देश में पहला प्रदेश बना यूपी, जहां युवाओं को बनाया जा रहा पर्यटन राजदूत
यूपी का पर्यटन विभाग, पर्यटन के क्षेत्र में नौकरी की असीम संभावनाओं को लेकर युवा पर्यटन क्लब की स्थापना कर रहा है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 4, 2026 at 9:56 AM IST
|Updated : July 4, 2026 at 10:18 AM IST
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार यूपी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न तरह की योजनाएं बना रही है.
इसके तहत उत्तर प्रदेश के जितने भी पर्यटन स्थल हैं, उनका कायाकल्प कर रही है. हर धर्म के पर्यटन स्थलों का सौंदरीकरण करने पर बड़ी धनराशि खर्च कर रही है.
सरकार को इसमें सफलता भी मिल रही है. बड़ी संख्या में पर्यटक अब देश-विदेश से उत्तर प्रदेश में घूमने आ रहे हैं. ऐसे में अब सरकार युवा ब्रांड एंबेसडर भी तैयार कर रही है वह भी स्कूलों के माध्यम से.
उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जहां पर पर्यटन के क्षेत्र में युवाओं को करियर बनाने और पर्यटन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए युवा पर्यटन क्लब स्थापित किए जा रहे हैं.

उत्तर प्रदेश में अब तक 1500 से अधिक युवा पर्यटन क्लब स्थापित किए जा चुके हैं. युवा पर्यटन क्लब का मुख्य उद्देश्य युवाओं को पर्यटन राजदूतों के रूप में विकसित करना है.
पर्यटन क्लबों की प्राकृतिक संपदा के संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ पर्यटन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी.
युवा पर्यटन क्लबों में विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को शामिल किया गया है. 1500 से अधिक युवा पर्यटन क्लब गठित हो चुके हैं इनमें 30 हजार से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ा गया है.

आबादी के लिहाज से भारत, दुनिया का सबसे बड़ा देश है. देश में लगभग 20% युवा आबादी विश्व के युवाओं का हिस्सा है. युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है.
युवाओं को नई चीजें सीखने, अपनी संस्कृति को समझने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना जरूरी है. पर्यटन इसके लिए एक प्रभावी माध्यम है.
यात्रा के दौरान छात्र अपने देश की संस्कृति, इतिहास, विरासत, प्रकृति और परंपराओं को करीब से जान पाते हैं. इससे उनका ज्ञान बढ़ता है, सोच व्यापक होती है और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव मजबूत होता है.

इसी उद्देश्य से विद्यालयों में युवा पर्यटन क्लब स्थापित किए जा रहे हैं. पर्यटन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में ऐसे नए स्थल विकसित किए जा रहे हैं जिनके बारे में लोगों को अभी तक पता ही नहीं था या फिर वहां पर पर्यटन के लिए लोग जाते ही नहीं थे, लेकिन अब इनका सौंदर्यीकरण कर पर्यटकों को वहां तक पहुंचाया जा रहा है.
युवा पर्यटन क्लब के जरिए यहां के युवा पर्यटकों को पर्यटन स्थलों के बारे में जागरूक कर रहे हैं जिससे बड़ी संख्या में अब देश विदेश से पर्यटक यूपी में घूमने आने लगे हैं.
युवा पर्यटन क्लब के अंतर्गत की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों को संचालन करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने तीन करोड़ रूपये की धनराशि भी स्वीकृत की है.

युवा पर्यटन क्लब का मुख्य उद्देश्य युवाओं को पर्यटन राजदूतों के रूप में विकसित करना है. इन पर्यटन क्लबों की प्राकृतिक संपदा के संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ पर्यटन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी.
युवा पर्यटन क्लबों में विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को शामिल किया गया है.

क्या है पर्यटन क्लब का उद्देश्य
युवा पर्यटन क्लब का उद्देश्य छात्रों में पर्यटन के प्रति रुचि विकसित करने के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देना है. इसके कई उद्देश्य हैं.
- छात्रों को यात्रा और पर्यटन के महत्व से परिचित कराना
- पर्यटन और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति रुचि एवं जागरूकता बढ़ाना
- गांव, कस्बे, शहर और राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर से छात्रों को परिचित कराना
- छात्रों को पर्यटन के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी देना
- जिम्मेदार और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन की आदत विकसित करना
- साहसिक, खेल और प्रकृति पर्यटन के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना
- आतिथ्य और पर्यटन क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के अवसरों के प्रति छात्रों को प्रेरित करना
पर्यटन क्लब की विशेषताएं

- जितने क्लब स्थापित हैं या स्थापित किए जाने हैं वह सभी इच्छुक छात्रों के लिए खुला रहता है और रहेगा.नअधिक से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा
- पर्यटन क्लब विद्यालय के अन्य क्लबों जैसे पर्यावरण, फोटोग्राफी, मीडिया, सांस्कृतिक और इवेंट क्लब के साथ मिलकर गतिविधियां आयोजित करेगा
विभिन्न विद्यालयों के पर्यटन क्लब आपस में संवाद और संयुक्त कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे, जिससे छात्रों को नए अनुभव और सीखने के अवसर मिलेंगे.

विद्यालय में क्लब का संचालन
: विद्यालय एक या अधिक शिक्षकों को क्लब का प्रभारी नियुक्त करेगा.
: क्लब के सभी सदस्यों का नाम, कक्षा, संपर्क विवरण और जिम्मेदारियों का रिकॉर्ड रखा जाएगा.
: कक्षा छह से ही छात्रों को क्लब और उसकी गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी.
: क्लब में कम से कम 25 छात्र सदस्य होंगे.
: प्रत्येक कक्षा के छात्रों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाएंगी.
: विद्यालय के अन्य क्लबों और विभागों को भी पर्यटन क्लब की गतिविधियों से जोड़ा जाएगा.
: क्लब के लिए विद्यालय में एक अलग सूचना बोर्ड या सूचना माध्यम उपलब्ध कराया जाएगा.

छात्र क्या करेंगे?
कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थी पर्यटन क्लब के सदस्य बन सकेंगे. वे समय-समय पर विभिन्न गतिविधियों में भाग लेंगे.
: निबंध, चित्रकला, पोस्टर, लोगो डिजाइन, प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद और नाटक जैसी प्रतियोगिताएं.
: स्थानीय पर्यटन स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण.
: पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता, जागरूकता और स्वयंसेवा गतिविधियों में भागीदारी.
: स्थानीय लोगों, पर्यटन विभाग और पर्यटन से जुड़े लोगों के साथ संवाद कर नए सुझाव देना.
: अपने आसपास के पर्यटन स्थलों की पहचान कर उनके विकास और प्रचार में सहयोग करना.

क्या हैं युवा पर्यटन क्लब की प्रस्तावित गतिविधियां
: विशेषज्ञों और प्रख्यात व्यक्तियों के व्याख्यान.
: पर्यटन विभाग की शैक्षणिक सामग्री पर प्रदर्शनी और प्रस्तुति.
:भारतीय पर्यटन और विरासत पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता.
: ऐतिहासिक स्मारकों और पर्यटन स्थलों के संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम.
: अन्य राज्यों के विद्यालयों के साथ पर्यटन विषय पर विचारों का आदान-प्रदान।ल.
: स्थानीय विरासत, शिल्प, व्यंजन और पर्यटन स्थलों की पैदल यात्राएं.
: पार्कों, जैव विविधता क्षेत्रों और कृषि स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण.
: छात्रों से स्थानीय पर्यटन को बेहतर बनाने के सुझाव लेना.
: विद्यालय में पर्यटन प्रदर्शनी और पर्यटन स्टॉल लगाना.
: प्रत्येक सप्ताह एक "पर्यटन दिवस" मनाना, जिसमें किसी एक विषय- जैसे विरासत, आध्यात्मिक, प्रकृति, वन्यजीव या साहसिक पर्यटन, से जुड़े स्थल का भ्रमण कराया जाना.
कराई जा रही सैर, दी जा रही जानकारी
उत्तर प्रदेश पर्यावरण पर्यटन विकास बोर्ड ने युवा पर्यटन क्लब के सदस्यों के लिए कुछ माह पहले एक विशेष यात्रा का आयोजन किया था. इस यात्रा के दौरान, छात्रों ने लखनऊ, कानपुर, कन्नौज और उन्नाव में स्थित प्रमुख प्राकृतिक आकर्षणों को करीब से देखा.
युवा पर्यटन क्लब के सदस्यों ने लखनऊ चिड़ियाघर, कुकरैल आरक्षित वन, कानपुर चिड़ियाघर, नवाबगंज पक्षी अभयारण्य और कन्नौज में लाख बहोसी पक्षी अभयारण्य का दौरा किया.
छात्रों ने इन स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को देखा. उत्तर प्रदेश पर्यावरण-पर्यटन विकास बोर्ड इन स्थलों का एक दिवसीय टूर पैकेज तैयार कर रहा है जिससे अधिक से अधिक युवा और पर्यटक प्रकृति और वन्यजीवों को करीब से अनुभव कर सकें. युवा पर्यटन क्लब के सदस्यों के लिए यह टूर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया.
युवाओं को घुमाए जा रहे पर्यटन स्थल
बता दें कि युवाओं को पर्यटन और प्राकृतिक धरोहर से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पर्यावरण पर्यटन विकास बोर्ड शैक्षिक यात्राओं का आयोजन करता है. इसी पहल के तहत शनिवार 21 फरवरी को युवा पर्यटन कार्यक्रम के हिस्से के रूप में और ईज़ी माई ट्रिप के सहयोग से, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, एसजीपीजीआई, लखनऊ के लगभग 60 छात्रों को शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी अभयारण्य, उन्नाव के शैक्षिक भ्रमण पर ले जाया गया.
इस यात्रा का उद्देश्य छात्रों को प्रकृति, जैव विविधता, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण-पर्यटन के महत्व से परिचित कराना था, जिससे वे कक्षा में पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक प्राकृतिक वातावरण में अनुभवात्मक शिक्षा प्राप्त कर सकें.

शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी अभयारण्य अंतरराष्ट्रीय महत्व का आर्द्रभूमि क्षेत्र है और राज्य के 11 रामसर स्थलों में से एक है. शांत और हरे-भरे वातावरण में स्थित यह अभयारण्य पक्षी प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आकर्षक गंतव्य है.
सर्दियों के मौसम में, यह विभिन्न प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों का प्रमुख निवास स्थान बन जाता है. इस शैक्षिक दौरे के दौरान, छात्रों ने झील के किनारे विकसित प्रकृति पथों का भ्रमण किया और निगरानी टावरों और शेडों से पक्षियों और वन्यजीवों को देखा और जाना.
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह का कहना है कि उत्तर प्रदेश में लगातार युवा पर्यटन क्लब स्थापित किए जा रहे हैं. इससे लगातार युवा जुड़ रहे हैं और उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों से रूबरू हो रहे हैं.
युवा क्लब से पर्यटन अंबेसडर तैयार किए जा रहे हैं. ये प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को पर्यटन स्थलों की जानकारी देंगे और उन्हें जागरूक करेंगे. क्लबों में रचनात्मक व ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है.
इन गतिविधियों का उद्देश्य छात्रों में पर्यटन के प्रति रुचि जगाने के साथ ही रचनात्मक कार्यों को प्रोत्साहित और सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देना है. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है. युवाओं के लिए इस क्षेत्र में करियर की असीम संभावनायें हैं.
इसी दृष्टिकोण से पर्यटन विभाग अधिक से अधिक युवाओं को पर्यटन से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है. पर्यटन सेक्टर में युवा शक्ति के आने से पर्यटन में और तेजी से विकास होगा. इसके साथ ही देश प्रदेश की अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूती मिलेगी. पर्यटन क्लबों से जो युवा निकलेंगे उन्हें भविष्य में रोजगार के विकल्प मिलेंगे.

