मेरठ को सौगात; AI बेस्ड डायबिटिक रेटिनोपैथी स्क्रीनिंग मोबाइल वैन गांव-गांव जाकर करेगी मुफ्त इलाज
डिजिटल और स्मार्ट तकनीक से लैस, जानिए मशीन की खासियत क्या है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 3, 2026 at 1:44 PM IST
मेरठ: मेडिकल कॉलेज मेरठ को अब एक खास अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस डायबिटिक रेटिनोपैथी स्क्रीनिंग मोबाइल वैन की सौगात मिल गई है. लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर आर.सी गुप्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार की तरफ से ये महत्वपूर्ण और बेहद ही उपयोगी वैन दी गई है. उन्होंने बताया कि शासन स्तर से मेडिकल कॉलेज मेरठ के नेत्र रोग विभाग, के.जी.एम.यू. लखनऊ और राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रयागराज को बीते साल एक साथ “एडवांस डायबिटिक रेटिनोपैथी सेन्टर“ घोषित किया गया था.

मेडिकल कॉलेज के उच्चीकृत नेत्र रोग विभाग में संचालित “डायबिटिक रेटीनोपैथी सेन्टर” की तरफ से डायबिटिक रेटिनोपैथी स्क्रीनिंग मोबाइल वैन ऐसे लोगों के लिए बड़ी मददगार साबित होगी. बता दें, डायबिटीज (मधुमेह) रोग से ग्रसित एक व्यक्ति बताते हैं कि क्योंकि शुगर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, ये एक चिंता का विषय भी है. शुगर की प्रॉब्लम होने से, आंखों के पर्दों में भी डायबिटिक रेटिनोपैथी की समस्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं.
समय पर इलाज मिला तो आंखे सही सलामत: लाल लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में रेटिना स्पेशलिस्ट के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे प्रियांक ने बताया कि अगर समय रहते किसी व्यक्ति की जांच हो जाए और साथ ही उसको इलाज भी मिल जाए, तो डायबिटिक रेटीनोपैथी के कारण आंख की रोशनी जाने से बचाया जा सकता है. इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए ही नेत्र रोग विभाग ने इस मोबाइल वैन का निर्माण कराया गया है.

- इस मोबाइल वैन में ए.आई. (Artificial Intelligence) फन्डस कैमरा, इन्डायरैक्ट ऑप्थलमोस्कोप, स्लिट लैम्प, एन.सी.टी., ओटोरैफ्रैक्टोमीटर, चेयर यूनिट सहित विभिन्न आधुनिक उपकरण लगे हुए हैं.
- इस वैन को जिले के गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रयास किए जाएंगे.
- लोगों को नेत्र रोग से जुड़ी जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी.
- इसमें एक बड़ी टी.वी. स्क्रीन भी लगाया गया है, जिसके माध्यम से ऐसी बिमारियों से सम्बन्धित जानकारियां दी जाएंगी.
इस बारे में नेत्र रोग विभाग के HOD डॉक्टर लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि खास सुविधाओं से लैस इस वाहन का उपयोग आंखों की बिमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करने के अलावा, विभिन्न नेत्र रोग जांच शिविरों के आयोजन में किया जाएगा. इतना ही नहीं जहां भी वैन पहुंचेगी, वहां के आसपास के लोगों की न सिर्फ जांच की जाएगी, बल्कि सभी सुविधाएं भी पूरी तरह से निशुल्क दी जाएंगी.
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