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सीएम योगी बोले- गड्ढा खोदने-भरने की स्कीम नहीं होगी 'जी राम जी', यूपी के गांवों में भी बनेंगे माल

उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक लोक भवन में आयोजित, बैठक के बाद सीएम ने की प्रेस वार्ता.

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योगी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक जारी. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 6, 2026 at 8:54 AM IST

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Updated : January 6, 2026 at 2:58 PM IST

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में विकसित भारत की राम जी अधिनियम के बारे में कहा कि यह मनरेगा की तरह गड्ढा खोदने और गड्ढा भरने वाली स्कीम नहीं होगी. जिसमें जमकर भ्रष्टाचार हुआ. उन्होंने सोनभद्र का जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में जो भ्रष्टाचार मनरेगा में भुगतान के नाम पर किया गया था, उसकी अब तक सीबीआई जांच चल रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के 58000 ग्राम पंचायतें और एक लाख से अधिक राजस्व गांव तक इस योजना का लाभ पहुंचेगा. हम गड्ढों को खोदने की जगह परिसंपत्ति का निर्माण करेंगे और बड़े गांव में भी गांव की जरूरत के छोटे शॉपिंग मॉल भी इसी के तहत बनाए जाएंगे.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में प्रेस वार्ता कर विकसित भारत-जी राम जी कानून 2025 (विकसित भारत-रोजगार की गारंटी और आजीविका मिशन ग्रामीण) की सराहना की है. यह कानून मनरेगा की जगह ले रहा है और एनडीए सरकार द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र में पारित किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण विकास में मील का पत्थर साबित होगा. योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस योजना से उत्तर प्रदेश की करीब 58 हजार ग्राम पंचायतों और एक लाख से अधिक राजस्व ग्रामों को लाभ मिलेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि अब गांवों में केवल गड्ढा खोदने और भरने का काम नहीं होगा, बल्कि स्थाई विकास होगा. गांवों में छोटे-मोटे निर्माण कार्य जैसे जल संरक्षण, सड़क, नाली, ओपन जिम, मंडी, दुकान आदि बनाए जा सकेंगे.

योगी ने कहा कि प्रतिकूल मौसम और आपदा प्रबंधन पर भी काम होगा. मुख्यमंत्री ने पुरानी मनरेगा की आलोचना करते हुए कहा कि उसमें फर्जी जॉब कार्ड, फर्जी हाजिरी, भुगतान में कटौती, मजदूरी में देरी जैसी समस्याएं आम थीं. किसानों को खेती के समय मजदूर नहीं मिलते थे और मजदूरों को जरूरत पर काम नहीं मिलता था. मनरेगा पूरी तरह विफल रही. पहले केवल अस्थाई काम होते थे, अब स्थाई परिसंपत्तियां बनाई जा सकेंगी.

उन्होंने कहा कि नए कानून की मुख्य विशेषताएं बताते हुए योगी ने कहा कि अब प्रत्येक परिवार को 125 दिन का रोजगार मिलेगा (मनरेगा में 100 दिन थे). साप्ताहिक भुगतान होगा. काम नहीं देने पर भत्ता मिलेगा. बुआई और कटाई के समय 60 दिन का विराम होगा, ताकि किसानों और मजदूरों के हित सुरक्षित रहें. खोदने-भरने वालों के हित प्रभावित होंगे, लेकिन अब स्थाई इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा..तकनीकी सुधारों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान, बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो टैगिंग, एआई टूल्स का इस्तेमाल होगा.

योगी ने कहा कि फर्जी नाम पर पैसा उठाने का खेल खत्म होगा. हर छह माह में अनिवार्य सोशल ऑडिट और कैग से ऑडिट होगा. फंडिंग के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य की साझेदारी 60:40 होगी. कुल आवंटन में वृद्धि से 17 हजार करोड़ रुपए अधिक धन मिलेगा. पहले जहां श्रमिक कम थे, वहां भुगतान अधिक होता था, लेकिन अब जहां श्रमिक ज्यादा होंगे, वहां अधिक बजट आवंटन होगा. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 65 प्रतिशत आबादी ग्रामीण है और राज्य देश का फूड बास्केट है. यहां पांच माह लगातार काम मिलेगा.

बड़ी पंचायतों में माल (ग्रामीण बुनियादी ढांचा) बनाए जा सकेंगे. जब गांव विकसित होंगे, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था सक्षम बनेगी. यह विकसित भारत की आधारशिला बनेगा. मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि संसाधनों पर डकैती डालने वाले, गरीबों को भूखा मारने और युवाओं को बेरोजगार रखने वालों (कांग्रेस और इंडी गठबंधन) की पोल खुल रही है. वे अब सवाल उठा रहे हैं, लेकिन मनरेगा की विफलताओं पर चुप हैं.यह कानून ग्रामीण भारत को मजबूत बनाने और पारदर्शी तरीके से विकास करने का महत्वपूर्ण कदम है. मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इससे यूपी के गांवों में स्थाई बदलाव आएगा और विकसित भारत का सपना साकार होगा.

बता दें कि आज कैबिनेट बैठक लोक भवन में आयोजित हुई. इसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए गए हैं.

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Last Updated : January 6, 2026 at 2:58 PM IST