बारां शहरी सेवा शिविर में हंगामा, प्रभारी सचिव के सामने लोगों ने रखी शिकायतें, एक कार्मिक निलंबित
शिविर में कर्मचारियों की संख्या कम है और काम ज्यादा है. इसके चलते लोग परेशान हो रहे हैं.

Published : June 22, 2026 at 8:32 PM IST
बारां: नगर परिषद धर्मशाला में आयोजित शहरी सेवा शिविर के दौरान सोमवार को प्रभारी सचिव हरिमोहन मीणा के सामने लोगों ने हंगामा कर दिया. पट्टे की फाइलों में देरी की शिकायत पर प्रभारी सचिव ने संबंधित कार्मिक को निलंबित करने के निर्देश दिए. शिविर में विभिन्न कार्यों के लंबित रहने और समय पर समाधान नहीं मिलने से लोगों ने नाराजगी जताई. इस दौरान प्रभारी सचिव मीणा ने शिविर का निरीक्षण किया और लोगों की समस्याएं सुनीं. शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने पट्टे बनाने के कार्य में लापरवाही बरतने वाले कार्मिक नावेद को निलंबित करने के निर्देश दिए. साथ ही सभी कार्मिकों को अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने और कार्यों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए.
राज्य सरकार के निर्देशानुसार नगर परिषद बारां द्वारा धर्मशाला परिसर में शहरी सेवा शिविर का आयोजन किया जा रहा है. शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़े कार्यों के निस्तारण के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, लेकिन कई लोगों के कार्य लंबित रहने और प्रक्रिया में देरी होने से लोगों ने नाराजगी जताई. मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि कार्मिकों की संख्या कम होने और कार्यभार अधिक होने के कारण कुछ परेशानियां सामने आ रही हैं. इसी बीच प्रभारी सचिव हरिमोहन मीणा शिविर के निरीक्षण के लिए पहुंचे. लोगों ने उनके सामने अपनी समस्याएं और शिकायतें रखीं. निरीक्षण के दौरान सचिव ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्य प्रगति की जानकारी ली.
लापरवाही बर्दाश्त नहीं: प्रभारी सचिव ने सभी कार्मिकों को निर्देशित किया कि शिविर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का प्राथमिकता से समाधान किया जाए तथा अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए. उन्होंने कहा कि आमजन को राहत पहुंचाना शिविर का मुख्य उद्देश्य है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर भंवरलाल जनागल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे. बारां नगर परिषद के शहरी सेवा शिविर में लोगों की शिकायतों के बीच प्रभारी सचिव मीणा ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा लापरवाही बरतने वाले कार्मिक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए.

