लखपति दीदी बनेंगी करोड़पति दीदी, ग्राम विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया एलान
स्वयं सहायता समूहों (SHG) की दीदियों के उत्पाद यूरोप के बाजारों में बेचे जाएंगे

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 28, 2026 at 4:42 PM IST
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक नया और महत्वाकांक्षी कदम उठाने जा रही है. सरकार अब 'लखपति दीदी' को 'करोड़पति दीदी' बनाने की योजना में जुटी है. प्रदेश के सभी जिलों में कम से कम 100-100 महिलाओं को करोड़पति बनाया जाएगा. उनके उत्पादों की विशेष ब्रांडिंग की जाएगी और यूरोपीय यूनियन के साथ हुए समझौतों का लाभ उठाते हुए, उत्तर प्रदेश की स्वयं सहायता समूहों (SHG) की दीदियों के उत्पाद को यूरोप के बाजारों में बेचे जाएंगे.
महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जाएगा: इस संबंध में उप मुख्यमंत्री एवं ग्राम विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश भर के मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक के बाद बुधवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. मौर्य ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि पहले एक करोड़ महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाया जाए और फिर उन्हें आगे बढ़ाकर 'करोड़पति दीदी' का दर्जा दिलाया जाए.
विकसित उत्तर प्रदेश: उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं पहले से ही सक्षम हैं और उनकी उत्पादें काफी अच्छी हैं. केशव प्रसाद मौर्य ने 'एक जनपद-एक उत्पाद' योजना के तहत उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही 'एक जनपद-एक व्यंजन' के लिए विशेष कैंटीन स्थापित करने की बात कही. उन्होंने विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प पर जोर दिया.
केशव प्रसाद मौर्य ने 826 विकास खंडों में सोलर यूनिट स्थापित करने, ई-रिक्शा चलाने वाली दीदियों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाने और अन्य सुविधाओं को जमीन पर उतारने के निर्देश दिए. प्रेस वार्ता में उप मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की दुर्घटना में हुई मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है. मौर्य ने बैठक में सीडीओ को निर्देश दिए कि विधायक निधि के प्रस्तावों को 45 दिनों में पास किया जाए और दिशा कमेटी की बैठकें कैलेंडर बनाकर समय पर आयोजित की जाएं ताकि भुगतान में देरी न हो.
मौर्य ने 'विकसित भारत 2047' के तहत स्मार्ट गांव बनाने की योजना पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर ऊर्जा, महिला उद्यमिता और उत्पादों की ब्रांडिंग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लाखों महिलाएं पहले से जुड़ी हुई हैं. अब उन्हें वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. यह योजना महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि उन्हें वैश्विक बाजारों में स्थापित करने में मदद करेगी. सरकार का मानना है कि जब गांव समृद्ध होंगे, तभी देश विकसित होगा.
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