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'गठबंधन में रहते हुए स्तरहीन बातें ना करें..' चिराग और मांझी को उपेंद्र कुशवाहा की नसीहत

उपेंद्र कुशवाहा ने चिराग पासवान और जीतनराम मांझी को आपसे में न उलझने की सलाह दी है. रिपोर्ट- रवि कुमार

Upendra Kushwaha
आरएलएम अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : September 1, 2026 at 1:39 PM IST

3 Min Read
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सासाराम: आरक्षण को लेकर इन दिनों बिहार की राजनीति गरमायी हुई है. मोदी कैबिनेट के दो मंत्री चिराग पासवान और जीतनराम मांझी एक-दूसरे पर हमलावर हैं. इस्तीफे की मांग हो रही है. जिस वजह से एनडीए के नेता अहसज दिख रहे हैं. इस बीच आरएलएम चीफ उपेंद्र कुशवाहा ने दोनों को संभलकर बोलने और स्तरहीन बातें न करने की नसीहत दी है.

'इस्तीफा मांगना ठीक नहीं': राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने रोहतास में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि दोनों नेता एनडीए में हैं. लिहाजा उनसे आग्रह करेंगे कि दोनों संयम बरतें. उन्होंने कहा कि गठबंधन में अलग-अलग दल होने के कारण विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है लेकिन बयानबाजी इस स्तर तक नहीं पहुंचनी चाहिए कि एक-दूसरे के इस्तीफे की मांग होने लगे.

चिराग और मांझी को उपेंद्र कुशवाहा की नसीहत (ETV Bharat)

चिराग-मांझी को दी सलाह: उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि एक ही गठबंधन का हिस्सा रहते हुए जिस तरह से दो दलों के शीर्ष नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं, वह उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि वह दोनों नेताओं से आग्रह करेंगे कि वे अपने बयानों में संयम रखें और विवाद को उस स्तर तक न जाने दें, जहां एक-दूसरे के इस्तीफे की बात शुरू हो जाए.

Upendra Kushwaha
मांझी और चिराग के साथ उपेंद्र कुशवाहा (ETV Bharat)

आरक्षण पर आरएलएम का रुख: वहीं, आरक्षण के मुद्दे पर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा जननायक कर्पूरी ठाकुर के फॉर्मूला को मानता है. बिहार में कर्पूरी ठाकुर के फार्मूले के आधार पर आरक्षण व्यवस्था लागू है और उनकी पार्टी इस व्यवस्था के पक्ष में है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनकी इच्छा है कि कर्पूरी फॉर्मूला के तहत वर्तमान में जो आरक्षण व्यवस्था लागू है, उसके दायरे को और बढ़ाया जाना चाहिए. उन्होंने आरक्षण के सवाल पर सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता जताई.

Upendra Kushwaha
रोहतास दौरे पर उपेंद्र कुशवाहा (ETV Bharat)

"अलग-अलग राय हो सकती है लेकिन एक-दूसरे के खिलाफ लोग इस्तीफे करो, जैसा आ रहा है दोनों तरफ से. एक ही गठबंधन में रहते हुए. हम दोनों लोगों से आग्रह करेंगे कि उस स्तर तक मत जाएं. जहां तक आरएलएम का सवाल है तो कर्पूरी ठाकुर जी ने आरक्षण पर जो फॉर्मूला दिया था, वही बेहतर है."- उपेंद्र कुशवाहा, अध्यक्ष, राष्ट्रीय लोक मोर्चा

चिराग-मांझी क्यों आमने-सामने?: दरअसल, कुछ वर्ग आरक्षण में समीक्षा की मांग को लेकर मुहिम चला रहे हैं. जीतनराम मांझी ने इसका समर्थन किया है, जबकि चिराग पासवान का कहना है कि आरक्षण में किसी तरह की छेड़छाड़ मंजूर नहीं होगी. दोनों एक-दूसरे से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. वहीं तेजस्वी यादव का कहना है कि दोनों नेताओं को पहले लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना चाहिए और किसी सामान्य सीट से चुनाव लड़ना चाहिए. इसके बाद ही आरणक्ष पर बात करना चाहिए.

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