चुनावी मोड में बीजेपी-कांग्रेस: चार साल की उपलब्धियां Vs 9 साल की नाकामियां, जानिए कौन किस पर भारी?
उत्तराखंड में बीजेपी-कांग्रेस ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है. जानते हैं दोनों पार्टियों की तैयारी. रिपोर्ट- रोहित सोनी.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : March 24, 2026 at 6:14 PM IST
देहरादून: धामी सरकार के चार साल पूरा होते ही बीजेपी चुनावी मोड में आ गई है. बीजेपी धामी सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति बना रही है. ताकि आगामी चुनाव में बीजेपी को उसका लाभ मिल सके है. इसी तरह एक तरफ जहां बीजेपी धामी सरकार की उपलब्धियां गिना रही है, तो वहीं कांग्रेस बीजेपी के बीते नौ साल के कार्यकाल की विफलताएं जनता के बीच लेकर जा रही है.
किसी भी विधानसभा चुनाव से पहले एक साल का वक्त राज्य सरकार और राजनीतिक पार्टियों के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है. क्योंकि इसी दौरान सरकार और राजनीतिक पार्टियां आगामी चुनाव के मद्देनजर अपनी रैडमैप तैयार करती है. इसी क्रम में आगामी साल 2027 में विधानसभा का चुनाव होना है, जिसके चलते सत्ताधारी पार्टी और विपक्षी दल जनता के बीच जाकर उपलब्धियों और नाकामियों को गिनने की रणनीति तैयार कर रही है. क्योंकि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड में चुनावी वर्ष की शुरुआत हो गई है, जिसके चलते राजनीतिक पार्टियां भी चुनावी मोड में आ गई हैं, खासकर बीजेपी.
चुनावी मोड में बीजेपी: कांग्रेस भले ही अभी चुनावी तैयारियों जुटी हो, लेकिन बीजेपी पूरी तरह से चुनावी मोड में नजर आ रही है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीजेपी हरिद्वार और हल्द्वानी में अपने बड़े नेता अमित शाह और राजनाथ सिंह की रैली करा चुकी है. इसके अलावा बीते दिन सरकार के चार साल पूरे होने पर भी बीजेपी ने देहरादून में बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिससे साफ-साफ झलकता है कि बीजेपी इस वक्त चुनावी मोड में आ चुकी है. इस बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए बीजेपी की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कहा कि,
सरकार ने प्रदेश में चार साल का कार्यकाल पूरा किया है. बीजेपी ही एकमात्र पार्टी है, जो अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखती है. धामी सरकार के कार्यकाल के दौरान तमाम उपलब्धियां हासिल की गई हैं, जिसमें यूसीसी, नकल विरोधी कानून समेत अन्य महत्वपूर्ण निर्णय शामिल है. ऐसे में अभियान के तहत राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं को जनता के बीच रखा जाएगा.
- दीप्ति रावत, प्रदेश महामंत्री, उत्तराखंड बीजेपी -
कांग्रेस का सरकार को घेरने का प्लान: बीजेपी प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने बताया कि सिर्फ चार साल की उपलब्धियों का बखान ही नहीं किया जाएगा, बल्कि केंद्र सरकार की योजनाओं और राज्य सरकार की योजनाओं को भी जनता के बीच ले जाया जायेगा. एक तरफ जहां बीजेपी चुनावी मोड में नजर आ रही है तो वहीं कांग्रेस ने भी आगामी चुनाव को लेकर अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है. कांग्रेस की रणनीति में बीजेपी सरकार की बीते 9 सालों की विफलताएं है, उन्ही मुद्दों को लेकर कांग्रेस बीजेपी के बीच जाएगी.

उत्तराखंड की जनता को पता है, उन्होंने पिछले 9 सालों में क्या झेला है. भाजपा सरकार ने सिर्फ सांप्रदायिक सौहार्द के साथ खिलवाड़ किया है, जिसके तहत सिर्फ जिहाद, धर्मांतरण कानून और यूसीसी के नाम पर प्रदेश को प्रयोगशाला बना दिया है. जबकि सरकार ने सिर्फ जनता को स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए चुना था. बीते 9 सालों में बीजेपी सरकार ने कोई उपलब्धि शामिल नहीं की है. कांग्रेस बीजेपी सरकार की 9 साल की नाकामियों को जनता के बीच ले जाएंगे. इसके लिए कांग्रेस में रणनीति अभी तैयार करनी है.
- गरिमा दसौनी, प्रदेश प्रवक्ता, कांग्रेस -
दिग्गज नेताओं को दी जाएगी बड़ी जिम्मेदारी: गरिमा दसौनी ने बताया कि इस अभियान के लिए पूरे प्रदेश को जोन में बांटा गया है, जिसकी जिम्मेदारी कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को सौंपी गई है. इस अभियान के तहत दो स्तर पर हमला किया जाएगा. इसके लिए प्रदेश स्तर के मुद्दे और विधानसभा स्तर के मुद्दे को कांग्रेस तैयार कर रही है. इन सभी मुद्दों को लेकर कांग्रेस जनता के बीच जाएगी और रात्रि प्रवास कर जनता के साथ संवाद करेंगे.

साथ ही बताया कि अभियान का उनका ब्लू प्रिंट तैयार हो चुका हैं. ऐसे में जिस तरह का समीकरण बैठेगा, उस तरह से अभियान चलाने का निर्णय लिया जाएगा. जल्द ही कांग्रेस पार्टी की कार्यकारणी भी गठित होने वाली है इसके बाद कांग्रेस पूरी तरह से धरातल पर नजर आएगी.
2027 का चुनाव दोनों की पार्टियों के लिए अहम: 2027 चुनाव बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के लिए अहम है. एक तरफ जहां बीजेपी 2027 में हैट्रिक लगाकर तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने का प्लान कर रही है, तो वहीं कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन तलाशने में लगी हुई है, ताकि उसे भी सत्ता वापस मिल सके.
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