यूपी की सबसे बड़ी बार काउंसिल के चुनाव आए, 2.49 लाख वोटर, 333 प्रत्याशी
चार चरणों में होंगे मतदान, हाईपावर कमेटी की निगरानी में होगी पूरी प्रक्रिया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 10, 2026 at 11:09 AM IST
|Updated : January 10, 2026 at 1:32 PM IST
प्रयागराज: बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्य पद के लिए चुनाव 16 से 31 जनवरी तक चार चरणों में कराए जाएंगे. चुनाव प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित हाईपावर कमेटी की निगरानी में संपन्न होगी. कमेटी के अध्यक्ष झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति रविरंजन हैं, जबकि सदस्य के रूप में इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति एस.आर. मसूरी और दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व न्यायमूर्ति रेखा पल्ली शामिल हैं.
चुनाव प्रक्रिया का संचालन निर्वाचन अधिकारी इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में किया जाएगा. वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह को चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार प्रथम चरण का मतदान 16 और 17 जनवरी को होगा. द्वितीय चरण 20 और 21 जनवरी, तृतीय चरण 27 और 28 जनवरी तथा चतुर्थ एवं अंतिम चरण 30 और 31 जनवरी को संपन्न कराया जाएगा. इस चुनाव में प्रदेश भर के कुल 2,49,808 अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्य पद के लिए कुल 333 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है. जांच के बाद सभी प्रत्याशी वैध पाए गए हैं और चुनाव मैदान में हैं. चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं. मतदान स्थल के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रत्याशी के बैनर, पोस्टर या प्रचार सामग्री लगाने पर पूरी तरह रोक रहेगी. मतदाताओं को मोबाइल फोन या किसी भी ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ मतदान स्थल में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, जिससे फोटो ली जा सके. इसके अलावा अस्त्र-शस्त्र लेकर आने पर भी प्रतिबंध रहेगा.
मतदान के लिए अधिवक्ताओं को सीओपी प्रमाण पत्र या अधिवक्ता पंजीकरण प्रमाण पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा. केवल वही अधिवक्ता मतदान कर सकेंगे, जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है. मतपत्र पर वरीयता क्रम हिंदी, अंग्रेजी या रोमन अंकों में ही अंकित करना होगा. किसी भी प्रकार के शब्द, हस्ताक्षर या अन्य चिन्ह लगाने पर मतपत्र को अमान्य घोषित किया जाएगा.
ये भी पढ़ेंः यूपी के इकलौते कैंसर संस्थान का कायाकल्प: क्या बदल रहा है और मरीजों को क्या होगा लाभ?

