उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026 शुरू, 2.15 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल, नकल रोकने को कड़ी निगरानी
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा आज से शुरू हो गई हैं. पहले दिन इंटरमीडिएट में ड्राइंग एंड पेंटिंग विषय की परीक्षा है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 21, 2026 at 10:41 AM IST
रामनगर: उत्तराखंड बोर्ड की आज से परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं,इस वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में कुल 2,15,252 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं. जिसके चलते शिक्षा विभाग और बोर्ड प्रशासन द्वारा परीक्षा को नकल विहीन और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं. सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पहले ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो सके.
बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार इस बार हाईस्कूल में 1,12,266 और इंटरमीडिएट में 1,02,986 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं. परीक्षाएं प्रतिदिन सुबह 10 बजे से अपराह्न 1 बजे तक आयोजित की जाएंगी. इससे पहले 16 जनवरी से 15 फरवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षाएं सफलतापूर्वक संपन्न कराई जा चुकी है. लिखित उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन और सुरक्षित भंडारण के लिए प्रदेशभर में कुल 39 संग्रह केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें कुमाऊं मंडल में 13 और गढ़वाल मंडल में 26 केंद्र स्थापित किए गए हैं. परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए बोर्ड स्तर पर तीन सचल दलों का गठन किया गया है, जो विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे.
नकल रोकने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्रों के आसपास बीएनएसएस की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी गई है. जिससे किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि को रोका जा सके. प्रशासन और शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से परीक्षा केंद्रों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि छात्रों को शांत और सुरक्षित वातावरण मिल सके. पहले दिन इंटरमीडिएट में ड्राइंग एंड पेंटिंग विषय की परीक्षा आयोजित की गई. परीक्षा के पहले दिन छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिला. कई परीक्षार्थियों ने बताया कि उन्होंने पूरे साल मेहनत से तैयारी की है. हालांकि प्रश्नपत्र के स्वरूप को लेकर हल्का तनाव भी स्वाभाविक है. इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 21 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक संचालित होंगी, जबकि हाईस्कूल की परीक्षाएं 23 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएंगी. बोर्ड और प्रशासन का लक्ष्य है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकल मुक्त वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित और परिणाम विश्वसनीय रह सके.
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