मेयर डिप्टी-मेयर पद को लेकर एमसी हाउस में जमकर हंगामा, भाजपा का एक पार्षद 2 महीने के लिए सस्पेंड
शिमला नगर निगम में करीब दो घंटे चले इस हंगामे में भाजपा और कांग्रेस के पार्षद आमने-सामने हो गए और जमकर नारेबाजी हुई.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 27, 2026 at 7:47 PM IST
शिमला: शिमला नगर निगम के हाउस में शुक्रवार को जमकर हंगामा देखने को मिला. हाउस शुरू होते ही भाजपा के पार्षदों ने फिर से वही सवाल उठाया कि मेयर और डिप्टी मेयर के पद खाली है तो सुरेंद्र चौहान और उमा कौशल कैसे हाउस की अध्यक्षता कर सकते हैं. इसी बात पर नारेबाजी शुरू हो गई. करीब दो घंटे चले इस हंगामे में भाजपा और कांग्रेस के पार्षद आमने सामने हो गए और दोनों दलों के एक दूसरे के मुरदाबाद के नारे लगा दिए. यहां तक की जोर जो से टेबल भी बजाए. हंगामे के चलते महापौर द्वारा 20 मिनट के लिए हाउस स्थगित कर दिया और जब दोबारा से हाउस शुरू हुआ तो भाजपा पार्षदों ने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी.
शिमला नगर निगम में हंगामा
हाउस में हंगामे के बीच मेयर सुरेंद्र चौहान आग बबूला हो गए और भाजपा के पार्षदों को अपने-अपने स्थान पर बैठने का कहा. उन्होंने कहा कि, हाउस में शहर के विकास पर चर्चा हो रही है और आप सभी विकास के काम रोक रहे हैं. इस बात पर हंगामा ज्यादा बढ़ गया और नारेबाजी जोर जोर से होने लगी. इस पर मेयर सुरेंद्र चौहान ने तो पहले सभी पार्षदों को सस्पेंड करने की बात कही, लेकिन आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने उन्हें रोक दिया. इसके बाद उन्होंने भाजपा के कृष्णानगर वार्ड के पार्षद बिट्टु कुमार पान्ना को टारगेट किया और उन्हें अनुशासिन हिनता के लिए दो महीने के लिए सस्पेंड कर दिया.
राज्यपाल को पत्र भेजा
वहीं, सदन के हंगामे के बाद तय किया गया कि कांग्रेस पार्षदों की ओर से राज्यपाल को पत्र भेजा जाएगा, जिसके माध्यम से महापौर व उपमहापौर कार्यकाल विस्तार प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने का अनुरोध किया जाएगा. सरकार द्वारा महापौर सुरेंद्र चौहान और उप महापौर उमा कौशल को कार्यकाल विस्तार का प्रस्ताव राज्यपाल के पास अनुमति के लिए दो बार भेजा गया है. लेकिन, अभी तक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं हुए हैं. ऐसे में एमसी में चल रहे विवाद को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने राज्यपाल से प्रस्ताव पर हस्ताक्षर का अनुरोध किया है.

भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर का कहना है कि, "मेयर को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है. कांग्रेस महिला विरोधी है क्योंकि अढ़ाई साल बाद मेयर पद पर महिला को बिठाया जाना था, लेकिन मेयर पद पर बने हुए हैं. ऊपर से भाजपा पार्षदों को सस्पेंड करने की बात कर रहे हैं, जबकि मेयर के पास ये अधिकार ही नहीं है."
भाजपा पार्षदों ने किया बजट का बहिष्कार
वहीं, नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने भाजपा पार्षदों के इस व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि, "पहले तो बजट का भाजपा पार्षदों ने बहिष्कार किया और जहां मासिक बैठक हो रही है इसमें भी भाजपा पार्षद हंगामा कर रहे हैं जो सही नहीं है. बैठक में शहर में कई मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन यहां पर भाजपा पार्षद बैठक नहीं करने दे रहे और हंगामा कर रहे हैं. इनका व्यवहार सही नहीं था, जिसको देखते हुए भाजपा पार्षद बिट्टू पाना को दो बैठकों के लिए सस्पेंड कर दिया है."
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