हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले पर बीजेपी सरकार का जवाब, खजान दास बोले- दलित सम्मान के नाम पर भ्रम फैला रही कांग्रेस
हल्द्वानी मंच शुद्धीकरण मामले पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीति बयानबाजी का दौर जारी है. दोनों दल एक-दूसरे को घेरने में लगे हुए हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 29, 2026 at 7:06 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल के शुद्धीकरण का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस मामले पर आज 29 अगस्त को जहां राहुल गांधी ने बीजेपी को घेरा तो वहीं उत्तराखंड बीजेपी ने अपने स्टाइड में कांग्रेस को जवाब दिया. इसी मामले को लेकर उत्तराखंड बीजेपी प्रदेश मुख्यालय देहरादून में कैबिनेट मंत्री खजानदास ने प्रेस वार्ता की और सरकार व बीजेपी का पक्ष रखा.
कैबिनेट मंत्री खजानदास ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोपों से बचने के लिए कांग्रेस जातीय राजनीति को ढाल बना रही है और दलित अपमान का झूठ फैलाकर देवभूमि की सामाजिक एकता और छवि को नुकसान पहुंचा रही है. कांग्रेस को तथ्यों को नकारकर शुद्धीकरण कार्यक्रम को लेकर जनता में भ्रम फैलाना बंद करना चाहिए.
श्रीराम सेना धर्मार्थ न्यास का बीजेपी ने कोई संबंध नहीं: उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रयास हमेशा समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने का रहा है. उत्तराखंड देवभूमि है और यहां समाज के सभी वर्गों को समान अधिकार एवं सम्मान प्राप्त है. जिस शुद्धीकरण कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस सवाल उठा रही है, उसका आयोजन श्रीराम सेना धर्मार्थ न्यास नाम की सामाजिक संस्था की ओर से किया गया था. संस्था के पदाधिकारियों ने स्वयं स्पष्ट किया है कि उसका भाजपा से कोई संबंध नहीं है. ऐसे में कार्यक्रम को सीधे भाजपा से जोड़ना कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है.
भाजपा प्रदेश कार्यालय, देहरादून में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट मंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता श्री @KhajanDassBJP जी ने कहा कि हल्द्वानी में हुए शुद्धिकरण कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस द्वारा तुष्टिकरण एवं दलित अपमान का झूठ फैलाने वाली राजनीति समाज को बांटने का काम कर रही है।… pic.twitter.com/67pQ4VKiaI
— BJP Uttarakhand (@BJP4UK) August 29, 2026
शुद्धीकरण कार्यक्रम के पीछे दलित विरोधी भावना नहीं: उन्होंने कहा कि संस्था ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम के पीछे किसी प्रकार की दलित विरोधी भावना नहीं थी. संस्था के अनुसार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली में लगाए गए कथित इस्लामिक नारों और कथित हिंदू विरोधी तत्वों की मौजूदगी के विरोध में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था.
धार्मिक नारों पर कांग्रेस चुप्प क्यों: खजान दास ने आरोप लगाया कि कांग्रेस धार्मिक और सामाजिक घटनाओं को राजनीतिक विवाद का रूप देकर अपने वोट बैंक की राजनीति को साधने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि रामलीला मंच से जुड़े विवाद में कथित तौर पर लगाए गए धार्मिक नारों को लेकर कांग्रेस नेताओं की चुप्पी क्यों है?
नरेंद्र मोदी जी, देश के हर दलित व्यक्ति को आपकी यह दलित विरोधी विचारधारा साफ़ दिखाई दे रही है।
— Uttarakhand Congress (@INCUttarakhand) August 29, 2026
अब गेंद BJP के पाले में है - जल्द से जल्द SC-ST क़ानून के तहत FIR दर्ज हो, कार्रवाई हो और न्याय हो - वरना कांग्रेस पार्टी न्याय हासिल करना अच्छे से जानती है। (2/2) pic.twitter.com/aT5cxp484T
खजान दास का कहना है कि कांग्रेस की निगाहें दलित मुद्दे पर हैं, लेकिन उसका वास्तविक निशाना मुस्लिम तुष्टिकरण को लेकर उठ रहे सवालों से ध्यान हटाना है. कांग्रेस अब अपने राजनीतिक रूप से असहज सवालों से बचने के लिए सनातन समाज को बांटने की कोशिश कर रही है.
राहुल गांधी के बयान पर भी पलटवार: राहुल गांधी की ओर से दलित सम्मान और सामाजिक भेदभाव से जुड़े मुद्दों पर दिए जा रहे बयानों के संदर्भ में खजान दास ने कांग्रेस के इतिहास पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस दूसरों को दलित विरोधी बताने से पहले अपने अतीत का हिसाब दे. उन्होंने वर्ष 1952-54 के दौरान डॉ. भीमराव आंबेडकर की चुनावी हार का जिक्र करते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा.
देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से मृत्यु तक, हर जगह, हर कदम अपमान किया जाता है।
— Uttarakhand Congress (@INCUttarakhand) August 29, 2026
उनकी जितनी बुलंद आवाज़ होती है, उनपर उतना तेज़ हमला होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जो भी हुआ वो " शुद्धिकरण" का नाम दे कर उनके खिलाफ़ छुआछूत है - और छुआछूत भारत के… pic.twitter.com/u7dLO4fXQU
बीजेपी का कांग्रेस से सवाल: खजान दास ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में डॉ. भीमराव आंबेडकर को भारत रत्न नहीं दिया गया और बाद में वर्ष 1990 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया. जबकि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में अपने ही कई नेताओं को भारत रत्न दिया. लेकिन संविधान निर्माता को यह सम्मान नहीं दिया गया.
देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से मृत्यु तक, हर जगह, हर कदम अपमान किया जाता है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 29, 2026
उनकी जितनी बुलंद आवाज़ होती है, उनपर उतना तेज़ हमला होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जो भी हुआ वो " शुद्धिकरण" का नाम दे कर उनके खिलाफ़ छुआछूत है - और छुआछूत भारत… pic.twitter.com/MJpDFRm9Zj
खजान दास ने कहा कि आज आंबेडकर के नाम पर राजनीति करने वाली कांग्रेस को अपने इतिहास का जवाब देना चाहिए. उनके मुताबिक कांग्रेस का दलित प्रेम केवल सियासी बयानबाजी तक सीमित है. खजान दास ने उत्तराखंड कांग्रेस से जुड़े एक पुराने विवाद का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, जो दलित समाज से आते हैं, जब कांग्रेस छोड़कर गए थे, तब कथित तौर पर उनकी तस्वीर को जमीन पर पटककर कांग्रेस भवन से बाहर फेंका गया था. इस घटना को कांग्रेस के दलित सम्मान के दावों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए.
रुद्रपुर की कथित धमकी पर भी कांग्रेस से सवाल: भाजपा ने रुद्रपुर में मौलाना की ओर से दी गई कथित धमकी को लेकर भी कांग्रेस को घेरा. खजान दास ने सवाल किया कि कांग्रेस इस मामले पर चुप क्यों है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसी गंभीर घटना पर उसके नेता खुलकर विरोध क्यों नहीं कर रहे हैं?
उन्होंने कहा कि क्या कांग्रेस की राजनीति वोट बैंक के दबाव में इतनी मजबूर हो गई है कि वह धमकी और भय की राजनीति के खिलाफ बोलने से भी बच रही है. उन्होंने कांग्रेस से स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग की. खजान दास ने कांग्रेस से अपील की कि वह भ्रम फैलाने की राजनीति से ऊपर उठकर उत्तराखंड में भाईचारे, शांति, एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की दिशा में काम करे. उन्होंने कहा कि भाजपा जाति, धर्म या वर्ग के आधार पर समाज को बांटने की राजनीति का समर्थन नहीं करती.
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