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309 निकायों पर जयपुर में भाजपा का महामंथन शुरू ! तीन दिन में तय होंगे चुनावी चेहरे, संभागवार बैठकों में प्रत्याशियों पर लगेगी मुहर

पहले दिन तीन संभाग के 15 जिलों के निकायों के प्रत्याशियों पर मंथन हो रहा है.

भाजपा मुख्यालय पर मंथन के लिए पहुंच रहे नेता
भाजपा मुख्यालय पर मंथन के लिए पहुंच रहे नेता (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : August 27, 2026 at 2:16 PM IST

4 Min Read
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जयपुर : राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा ने संगठन स्तर पर अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. प्रदेश भाजपा मुख्यालय में गुरुवार से तीन दिवसीय संभागवार मंथन शुरू हुआ. 27 से 29 अगस्त तक होने वाली इन बैठकों में प्रदेश के सभी सात संभागों के निकायों के लिए प्रत्याशियों के नामों पर विस्तार से चर्चा होगी. पहले दिन अजमेर, उदयपुर और बीकानेर संभाग की बैठक में 15 जिलों के निकायों को लेकर मंथन किया जा रहा है. तीन दिन होने वाली संभागवार बैठकों में प्रत्याशियों पर नामों पर मुहर लगेगी.

इनकी मौजूदगी में हो रहा मंथन : राजनीतिक तौर पर भाजपा के लिए इन संभागवार बैठकों का महत्व इसीलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि टिकट वितरण के दौरान स्थानीय गुटबाजी और दावेदारों के बीच असंतोष को संभालना बड़ी चुनौती होगी. पार्टी का दावा है कि मजबूत संगठन और सरकार के कामकाज के आधार पर वह निकायों में सत्ता हासिल करेगी. बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, संगठन महामंत्री अजेय कुमार, प्रदेश निकाय चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी शामिल हो रहे हैं. इनके साथ ही संभाग प्रभारी, सह प्रभारी, निगम चुनाव प्रभारी, संभागीय निकाय चुनाव संचालन समिति के सदस्य, जिलाध्यक्ष, जिला संगठन प्रभारी, सांसद, वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव प्रत्याशी, विधायक और वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव प्रत्याशी शामिल हो रहे हैं. इस व्यापक भागीदारी के जरिए पार्टी स्थानीय स्तर के फीडबैक को प्रदेश नेतृत्व के सामने रखकर टिकट चयन को अंतिम रूप देने की तैयारी में है.

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तीन दिन में 309 निकायों पर फैसला : भाजपा के लिए यह प्रक्रिया इसीलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी को प्रदेश के 309 नगर निकायों के लिए उम्मीदवारों का चयन करना है. स्थानीय समीकरण, संगठन में सक्रियता, सामाजिक प्रतिनिधित्व और जीतने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए नामों पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी. माना जा रहा है कि तीन दिन के मंथन के बाद पार्टी प्रत्याशियों की सूची को अंतिम रूप दे देगी और करीब 30 अगस्त को एक साथ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जा सकते हैं. प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने बताया कि आज पहले दिन अजमेर, उदयपुर और बीकानेर संभाग निकाय चुनाव पर चर्चा हो रही है. 28 अगस्त को भरतपुर और कोटा और 29 अगस्त को जोधपुर और जयपुर संभाग की बैठक होगी. इन बैठकों में निकाय चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ प्रत्येक निकाय के संभावित प्रत्याशियों पर चर्चा की जाएगी.

सरकार के कामकाज को बनाएगी चुनावी मुद्दा : भाजपा इन चुनावों को राज्य सरकार के करीब 31 महीने के कामकाज और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के शासन से जोड़कर जनता के बीच जाने की तैयारी में है. श्रवण सिंह बगड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हुए लोक कल्याणकारी कार्यों और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पार्टी को चुनाव में मिलेगा. उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान निकायों की स्थिति खराब हुई, शहरी विकास के काम बाधित हुए और आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ा. भाजपा इन मुद्दों को भी चुनावी अभियान का हिस्सा बनाएगी.

संगठन की सक्रियता पर भरोसा : बगड़ी ने कहा कि प्रदेशभर में भाजपा कार्यकर्ताओं में निकाय चुनाव को लेकर उत्साह है और आम जनता के बीच भी पार्टी के प्रति सकारात्मक माहौल है. पार्टी का प्रयास है कि संगठन की जमीनी सक्रियता को चुनावी परिणाम में बदला जाए. बगड़ी ने कहा कि जनता का जनादेश भाजपा के पक्ष में आने पर राजस्थान का विकास केवल डबल इंजन नहीं, बल्कि ट्रिपल इंजन की रफ्तार से होगा. ऐसे में अगले तीन दिन भाजपा के लिए सिर्फ टिकट चयन नहीं, बल्कि निकाय चुनाव की पूरी राजनीतिक रणनीति तय करने के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं.