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मध्य प्रदेश में ज़मीन तलाश रहे चंद्रशेखर, भाजपा व कांग्रेस के नेताओं को क्यों बोले ताथैया

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर शुक्रवार को पार्टी के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में पहुंचे भोपाल. भाजपा और कांग्रेस दोनों पर बोला तीखा हमला.

CHANDRASHEKHAR RAVAN BHOPAL
आजाद समाज पार्टी कांशीराम के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में बोलते चंद्रशेखर (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 3, 2026 at 10:34 PM IST

4 Min Read
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भोपाल: उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी कांशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद अब मध्य प्रदेश की राजनीति में मजबूत जमीन तैयार करने की कोशिश में जुटते दिख रहे हैं. भोपाल के सिंधु भवन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर तीखा हमला बोला. जातिगत जनगणना, आरक्षण, वोट कटने, अल्पसंख्यकों पर हमले और संविधान पर खतरे को लेकर उन्होंने मौजूदा सत्ता व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया और दूसरी पार्टियों के पिछड़े नेताओं को ताथैया कहकर सीधा संदेश दिया.

जाति जनगणना को लेकर उठाए सवाल

भोपाल के सिंधु भवन में शुक्रवार को आयोजित बैठक में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर सरकार जातिगत जनगणना करा दे, तो एससी-एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों की आबादी 90 प्रतिशत के करीब निकलेगी. उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयोग को एक महीने में 100 करोड़ लोगों की एसआईआर कराने का समय दिया जा सकता है, तो पिछले 11-12 सालों से जातिगत जनगणना क्यों नहीं हो पा रही. मोदी सरकार बजट और समय का बहाना बना रही है.

भाजपा ने नहीं लागू होने दी मंडल आयोग की सिफारिश

आजाद ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि 1931 की जातिगत जनगणना में पिछड़ा वर्ग 52 प्रतिशत था. इसके बाद 1953 में बने काका कालेलकर आयोग की रिपोर्ट को कांग्रेस सरकार ने डस्टबिन में डाल दिया. मंडल आयोग बना, लेकिन जब उसकी सिफारिशें लागू करने का समय आया तो भाजपा ने समर्थन वापस ले लिया. मंडल आयोग की सिफारिशें दो चरणों में लागू होनी थीं, लेकिन आज भी 38 मांगें अधूरी हैं. आजाद ने आरोप लगाया कि सरकारें मूल रूप से पिछड़ा वर्ग विरोधी हैं.

पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्रियों को लेकर कही बात

पिछड़े मुख्यमंत्रियों के मुद्दे पर आजाद ने कहा कि संख्या के दबाव में पिछड़ा वर्ग का मुख्यमंत्री तो बना दिया जाता है, लेकिन सम्मान नहीं दिया जाता. शिवराज सिंह चौहान के समय आंदोलन करने पर मां-बहन की गालियां दी गईं. अब मोहन यादव मुख्यमंत्री हैं. उनसे वैचारिक मतभेद अलग हैं, लेकिन जैसे ही उन्होंने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का समर्थन किया, उनके खिलाफ व्यक्तिगत और जातिगत हमले शुरू हो गए.

आस्ट्रेलिया की जनसंख्या के बराबर यूपी में काटे वोट

एसआईआर के मुद्दे पर उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में 2.89 करोड़ वोट काट दिए गए. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की कुल आबादी करीब 2.80 करोड़ है. यानी एक पूरे देश के बराबर वोट यूपी में काट दिए गए, क्योंकि वहां हमने इन्हें हरा दिया था.

भाजपा-कांग्रेस में बैठे पिछड़े नेता ताथैया

चंद्रशेखर आजाद ने भाजपा और कांग्रेस में शामिल पिछड़े नेताओं को ताथैया बताते हुए कहा कि वे चाहकर भी कुछ नहीं कर सकते. पार्टी अगर संसद में पिछड़ों का आरक्षण खत्म करने का बिल लाएगी, तो मजबूरी में इन्हें अपने समाज के खिलाफ वोट करना पड़ेगा. इसलिए ऐसे ताथैयों को वोट की ताकत से गिराना होगा और अपने बीच के संघर्षशील नौजवानों को आगे लाना होगा.

समाज को अपनी ताकत दिखानी होगी

आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा का नाम लिए बिना आजाद ने कहा कि जब एक आदिवासी आईएएस अधिकारी की आवाज नहीं सुनी जा रही, तो गरीब आदमी की कौन सुनेगा. अगर समाज ने अपनी ताकत नहीं दिखाई, तो रोज कोई अपमानजनक शब्द बोलेगा और लोग सिर्फ मुकदमें दर्ज कराने दौड़ते रहेंगे.

क्रिश्चियन समुदाय का किया बचाव

अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ईसाई समाज को क्रिसमस मनाने तक नहीं दिया जा रहा है. चर्चों में घुसकर मारपीट हो रही है. मुस्लिम समाज के खिलाफ तलवारें बांटी जा रही हैं और नफरत फैलाई जा रही है. सवाल उठाया कि अगर आम आदमी ऐसा करे तो तुरंत मुकदमा और एनएसए लग जाएगा, लेकिन कुछ लोग खुलेआम तलवार बांटकर टीवी पर इंटरव्यू दे रहे हैं.

मुस्लिमों को लेकर कही बड़ी बात

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि देश का लोकतंत्र और संविधान खतरे में है. वंचित समाज अब भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी की ओर उम्मीद से देख रहा है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि जब तक अपना असली प्रतिनिधि सत्ता में नहीं पहुंचेगा, तब तक अधिकार सिर्फ कागजों में ही रहेंगे.