यूपी विधानसभा चुनाव से पहले 2026 में होगा चुनावी दंगल, सभी पार्टियों को दिखाना होगा दम
यूपी में 2026 में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे. 10 राज्यसभा, 6 MLC सीट और पूरे राज्य में पंचायत चुनाव होंगे.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 5, 2026 at 5:18 PM IST
|Updated : January 5, 2026 at 11:15 PM IST
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव साल 2027 में होगा. उससे पहले साल 2026 में भी चुनाव को लेकर बीजेपी, सपा, कांग्रेस और बसपा मजबूत तैयारी करेंगी. बीजेपी और सपा तेजी ला चुकी हैं. इसमें 10 राज्यसभा, छह MLC और दो एमएलए सीट के लिए उपचुनाव होगा. इसके साथ ही पंचायत चुनाव भी होगा.
कुल मिलाकर ये सारे चुनाव उत्तर प्रदेश विधानसभा का एक रिहर्सल भी हैं. उत्तर प्रदेश की सियासत के इस सेमीफाइनल में जीत विधानसभा चुनाव फाइनल की ओर एक बड़ा कदम होगी.
उत्तर प्रदेश में 2026 राजनीतिक दलों के लिए काफी व्यस्त और चुनौतीपूर्ण साल साबित होने वाला है. विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं, लेकिन उससे पहले 2026 में कई महत्वपूर्ण चुनाव और उपचुनाव होने हैं.
इनमें बीजेपी, सपा, बसपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां अपनी पूरी ताकत झोंकेंगी. ये चुनाव 2027 के लिए सेमीफाइनल की तरह माने जा रहे हैं, क्योंकि इनसे जनता का मूड और पार्टियों की ताकत का अंदाजा लगेगा.
राज्यसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की कुल 10 सीटें 2026 में खाली होंगी. ये चुनाव अप्रैल से नवंबर के बीच अलग-अलग चरणों में होंगे. राज्यसभा सदस्यों का चुनाव विधानसभा के सदस्य (एमएलए) करते हैं. यूपी विधानसभा में 403 सदस्य हैं, इसलिए यहां का गणित काफी अहम है. बीजेपी और सपा मुख्य मुकाबले में हैं.
राज्यसभा की इन 10 सीटों पर जीत से संसद के ऊपरी सदन में पार्टियों की ताकत बढ़ेगी या घटेगी. देशभर में कुल 75 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होंगे, जिसमें यूपी की 10 सबसे ज्यादा हैं. बृजलाल, डॉ दिनेश शर्मा, गीता शाक्य, डॉ हरदीप पुरी, रामजी गौतम, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, अरुण सिंह, बी एल वर्मा, प्रोफेसर रामगोपाल यादव की सीटें 2026 में खाली होंगी.
विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव
उत्तर प्रदेश विधान परिषद (विधानसभा की ऊपरी सदन) में 11 एमएलसी सीटें 2026 में चुनाव के जरिए भरी जाएंगी. ये उपचुनाव स्नातक और शिक्षक के वोटर द्वारा ही होते हैं. ये सीटें विधान परिषद की कुल 100 सदस्यता में महत्वपूर्ण हैं. पार्टियां यहां भी अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगी. शिक्षक क्षेत्र में छह और स्नातक क्षेत्र की 5 सीटें हैं.
विधानसभा उपचुनाव
2026 में यूपी विधानसभा की 2 सीटों पर उपचुनाव होने हैं. ये उपचुनाव तब होते हैं, जब कोई विधायक इस्तीफा दे दे, निधन हो जाए या अयोग्य घोषित हो. बरेली की फरीदपुर और गाजीपुर की घोसी सीट के विधायकों की मृत्यु के बाद इन सीटों पर उपचुनाव होगा.
पंचायत चुनाव
सबसे बड़ा और जमीनी स्तर का चुनाव त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होगा. ये अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच होने की संभावना है. उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव काफी बड़े पैमाने पर होते हैं. इसमें शामिल हैं: ग्राम पंचायत: लगभग 58,000 ग्राम प्रधान पद.
क्षेत्र पंचायत ब्लॉक स्तर पर
ब्लॉक स्तर पर क्षेत्र पंचायत के हजारों सदस्यों के पद खाली हैं.
जिला पंचायत
सभी जिलों में सदस्य और अध्यक्ष पद का चुनाव होना है. इस तरह से कुल मिलाकर लाखों पदों पर चुनाव होंगे. ये चुनाव ग्रामीण इलाकों में पार्टियों की जड़ें मजबूत करने का सबसे बड़ा अवसर है.
2021 के पंचायत चुनाव में बीजेपी और सपा ने अच्छा प्रदर्शन किया था. अब 2026 में ये 2027 विधानसभा चुनाव का माहौल बनाएंगे. राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूची तैयार कर रहा है, जिसमें नए वोटर जुड़ रहे हैं.
इन सभी चुनावों में बीजेपी सत्ता की ताकत दिखाएगी, जबकि सपा, बसपा और कांग्रेस विपक्षी एकता के साथ चुनौती देंगी. 2026 यूपी की राजनीति में हलचल का साल होगा, जो 2027 के बड़े फैसले की नींव रखेगा. पार्टियां अभी से तैयारी में जुटी हैं.
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ल ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी अपनी नीतियों और कार्यक्रमों के जरिए जनता के बीच लगातार पहुंच रही है. 2014 से लगातार विपक्ष को हार का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद वह सबक नहीं ले रहे. उन्होंने कहाकि हम हर वक्त चुनाव के लिए तैयार हैं और आगामी चुनाव में भी जबरदस्त जीत हासिल करेंगे.
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बताया कि PDA की एकजुटता के जरिए आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी. हमने 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सपने को तोड़ा है. इसके बाद में हम आगामी चुनाव में भी जबरदस्त जीत हासिल करेंगे.
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता मनीष हिंदवी ने बताया कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूरे तरीके से इस साल के लिए तैयार है. यह साल बहुत महत्वपूर्ण साल है. पंचायत का चुनाव, एमएलसी 11 सीटों पर चुनाव उपचुनाव है. इसके लिए हम पूरी तरह तैयार हैं.
हिंदवी ने कहाकि असल में यह तैयारी हमने पिछले साल से शुरू कर दी थी, जब हमने अपने संगठन सज्जन अभियान के तहत 163444 बूथों तक जाने का प्लान बना लिया था. हम अपने संगठन को मजबूत करने में लगे हुए हैं. हम सारे बूथों तक पहुंच चुके हैं. हमारे बूथ लेवल के जो पदाधिकारी हैं, वह लगभग बन चुके हैं. हम उनकी कमेटी बना रहे हैं, तो हमने जो अपने पांच स्तरीय संगठन है. जिला का शहर का ब्लॉक का मॉडल का हमने ब्लॉक और मंडल के बीच में एक मॉडल बनाए हैं. हर 20 से 25 बूथों पर एक मंडल बनाया है.
उन्होंने कहाकि हमारे मंडल के पदाधिकारी भी बन गए हैं, उनके जो कार्य समिति है. वह भी बनकर तैयार है, तो हम पूरी तरीके से तैयार हैं. हम ग्राउंड पर काम कर रहे हैं. अगले 3 महीने में 30 से ज्यादा रिलीज करने जा रहे हैं, सब इंपॉर्टेंट जगह पर रैली करेंगे. इसके अलावा जो हमारे फ्रंटल सेल डिपार्टमेंट है, उनके कार्यक्रम करेंगे. मनरेगा के तहत 45 दिन का अभियान हमारा है, जिसके तहत हम चौपाल करेंगे. पंचायत करेंगे, तो कांग्रेस पार्टी पूरी तरीके से तैयार है. हम जमीन पर रहकर मुद्दों को उठाकर लड़ रहे हैं और यह साल भाजपा के निरंकुश सरकार को जनता ने इस बार बदलाव का मूड बना लिया है.
वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक राजीव रंजन सिंह ने बताया कि निश्चित तौर पर साल 2026 में होने वाले चुनाव विधानसभा चुनाव 2027 के सेमीफाइनल हैं. यहां सभी पार्टियों के प्रदर्शन के आधार पर तय होगा कि उनका विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन कैसा होगा. बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस सभी अपने-अपने तैयारी में जुटे हुए हैं.
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