60 हजार में पिस्टल और 350 रुपए में कारतूस बेचता था गैंग; UP STF ने 4 को किया गिरफ्तार
गैंग के बारे में जानकारी मिल रही थी कि यह लोग बड़े पैमाने पर अवैध हथियार और कारतूस की खरीद-फरोख्त कर रहा हैं.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 3, 2026 at 9:02 AM IST
लखनऊ: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने अवैध हथियारों और कारतूस की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की है. एसटीएफ की टीम ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो सेमी ऑटोमैटिक .32 बोर पिस्टल, 4 मैगजीन, 50 जिंदा कारतूस, 7 खोखा कारतूस, एक होंडा सिटी कार, 5 मोबाइल फोन और 2,420 रुपए नकद मिला है.
एसटीएफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से गैंग के बारे में जानकारी मिल रही थी कि यह लोग बड़े पैमाने पर अवैध हथियार और कारतूस की खरीद-फरोख्त कर रहा हैं. इसी सूचना के आधार पर अपर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार नागर के अंडर में एक टीम बनाई गई. टीम ने 1 जुलाई की रात करीब 11:50 बजे गाजीपुर थाना क्षेत्र में कल्याण अपार्टमेंट तिराहे के पास घेराबंदी कर होंडा सिटी कार में सवार 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार आरोपियों में संदेश प्रताप सिंह उर्फ राज निवासी दयारामपुरवा, बीबीडी, विवेक प्रजापति निवासी गोमती नगर, नितिन कुंडी निवासी मटियारी, चिनहट और प्रिंस गुप्ता उर्फ सल्लू भाई निवासी कंचनपुर मटियारी, चिनहट शामिल हैं. एसटीएप की पूछताछ में मुख्य आरोपी नितिन कुंडी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ गैंग बनाकर अवैध हथियार और कारतूस की खरीद बिक्री करता है.
उसने यह भी बताया कि पहले वह सिंथेटिक ड्रग्स और ऑर्गेनिक गांजा बेचने के धंधा करता था. करीब दो साल पहले पुलिस मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी थी. जेल से बाहर आने के बाद उसने रंगदारी और अपराधी गतिविधियों के लिए अवैध हथियारों का कारोबार शुरू किया. उसके खिलाफ लखनऊ के विभिन्न थानों में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी हो चुकी है.
पूछताछ में संदेश प्रताप सिंह ने बताया कि वह एक रियल एस्टेट कंपनी में पार्टनर है और भूमि कब्जा व रंगदारी के मामलों में लोगों में भय पैदा करने के लिए अवैध हथियारों का इस्तेमाल करता है. आरोपियों ने बताया कि उन्हें हथियार गोरखपुर निवासी अभि उर्फ अभिषेक उपलब्ध कराता है. वह एक पिस्टल करीब 25 हजार रुपए में खरीदकर 50 से 60 हजार रुपए में बेचते हैं. .32 बोर का एक कारतूस 300-350 रुपए में खरीदकर 400 से 500 रुपए में बेचते हैं.
आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि वह रंगदारी, वसूली, जमीन पर अवैध कब्जे और अन्य आपराधिक गतिविधियां भी करते हैं. जांच में पता चला है कि बरामद होंडा सिटी कार का इस्तेमाल भी हथियारों की खरीद बिक्री सहित अन्य अपराधों में किया जाता है.
एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार, नितिन कुंडी, विवेक प्रजापति और संदेश प्रताप सिंह के खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास, रंगदारी, मारपीट, लूट, एससी-एसटी एक्ट, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं. प्रिंस गुप्ता के खिलाफ भी इस मामले में आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है. चारों आरोपियों के खिलाफ गाजीपुर थाने में आर्म्स एक्ट की धारा 3/25(1-B)(A) और 25(8) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
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