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हरियाणा विधानसभा घेराव पर सियासी संग्राम: हाउस अरेस्ट के बाद सदन में विपक्ष का हंगामा

विधानसभा मार्च से पहले कांग्रेस नेताओं की कथित हाउस अरेस्टिंग पर सदन में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया.

HARYANA ASSEMBLY CONGRESS PROTEST
हाउस अरेस्ट के आरोपों से हरियाणा सदन में हंगामा (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : February 25, 2026 at 2:14 PM IST

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चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस नेताओं को कथित रूप से हाउस अरेस्ट किए जाने के मुद्दे पर बुधवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ. रोहतक से कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन से पहले कांग्रेस नेताओं को घरों में नजरबंद किया गया.

"लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन": इस पर नेता प्रतिपक्ष भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि, "यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है और सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए." वहीं, दीपेन्द्र हुड्डा ने भी हरियाणा सरकार पर जमकर हमला बोला. दीपेन्द्र हुड्डा ने इसे लोकतंत्र का हनन करार दिया. साथ ही इसे सरकार की ताना शाही बताई. दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज को ऐसे दबा नहीं सकती. जनता की आवाज को इस तरह कुचला नहीं जा सकता. हम आगे भी यूं ही अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे."

हरियाणा विधानसभा घेराव पर सियासी संग्राम (ETV Bharat)

स्पीकर बोले-"यूटी प्रशासन का मामला": हंगामे के बीच स्पीकर हरविंदर कल्याण ने कहा कि, "यह विषय यूटी प्रशासन से संबंधित है और विधानसभा परिसर की घटना नहीं है." उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन यूटी प्रशासन के फैसलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता.

फोटो लहराने पर मंत्री ने उठाए सवाल: कांग्रेस विधायकों ने सदन में कथित हाउस अरेस्ट की तस्वीरें लहराईं. इस पर मंत्री महिपाल ढांडा ने तस्वीरों की प्रमाणिकता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की. उन्होंने आशंका जताई कि फोटो किसी अन्य परिस्थिति में ली गई हो सकती हैं.

सीएम का तय स्थान पर प्रदर्शन की नसीहत: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि, "किसी भी कांग्रेस नेता को हाउस अरेस्ट नहीं किया गया. लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन इसके लिए निर्धारित स्थान है. विधानसभा के आसपास प्रदर्शन करने पर यूटी प्रशासन ने संज्ञान लिया."

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बढ़ी सियासत: दरअसल, 24 फरवरी को कांग्रेस के विधानसभा मार्च के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बाधित होने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए डीजीपी चंडीगढ़ को तलब किया था. इसी पृष्ठभूमि में प्रशासन द्वारा नेताओं को रोके जाने की कार्रवाई से सियासी माहौल और गरमा गया.

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