अमेरीकी दल ने बस्सी की कावड़ कला पर किया शोध, 5 दिन सीखी काष्ट कला की बारीकियां, बनाई डॉक्यूमेंट्री
शोधार्थी हर्ष कमल ने बताया कि अमेरिका के टेलर क्विलनिनल बस्सी की कावड़ पर शोध कर रहे हैं.

Published : July 7, 2026 at 6:26 PM IST
चित्तौड़गढ़: जिले के बस्सी क्षेत्र की काष्ट कला देश ही नहीं दुनिया भर के कला प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करती है. बस्सी में बनने वाली कावड़ और अन्य लकड़ी के खिलौने हर किसी का ध्यान खींच लेते हैं. इसी कला को जानने, समझने और शोध करने के लिए अमेरिका का एक दल 5 दिन तक बस्सी में रुका और इस पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई.
बस्सी के राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सत्यनारायण सुथार ने बताया कि अमेरिका और भारत के विद्यार्थियों के दल ने बस्सी में काष्ट कला की बारीकियां सीखीं. साथ ही स्वयं के स्तर पर कावड़ का निर्माण किया. सत्यनारायण सुथार ने बताया कि 5 दिन तक अमेरिकी दल व शोधार्थी बस्सी में रहे और कावड़ सहित विभिन्न विषयों पर डॉक्यूमेंट्री का निर्माण कर उसे प्रदर्शित किया. आगामी 25 जुलाई से जयपुर में होने वाले कार्यक्रम में वे भी शामिल होंगे. इस प्रोग्राम का नेतृत्व डॉ एडी वाउचर, स्टीफन मित्रा लिंडाहल, चंचल राठौड़ और गरिमा चौधरी ने किया.
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इधर, भारतीय शिल्प संस्थान के शोधार्थी हर्ष कमल ने बताया कि सेन्ट्रल फॉर इन्टिग्रेटिव स्टडीज इन सोशल साइंस, मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी अमेरिका की ओर से 'कल्चरल स्टडीज विद परपज' नाम से डॉक्यूमेंट्री बनाई गई. इसका प्रदर्शन उदयपुर में किया गया. इस अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक पहल में भारतीय शिल्प संस्थान के साथ समर्थ एक्सचेंज प्रोग्राम का आयोजन किया गया. इसके तहत अमेरिका और भारत के विद्यार्थियों ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परम्पराओं, सामाजिक जीवन और कला पर अध्ययन किया.

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शोधार्थी हर्ष कमल ने बताया कि अमेरिका के टेलर क्विलनिनल बस्सी की कावड़ पर शोध कर रहे हैं. उन्होंने बस्सी में 5 दिन तक लकड़ी से कावड़ बनाने और उस पर पेंटिंग का कार्य किया. इस दौरान मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के साथ जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी जयपुर और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्राफ्ट एंड डिजाइन जयपुर के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया. सभी प्रतिभागियों ने उदयपुर और आसपास के क्षेत्र में रहने वाले विभिन्न समुदायों, पारम्परिक शिल्प, लोक संस्कृति और सांस्कृतिक धरोहर का अध्ययन कर उदयपुर में ही डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया.



