स्क्रैप वाहनों के मामले में उत्तर प्रदेश टॉप पर, 48.5 प्रतिशत की हिस्सेदारी
अनफिट और प्रदूषणकारी वाहनों को वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से स्क्रैप करने में प्रदेश देश में नंबर एक पर है

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 27, 2026 at 8:53 PM IST
लखनऊ: वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है. परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि पुराने, अनफिट और प्रदूषणकारी वाहनों को वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से स्क्रैप करने में प्रदेश देश में नंबर एक पर है. सरकार का उद्देश्य सिर्फ पुराने वाहनों को हटाना नहीं, बल्कि स्वच्छ परिवहन, सड़क सुरक्षा, वैज्ञानिक तरीके से कचरे का दोबारा इस्तेमाल करना और ऐसी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, जिसमें चीजों को बार-बार उपयोग में लाया जा सके.
परिवहन विभाग के मुताबिक 31 जुलाई 2026 तक देशभर में 4.07 लाख से अधिक वाहन स्क्रैप किए गए हैं. इनमें अकेले उत्तर प्रदेश में 1.97 लाख से अधिक वाहन स्क्रैप हुए. इस तरह देश में स्क्रैप किए गए कुल वाहनों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 48.5 प्रतिशत है. यह उपलब्धि प्रदेश में वाहन स्क्रैपिंग नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है.
उत्तर प्रदेश ने वाहन स्क्रैपिंग के लिए जरूरी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में भी उल्लेखनीय प्रगति की है. प्रदेश में 92 लाइसेंस प्राप्त पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र हैं, जिनमें से 51 वर्तमान में संचालित हैं. इससे वाहन मालिकों को अपने जीवन-चक्र पूरा कर चुके वाहनों को अनधिकृत कबाड़ बाजार में देने के बजाय पंजीकृत और विनियमित केंद्रों पर स्क्रैप कराने का सुरक्षित विकल्प मिल रहा है.
सरकार की नीति में पर्यावरण संरक्षण के साथ वाहन मालिकों के हितों का भी ध्यान रखा गया है. जमा प्रमाणपत्र के आधार पर नया वाहन खरीदने वाले पात्र वाहन मालिकों को सड़क कर में भी छूट मिलती है. गैर-परिवहन वाहनों पर 15 प्रतिशत तक जबकि परिवहन वाहनों पर 10 प्रतिशत रोड टैक्स छूट का प्रावधान है. एनसीआर क्षेत्र में पुराने ट्रक और बस को स्क्रैप कर नया वाहन खरीदने पर निर्धारित शर्तों के तहत 10 वर्षों के लिए 100 प्रतिशत तक रोड टैक्स छूट का प्रावधान भी किया गया है.
योगी सरकार वाहन स्क्रैपिंग के साथ उसकी गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दे रही है. पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों में निर्धारित मानकों के अनुरूप स्क्रैपिंग हो, इसके लिए परिवहन विभाग निरीक्षण और निगरानी कर रहा है. जुलाई 2026 में शिकायतें प्राप्त होने के बाद इन केंद्रों की कार्यप्रणाली की जांच के लिए विशेष निरीक्षण अभियान भी चलाया गया. प्रत्येक संभाग में अधिकारियों की संयुक्त टीमों को निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई.
परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तर प्रदेश बनाना है, जहां पुराने और अनफिट वाहन पीछे छूटें, प्रदूषण कम हो, सड़क सुरक्षा मजबूत हो और नागरिकों को स्वच्छ और आधुनिक परिवहन सुविधा मिले. वाहन स्क्रैपिंग नीति इसी व्यापक बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है और वर्ष 2047 के स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी.

