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साड़ी में दंगल, हमीरपुर की महिलाओं की ये अनोखी कुश्ती आपको हैरान कर देगी

निवादा गांव में हर वर्ष होने वाले महिलाओं के अनोखे दंगल का आयोजन.

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साड़ी में दंगल. (etv bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 30, 2026 at 10:15 AM IST

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हमीरपुर: रक्षाबंधन के एक दिन बाद निवादा गांव में हर वर्ष होने वाले महिलाओं के अनोखे दंगल का आयोजन शनिवार को हुआ. कजली विसर्जन के बाद शाम करीब सवा छह बजे गांव के पुराने बाजार में महिलाएं जुटीं और अखाड़े में एक-दूसरे को दांव-पेंच आजमाए. पारंपरिक साड़ी और धोती में महिलाओं ने कुश्ती लड़ी. खास बात रही कि दंगल में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहा.


कार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं ने बजरंग तालाब में कजली खोटने के बाद की. कजलियों के विसर्जन के बाद शाम करीब सवा छह बजे महिलाएं पुराने बाजार में एकत्र हुईं. निवर्तमान ग्राम प्रधान गिरजा देवी ने महिला पहलवानों के हाथ मिलवाकर दंगल की शुरुआत कराई.

पहली कुश्ती मालती शुक्ला और माया गुप्ता के बीच हुई, जिसमें मालती ने माया को चित कर दिया. कौशिल्या ने मुलिया, रामसखी ने शकुंतला और संपत सविता ने श्यामा पाल को पटखनी दी. विद्या नामदेव और मोहनी के बीच हुए मुकाबले में विद्या विजयी रहीं. वहीं रानी भुर्जी ने मीरा दर्जी को हराकर मुकाबला अपने नाम किया.

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साड़ी में दंगल. (etv bharat)

महिलाओं के दंगल को देखने के लिए गांव की युवतियों और महिलाओं की भारी भीड़ जुटी. दंगल में अभिलाषा गुप्ता और पूजा गुप्ता ने निर्णायक की भूमिका निभाई. समापन पर निवर्तमान ग्राम प्रधान गिरजा देवी ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार और मिष्ठान वितरित किया.

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साड़ी में दंगल. (etv bharat)

गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक जगदीश जोशी और सुरेश शुक्ल ने बताया कि महिलाओं के दंगल की परंपरा आजादी से पहले से चली आ रही है. उस समय अंग्रेजों के अत्याचार के दौर में महिलाओं को शारीरिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की गई थी. गांव के अंकित पाठक ने बताया कि आगामी वर्षों में इस पारंपरिक दंगल को और अधिक व्यवस्थित और प्रोफेशनल बनाने का प्रयास किया जाएगा.

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