घटना को गुटबाजी के तौर पर देखा जाने लगा. जिसके बाद पार्टी ने मामले में तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया. अब मामले में कार्रवाई कर दी है.

"कांग्रेस पार्टी एक अनुशासित संगठन है. इसमें यदि अनुशासनहीनता बरती जाएगी, तो उसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कोई भी नेता पार्टी अनुशासन की लाइन पार करेगा, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई संगठन की ओर से की जाएगी."- राजेंद्र सिंह भंडारी, प्रदेश महामंत्री, उत्तराखंड कांग्रेस

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