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वंदे मातरम विवाद पर घमासान, उत्तराखंड बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष का बड़ा स्वीकारनामा, जानिये क्या कुछ कहा

वंदे मातरम् को लेकर इन दिनों बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने नजर आ रहे है. इस मामले पर आज बीजेपी ने देहरादून में प्रेस वार्ता की.

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प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की प्रेस वार्ता. (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 24, 2026 at 9:16 PM IST

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Updated : August 25, 2026 at 6:34 AM IST

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देहरादून: वंदे मातरम् को लेकर इन दिनों कांग्रेस और बीजेपी के राजनीति घमासान मचा हुआ है. दोनों ही पार्टियों के नेता अपने-अपने तर्कों के आधार पर एक-दूसरे के घेरने में लगे हुए है. इसी क्रम में आज 24 अगस्त सोमवार को देहरादून में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने प्रेस वार्ता कर कांग्रेस पर जोरदार जुबानी हमला बोला. हालांकि प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने खुद माना कि आज लोगों को दो छंद से ज्यादा याद नहीं हैं.

महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के मुद्दे पर विभाजनकारी राजनीति और तुष्टीकरण का आरोप लगाया. वहीं, पत्रकारों के सवाल पर भट्ट ने खुद स्वीकार किया कि दशकों तक वंदे मातरम् के पूर्ण स्वरूप से लोगों को दूर रखने के कारण आज बहुत से लोगों को इसके दो छंद से ज्यादा याद नहीं हैं. भट्ट ने कहा कि नियमित गायन और अभ्यास से धीरे-धीरे वंदे मातरम् लोगों के व्यवहार में शामिल होगा.

राष्ट्रगीत के इतिहास को लेकर जनजागरण चलाएगी भाजपा: प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा 1937 के प्रस्ताव को दोबारा स्वीकार करना और राष्ट्रगीत के केवल दो छंद गाने का फैसला विभाजनकारी राजनीति से प्रेरित है. भाजपा ने इस फैसले की कड़े शब्दों में निंदा करती है.

भट्ट ने कहा कि भाजपा के लिए वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा, स्वतंत्रता संग्राम का मूल मंत्र और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत के सम्मान और उसके गायन के संवैधानिक अधिकार को लेकर भाजपा किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी. पार्टी अब वंदे मातरम् के इतिहास, अर्थ और गौरवशाली विरासत को आम लोगों और विशेष रूप से युवाओं तक पहुंचाने के लिए जनजागरण अभियान चलाएगी.

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम् की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और क्रांतिकारियों के बलिदान से भी इसकी गौरवशाली विरासत जुड़ी है. भाजपा कार्यकर्ता लोगों के बीच जाकर राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व और इसके सम्मान को लेकर जागरूक करेंगे. लंबे समय तक देशवासियों को वंदे मातरम् के पूर्ण स्वरूप और उसके महत्व से दूर रखने का प्रयास किया गया. अब बीजेपी पार्टी इस विषय को लेकर जनता के बीच जाएगी.

महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया: महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस का वंदे मातरम् के पूर्ण गायन को लेकर रुख 1937 की उस राजनीति को दोहराने जैसा है, जिसे भाजपा विभाजनकारी मानती है. उन्होंने 1923 के काकीनाडा अधिवेशन का भी जिक्र किया और कहा कि उस समय वंदे मातरम् के गायन को लेकर विरोध हुआ था.

भट्ट ने आरोप लगाया कि आज भी कांग्रेस नेतृत्व उसी मानसिकता को आगे बढ़ाता दिखाई दे रहा है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने महात्मा गांधी के वंदे मातरम् को लेकर विचारों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि गांधी जी ने इसे धर्म की सीमा से परे राष्ट्रीय भावना से जुड़ा माना था, लेकिन कांग्रेस ने उनके नाम का राजनीतिक इस्तेमाल तो किया, लेकिन उनके विचारों को नजरअंदाज किया.

हरीश रावत को दिया जवाब: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के वंदे मातरम् को जेन-जी के मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास बताए जाने पर भी भट्ट ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि हरीश रावत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें अपने कार्यकर्ताओं को वंदे मातरम् के सम्मान के लिए प्रेरित करना चाहिए.

भट्ट ने कहा कि आजादी के दौर के गीतों और उनके महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सभी की है. हरीश रावत को इस मुद्दे पर लोगों से राष्ट्रगीत के सम्मान में आगे आने का आह्वान करना चाहिए.

राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान की भावना सबसे महत्वपूर्ण: वहीं, पत्रकार वार्ता में भाजपा अध्यक्ष से जब सवाल किया गया कि क्या उन्हें खुद वंदे मातरम् का पूरा गीत याद है और क्या भाजपा के कार्यकर्ताओं को इसके सभी छंद कंठस्थ हैं, तो भट्ट ने माना कि फिलहाल लोगों को कम छंद याद हैं. उन्होंने कहा कि दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने वंदे मातरम् के पूर्ण स्वरूप को देश से दूर रखा, इसलिए आज लोगों को कम छंद कंठस्थ हैं.

उन्होंने कहा कि जब नियमित रूप से वंदे मातरम् के गायन का अभ्यास होगा तो धीरे-धीरे इसके सभी छंद लोगों के व्यवहार में शामिल हो जाएंगे. यानी कांग्रेस पर वंदे मातरम् के अधूरे गायन को लेकर सवाल उठाने वाली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष खुद मान रहे हैं कि अभी आम लोगों को दो लाइन से ज्यादा याद नहीं हैं. हालांकि भट्ट ने इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि पूरा गायन नहीं कर पाने वाला व्यक्ति कम से कम सम्मान में खड़ा तो हो सकता है.

महेंद्र भट्ट ने कहा कि वंदे मातरम् के सम्मान का मतलब सिर्फ उसका गायन करना नहीं है. अगर कोई व्यक्ति पूरा राष्ट्रगीत नहीं गा सकता तो वह अपनी सभी गतिविधियां रोककर सम्मान में खड़ा हो सकता है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान की भावना सबसे महत्वपूर्ण है.

भट्ट का आरोप है कि कांग्रेस के सामने राष्ट्रगीत के सम्मान से ज्यादा वोट बैंक की चिंता है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि दिल्ली में हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति में वंदे मातरम् को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया है. पार्टी अब राष्ट्रगीत के इतिहास और महत्व को देशभर में पहुंचाने के लिए अभियान चलाएगी.

भट्ट ने कहा कि भाजपा के लिए वंदे मातरम् किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है. यह पूरे भारत का राष्ट्रगीत और मां भारती की वंदना है. उन्होंने कहा कि पार्टी इसके सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

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Last Updated : August 25, 2026 at 6:34 AM IST