राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का बड़ा बयान- भ्रष्टाचार करते हैं अधिकारी लेकिन बदनाम होती है सरकार
खेत किराए पर दिया तो हो जाएगा कब्जा इसलिए चाहे घर हो या खेत सभी की खतौनी होनी जरूरी.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 27, 2026 at 1:06 PM IST
सोनभद्र/मिर्जापुर: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल गुरुवार को सोनभद्र पहुंची. दोपहर 12 बजे उन्होंने कलेक्ट्रेट में नवनिर्मित सरदार बल्लभभाई पटेल उद्यान का लोकार्पण किया. इसके बाद वित्तीय समावेशन शिविर का निरीक्षण किया और नाबार्ड, आरसेटी की तरफ से लगाए गए शिविर का उदघाटन किया. इसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में भी हिस्सा लिया. वहीं मिर्जापुर जनपद के देवरी गांव पहुंची राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने निर्माणाधीन मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का निरीक्षण कर परसिर में पौधरोपण किया.
राज्यपाल ने इसके बाद विकास भवन में प्रमाणपत्र वितरण समारोह में भी लिया हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने 200 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को प्री स्कूल किट और महिलाओं को पोषण पोटली का वितरण किया. उन्होंने आदिवासियों को वनाधिकार पट्टो और आयुष्मान कार्ड भी लाभार्थियों को वितरण किया. इस दौरान मंच पर सदर विधायक भूपेश चौबे, घोरावल विधायक अनिल मौर्या और समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव गोंड़ भी उपस्थित थे.

मंच से लोगों को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा, उन्हें अपने विभाग के बजट के बारे में जानकारी नहीं होती, उनकी लापरवाही की वजह से केवल 50% बजट का ही उपयोग हो पाता है. उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक में पता चला कि इस साल मेधावी छात्रों के साइकिल और स्कूटी का बजट लैप्स हो गया, जबकि स्कूटी के लिए 300 करोड़ का बजट आवंटित था लेकिन अब वित्तीय वर्ष समाप्त हो रहा है और बजट लैप्स हो रहा है.
आनंदीबेन ने कहा, अधिकारियों को बजट के मुताबिक योजना बनाकर सरकार से ज्यादा से ज्यादा ग्रांट लेनी चाहिए क्योंकि यह ग्रांट गरीबों, महिलाओ और आदिवासियों के लिए होता है. अमीरों के लिए नहीं होता है. मंच से बोलते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ज्यादातर खून खराबा जमीनों को लेकर होता है इसलिए चाहे घर हो या खेत सभी की खतौनी होनी चाहिए, नहीं तो अगर खेत किराए पर दिया तो वह कब्जा कर लेगा.
खतौनी देने का काम काम राजस्व विभाग का है. राजस्व विभाग को लक्ष्य बनाकर और चौपाल लगा करके गांव-गांव में यह काम करना चाहिए. भ्रष्टाचार पर मंच से बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि अधिकारियों को नियम देखना चाहिए, जो पात्र हों उसको लाभ देना चाहिए और जो अपात्र हो उसे समझना चाहिए और रास्ता बताना चाहिए लेकिन इसके लिए यदि पैसे की मांग होती है तो पैसा कैसा? भ्रष्टाचार अधिकारी करते हैं और बदनाम सरकार होती हैं. उन्होंने डीएम बद्रीनाथ सिंह और एसपी से ऐसे मामलों में न्याय करने की अपील की. इसके बाद, पंचायत सभागार सोनभद्र में कार्यक्रम के बाद राज्यपाल पुलिस लाइन हेलीपैड से वाराणसी के लिए रवाना हो गईं.

मिर्जापुर: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के जाने के बाद कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने बताया कि राजपाल निर्माणाधीन विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने आई थी. उसके कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी ली है. साथ ही विश्वविद्यालय में कितने छात्रों का एडमिशन हुआ है, विश्वविद्यालय को और कैसे उत्कृष्ट ऊपर ले जाने को निर्देशित किया है. बेन ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण कर स्कूली बच्चों को बैग वितरण किया.
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