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अमेरिका-ईरान तनाव के कारण हिमाचल की सड़कों की हालत हुई खस्ता, नहीं हो पा रही मरम्मत

लोक निर्माण विभाग बरसात खत्म होते ही करीब 800 किलोमीटर सड़कों की टारिंग करेगा. इस टारिंग पर पर 120 रुपए करोड़ खर्च किए जाएंगे.

बिटुमिन महंगा होने से नहीं हो पाई मरम्मत
बिटुमिन महंगा होने से नहीं हो पाई मरम्मत (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 24, 2026 at 8:37 PM IST

3 Min Read
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शिमला: अमेरिका-ईरान के बीच गतिरोध और तनाव का असर हिमाचल की सड़कों पर भी देखने को मिला है. दोनों देशों के बीच टकराव के कारण बिटुमिन महंगा हुआ, जिसका विपरीत प्रभाव हिमाचल में सड़कों की मरम्मत पर पड़ा है. लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अब राज्य सरकार बरसात के बाद 800 किलोमीटर सड़कों की टारिंग करेगी. हिमाचल विधानसभा के मानसून सेशन में कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह भाजपा विधायक डॉ. हंसराज के सवाल का जवाब दे रहे थे. उन्होंने कहा कि बिटुमिन महंगा होने की अतिरिक्त लागत राज्य सरकार वहन करेगी.

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इस साल ईरान अमेरिका युद्ध के कारण बिटुमिन की कीमतों में उछाल आ गया था. इस कारण एनुअल मेंटिनेस प्लान (एएमपी) के तहत राज्य की सड़कों में मरम्मत का काम पूरा नहीं हो पाया. उन्होंने सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से आग्रह किया था कि बिटुमिन रेट में हुई इस वृद्धि का खर्च यदि राज्य सरकार वहन करे तो ही सड़कों की मरम्मत का काम आगे हो सकता है.

सदन में कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मांग पर सहमति जताई है, जिसके लिए वह उनके आभारी हैं. मंत्री ने कहा कि अब लोक निर्माण विभाग बरसात खत्म होते ही करीब 800 किलोमीटर सड़कों की टारिंग करेगा. इस टारिंग पर पर 120 रुपए करोड़ खर्च किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इस काम के लिए लोक निर्माण विभाग ने सारी रूपरेखा तैयार कर ली है.

विधायक हंसराज के सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि चुराह विधानसभा क्षेत्र की जिन सड़कों को बनाने की बात विधायक कह रहे हैं, वहां जमीन विभाग के नाम ट्रांसफर नहीं है. मंत्री ने कहा कि इसके लिए विधायक अपने प्रभाव का इस्तेमाल करें और जमीन दिलवाएं. मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि चुराह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कल्हेल से भल्लीघराट-नैला सडक़ को जुंगराहर, हुदूंड, रैला इत्यादि गांव को सड़कों सुविधा से जोड़ने के लिए अभी तक किसी भी मद में किसी भी प्रकार का प्रावधान नहीं है. इसका एक मात्र कारण जमीन का न होना है.

मंत्री ने कहा कि मुख्य सड़क कल्हेल से शिंड की कुल लंबाई 6.500 किलोमीटर है. इस सड़क निर्माण की प्रशासनिक अनुमोदन एवं व्यय स्वीकृति 31 जनवरी 2023 को 211.67 लाख रुपये की अदर दैन मिनिमम नीड प्रोग्राम (ओटीएमएनपी) योजना के तहत दी गई थी. लेकिन इस मद में पर्याप्त बजट का प्रावधान न होने कारण निर्माण कार्य आरंभ नहीं किया जा सका. अब यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फोर बैच-2 के अंतर्गत प्रस्तावित है. इसकी डीपीआर बनाई जा रही है और जल्द ही डीपीआर तैयार कर राज्य तकनीकी अभिकरण को स्वीकृति के लिए भेज दिया जाएगा. स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत इसमे आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी.

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