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कांग्रेस अध्यक्ष ने सीएम योगी को लिखा पत्र, कहा- बयानों से बिगड़ रहा माहौल, प्रमाण मांगने पर चुप हो जाना अच्छी बात नहीं

अजय राय ने कहा, यह अमिट सत्य है कि मैं शाकाहारी हूं. निषाद समाज के निमंत्रण पर कार्यक्रम में गया था.

अजय राय ने सीएम को लिखा पत्र.
अजय राय ने सीएम को लिखा पत्र. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 27, 2026 at 10:16 PM IST

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुला पत्र लिखा है. कहा है कि आप उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, फिर भी आपके धार्मिक और जातिगत उग्र बयानों से प्रदेश का माहौल बिगड़ रहा है. जनता ने आपको लगातार दूसरी बार प्रदेश की समस्याएं हल करने के लिए सत्ता दी है, राजनीतिक विरोधियों पर व्यक्तिगत आरोप लगाने के लिए नहीं.

आपने मेरे बारे में विगत अयोध्या में दर्शन के बाद मछली की दावत और माफिया के सामने थर-थर कांपने का आरोप लगाया. यह अमिट सत्य है कि मैं शाकाहारी हूं और जिस कार्यक्रम में मेरी उपस्थिति का उल्लेख है, वह निषाद समाज के निमंत्रण पर था. कार्यक्रम के बाद आयोजकों ने अपने समाज के लिए भोज किया. यह उनका संवैधानिक अधिकार था कि वे उसमें क्या खाएं.

मैंने आपको चुनौती दी थी कि यदि मेरे मछली खाने की कोई सत्य प्रमाणित तस्वीर या वीडियो आपके पास है तो उसे जनता के सामने लायें, मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा, लेकिन मेरी चुनौती के पांच दिन बाद भी आपका कोई जवाब नहीं आया. आपके दल और मातृ संगठन की राजनीति का यह तरीका जनता देख रही है. आरोप लगाइए और प्रमाण मांगने पर चुप हो जाइए.

अजय राय ने कहा, कांग्रेस ऐसी राजनीति नहीं करती. उसके नेताओं ने देश की आजादी और उसकी एकता के लिए अपने प्राणों की कुर्बानी दी है. जहां तक माफिया के सामने डरने का सवाल है, मेरे भाई स्व. अवधेश राय की हत्या के बाद मैंने किसी माफिया के सामने सिर नहीं झुकाया. लगभग 32 वर्षों तक न्याय के लिए अदालतों में लड़ता रहा.

इस दौरान मेरी सुरक्षा भी दो अवसरों पर वापस ली गई. अप्रैल 2021 और सितंबर 2025 में मेरी सुरक्षा हटाई गई थी, लेकिन न सुरक्षा हटने से मैं डरा, न न्याय की लड़ाई से पीछे हटा, इसलिए मेरे बारे में माफिया के सामने डरने का आरोप केवल झूठ नहीं, उस न्याय की लंबी लड़ाई का भी अपमान है. आपसे मेरा सीधा सवाल है कि आप निरंतर इतने उग्र और व्यक्तिगत बयान किस आधार पर देते रहे हैं?

मुख्यमंत्री बनने से पहले 2007 में आप स्वयं लोकसभा में अपनी सुरक्षा के सवाल पर भावुक हुए थे और सरकार से न्याय की मांग की थी. आज सत्ता में रहते हुए क्या आपको नहीं लगता कि मुख्यमंत्री के शब्दों की जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी होती है? प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद आपके विरुद्ध लंबित कुछ मुकदमों को वापस लेने के आदेश भी आपकी सरकार में हुए.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पत्र में लिखा कि आज प्रदेश के सामने मछली की दावत से कहीं बड़े सवाल हैं, जिनमें बिगड़ती कानून-व्यवस्था, थानों में पुलिस की लापरवाही, महिलाओं-बच्चियों और कमजोर वर्गों पर अत्याचार, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों और नौजवानों की परेशानी तथा बिजली व्यवस्था, सड़कों के निर्माण इत्यादि प्रशासनिक भ्रष्टाचार.

दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों सहित बड़ी संख्या में लोग अन्याय की शिकायत कर रहे हैं. इन सवालों का जवाब विज्ञापनों से नहीं, जमीन पर काम से मिलेगा. राज्यपाल से भी कुछ सलाह ले लीजिए. त्योहारों पर चीनी, दालों, तेलों और खाद्य पदार्थों के के दाम कम रहें, इस पर अधिक ध्यान दीजिए. जनता अब इन बातों को समझ रही है और 2027 में अपने अनुभव के आधार पर फैसला करेगी.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सलाह दी है कि झूठी और अप्रमाणित बयानबाजी बंद कर मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की असली समस्याओं पर ध्यान दीजिए. अगर व्यक्तिगत आरोपों की राजनीति ही करनी है तो पद की गरिमा के लिए इस्तीफा देना बेहतर होगा. केवल भगवा वस्त्र पहन लेने से संत का आचरण सिद्ध नहीं होता, संत की पहचान सत्य, संयम, करुणा और शांति से होती है. यदि वैराग्य ही आपका मार्ग है तो राजनीति छोड़कर मठ लौटना और सच्चे अर्थों में पूजा-पाठ व जनसेवा करना आपके और प्रदेश दोनों के लिए बेहतर होगा.

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