जल्द ही अपने बिल्डिंग में पहुंचेगी यूपी की पहली खेल यूनिवर्सिटी, नए सत्र में 300 से ज्यादा स्टूडेंट्स को मिलेगा अवसर
हॉकी के महान खिलाड़ी रहे मेजर ध्यानचंद के नाम पर यूपी के मेरठ जिले के सलावा में खेल विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य अंतिम दौर में.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : April 23, 2026 at 4:40 PM IST
मेरठ: हॉकी के महान खिलाड़ी रहे मेजर ध्यानचंद के नाम पर यूपी के मेरठ जिले के सलावा में खेल विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य इन दिनों चल रहा है, अभी तक जहां सिर्फ और सिर्फ एक कोर्स (BPES) की पढ़ाई विश्वविद्यालय के द्वारा कराई जा रही है.
वहीं इस साल अलग-अलग कोर्सेज भी संचालित होने जा रहे हैं. मई-जून में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. विश्वविद्यालय का अभी निर्माण कार्य भी चल रहा है. खेल विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत बताते हैं कि पिछले साल 2025 में BPES कोर्स की शुरुआत यहां कर दी गई थी. 25 स्टूडेंट्स को यहां एडमिशन भी दिया गया था, जो कि वर्तमान में यहां पढ़ाई कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि अभी यूनिवर्सिटी का अपना कैंपस बन रहा है. ऐसे में मोदीपुरम में स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी तकनीकी संस्थान से ही खेल यूनिवर्सिटी संचालित हो रही है.
इस बार 2026- 27 सत्र के लिए 300 से 315 और बच्चों के एडमिशन इस बार किए जाएंगे. इसको लेकर महत्वपूर्ण बैठक भी हो चुकी है और तैयारी चल रही है. मई-जून में यह एडमिशन यहां शुरू होने जा रहे हैं.
विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर दीप अहलावत ने ईटीवी भारत को बताया कि इस बार अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स भी शुरू किये जाएंगे. दावा है कि खेल विश्वविद्यालय सितंबर 2026 तक विकसित हो जाएगा. वहां कंस्ट्रक्शन का काम 31 मई तक काम समाप्त हो जाएगा.
बकौल खेल विश्वविद्यालय वीसी मेजर जनरल दीप अहलावत ने कहाकि "मैं स्वयं और विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और अन्य स्टाफ भी एक्टिव रहते हैं, हालांकि कार्यदाई संस्था काम कर रही है. उनसे लगातार अपडेट ले रहे हैं. खुद फिजिकली कार्य को देख रहे हैं, सभी उत्साहित भी हैं".
उन्होंने उम्मीद जताई कि 31 मई के बाद इसे टेक ओवर करेंगे और फिर वहां पहुंच कर सभी सुविधाएं विकसित करने की कोशिश होगी.
ऐसे में सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय में अभी जो स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी संचालित हो रही है. उसके बाद अगस्त-सितंबर से उम्मीद है कि सलावा स्थित खेल विश्वविद्यालय में यूनिवर्सिटी का प्रशासनिक कार्य भी होने लगेगा और विश्वविद्यालय का समस्त स्टाफ भी पहुंच जाएगा.
अहलावत ने कहाकि भविष्य में अलग-अलग खेलों को जोड़ने की शुरुआत होगी. इसको लेकर बोर्ड ऑफ भारत की एक मीटिंग के बाद यहां से गवर्नर दफ्तर के लिए फाइल भेज दी गई है. अगले महीने विश्वविद्यालय की कुलाधिपति सह राज्यपाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक होगी. इसके बाद कोर्सेज के बारे में स्पष्ट हो जाएगा कि अभी कौन-कौन से कोर्स हैं, जो यहां संचालित होने जा रहे हैं.
साथ ही एकेडमिक फ्रंट पर भी कोर्सेज की शुरुआत करने के लिए, उसके करीकुलम डेवलेपमेंट के लिए कंटेंट डेवलेपमेंट से लेकर खेल सुविधाओं के ऊपर पूरा फोकस किया जा रहा है.
यूनिवर्सिटी के एरिया को इस वक्त मिट्टी से फुल किया जा रहा है. लगभग एक मीटर मिट्टी डाली जा रही है. उसके ऊपर फिर दूसरी लेयर डाली जानी है, क्योंकि उसके ऊपर सिंथेटिक ट्रैक आने हैं. उस पर ध्यान दिया जा रहा है कि कहीं किसी तरह की लापरवाही ना हो.
अहलावत ने बताया कि जैसे ही मिट्टी का कार्य पूरा हो जाएगा. उसके बाद फुटबॉल ग्राउंड, हॉकी ग्राउंड के अलावा, इंडोर गेम के लिए इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में काम पूरा कराया जाएगा. उसके अंदर कम से कम दस गेम्स होंगे. उसका काम भी तेजी से चल रहा है.
खेल यूनिवर्सिटी में प्रवेश पाने के लिए एडमिशन की प्रक्रिया मेरिट पर आधारित होगी, जिसमें एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को जितने मार्क्स मिलेंगे. उसी के आधार पर फिर एक फिजिकल टेस्ट होगा. यहां उनकी परफॉर्मेस को देखते हुए उसी के आधार पर फिर मेरिट निकालेंगे और उसी के आधार पर एडमिशन दिया जाएगा.
विश्वविद्यालय के वीसी मेजर जनरल दीप अहलावत बताते हैं कि जो भी राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता हैं, उनके लिए डायरेक्ट एडमिशन का प्रावधान भी है. वर्तमान में जो खिलाड़ी BPES (Bachelor of Physical Education and Sports) कोर्स कर रहे हैं. उनमें कई खिलाड़ी बहुत अच्छा परफॉर्म भी कर रहे हैं.
हाल ही में कई खिलाड़ी शूटिंग और बैडमिंटन जैसी प्रतियोगिताओं में भी परफॉर्म कर रहे हैं. हाल ही में यहां के स्टूडेंट्स बैडमिंटन और बॉक्सिंग में अपने खिलाड़ी क्वॉर्टर फाइनल तक भी अभी खेले हैं. राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में तो यहां पढ़ाई करने वाले खिलाड़ी पदक भी जीतकर लाए हैं.
इसको लेकर ऋषि का कहना है कि क्योंकि अभी खेल सुविधाएं का थोड़ा अभाव है. अभी ठीक से स्टैंड की मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है और जिस तरह से कोचिंग ट्रेनिंग होनी चाहिए, वो भी अभी तक नहीं हो पा रही है. अभी तो सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय में सेपरेट पोर्शन में यूनिवर्सिटी चल रही है और BPES के जो छात्र हैं, उन्हें प्रैक्टिस के लिए शहर के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में भेजा जाता है. ऐसे में स्टूडेंटस का समय भी लगता है. जब अपना काम पूरा हो जाएगा तो यह सब समस्याएं भी हल हो जाएंगी. उसके बाद सभी देखेंगे कि जो बच्चे हैं, पढ़ाई करेंगे. देश के लिए भी मेडल लाएंगे. और अलग-अलग प्रतियोगिताओं में भी अच्छा परफॉर्म करेंगे.
वीसी ने बताया, एकेडमिक काउंसिल की बैठक जल्द को होने वाली है. जिसमें ये तय किया जाएगा कि आगामी सत्र् 2026-2027 में कौन-कौन से नए कोर्स शुरू किए जाएंगे. वर्तमान में यहां पढ़ रहे छात्र नेशनल और स्टेट लेवल पर खेलते हुए पदक जीत चुके हैं. कुलपति का मानना है कि आने वाले साल में और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और यहां से पदक जीतने वाले खिलाड़ी भी तैयार होंगे.
गौर करें तो मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र के सलावा में गंगनहर के किनारे जनवरी 2022 में प्रदेश की पहली खेल यूनिवर्सिटी का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के नाम पर इस खेल यूनिवर्सिटी नाम रखा गया है.
इस कैम्पस में वॉटर स्पोर्ट्स जैसे राफ्टिंग, भारोत्तोलन, कुश्ती, हॉकी, जैवलिन थ्रो, वॉलीबॉल, नौकायन और पारंपरिक खेलों को भी बढ़ावा मिलेगा. खेल विश्वविद्यालय से खिलाड़ी पीएचडी, बैचलर और मास्टर डिग्री और पीजी डिप्लोमा का कोर्स कर सकेंगे.
इस यूनिवर्सिटी में प्रशासनिक ब्लॉक, एकेडमिक ब्लॉक, ऑडिटोरियम, सेंट्रल लाइब्रेरी, अतिथि गृह, कुलपति आवास, पुरुष छात्रावास, महिला छात्रावास, अधिकारियों व कर्मचारियों के अलग-अलग टाइप 2, तीन, 4 और 5 आवास का निर्माण किया गया है.
प्रदेश की पहली खेल यूनिवर्सिटी में मल्टीपरपज हॉल, जिम्नेजियम, योगा हॉल, 60 मीटर शूटिंग रेंज, 90 मीटर शूटिंग रेंज व 125 मीटर शूटिंग रेंज, 100 मीटर ट्रैक, हॉकी ग्रांउड, फुटबॉल, एथलेटिक्स, हैंडबॉल कोर्ट आदि खेल भी यहां बनाए जा रहे हैं.

