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हंगामेदार रही देवाल बीडीसी बैठक, अधिकारी रहे गायब, भड़के जनप्रतिनिधि

बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग और एनपीसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के न पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों ने भारी नाराजगी जताई.

DEWAL BDC MEETING
हंगामेदार रही देवाल बीडीसी बैठक (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 21, 2026 at 5:49 PM IST

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थराली: देवाल विकासखंड की पहली बीडीसी बैठक ब्लॉक प्रमुख तेजपाल रावत की अध्यक्षता में संपन्न हुई. थराली विधायक भूपाल राम टम्टा भी इस बैठक में शामिल हुए. मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) चमोली अभिषेक त्रिपाठी की मौजूदगी में जनप्रतिनिधियों ने सड़क, बिजली, पेयजल जैसे प्रमुख मुद्दों को जोर-शोर से उठाया.

सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य को लेकर देवाल विकासखंड जूझ रहा है. भाजपा के कार्यकर्ता ही अपनी सरकार में अधिकारियों द्वारा गुणवत्ता के साथ कार्य नहीं किए जाने के बाबत लगातार शिकायत भी कर रहे हैं. इसके बाद भी अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता है. जल जीवन मिशन के तहत पानी की सबसे बड़ी समस्या देवाल मुख्य बाजार में रहती है. जल निगम कुंभकरणीय नींद में रहता है. अधिकारी झूठे आश्वासन देकर बीडीसी बैठक में अपना पल्ला झाड़ लेते हैं. जनता को बर गलाने का काम करते हैं. एक दिन की बैठक में पूरी झूठी तैयारी करके बीडीसी बैठक में बैठते हैं. जमीनी हकीकत कुछ और ही होती है.

हंगामेदार रही देवाल बीडीसी बैठक (ETV Bharat)

बीडीसी बैठक के दौरान तब जबरदस्त हंगामा हुआ. क्षेत्रीय विधायक खुद बीडीसी बैठक में बैठे. अधिकारियों की लापरवाही सामने आने से भाजपा कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिला. बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग और एनपीसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के न पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों ने भारी नाराजगी जताई. अपना आक्रोश व्यक्त किया. सदन से एनपीसीसी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग भी उठी. जिस पर सीडीओ अभिषेक त्रिपाठी ने सदन से औपचारिक प्रस्ताव भेजने की बात कही.

क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश गढ़िया ने देवाल विकासखंड को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने की मांग की. ग्राम प्रधान उमेश मिश्रा ने जल जीवन मिशन योजना के तहत बिना जल स्रोत सुनिश्चित किए पाइप लाइन बिछाने की समस्या को प्रमुखता से उठाया. आपदा के बाद सड़कों की बदहाली का मुद्दा भी सदन में छाया रहा. कई सदस्यों ने इस पर गंभीर चिंता जताई.

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