पाकिस्तान की ISI और गैंगस्टर्स के इशारों पर आतंक फैलाने की साजिश रच रहे 2 आतंकी गिरफ्तार
यूपी एटीएस ने पाकिस्तान स्थित आईएसआई और गैंगस्टर्स से जुड़े दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 6, 2026 at 9:00 PM IST
|Updated : May 6, 2026 at 9:39 PM IST
लखनऊ/बाराबंकी: उत्तर प्रदेश एटीएस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क और आईएसआई से जुड़े दो युवकों को गिरफ्तार किया है. मंगलवार को गोरखपुर से कृष्णा मिश्रा और बुधवार को बाराबंकी से दानियल अशरफ को पकड़ा गया है.
ये दोनों आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट के सीधे संपर्क में थे और देश में बड़े हमलों की साजिश रच रहे थे. एटीएस की जांच में इनके पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से भी गहरे कनेक्शन होने की पुष्टि हुई है.
सोशल मीडिया के जरिए रची जा रही थी साजिश: एटीएस के अनुसार, पाकिस्तानी आतंकी संगठन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर इंस्टाग्राम के माध्यम से भारतीय युवाओं को अपना निशाना बना रहे हैं. वे युवाओं को आर्थिक लाभ और 'हीरो' बनाने का लालच देकर उन्हें अपना 'फुट सोल्जर्स' और 'स्लीपर सेल' के रूप में तैयार कर रहे थे. इन लोगों का उद्देश्य संवेदनशील सरकारी संस्थानों, पुलिस चौकियों और वर्दीधारी कर्मियों पर हमला कर देश की एकता और अखंडता को खतरा पैदा करना था. पकड़े गए दोनों आरोपी इसी नेटवर्क का हिस्सा बनकर भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में थे.
मोबाइल से मिले सबूत और चैट: पूछताछ और मोबाइल की जांच में दानियल और कृष्णा के फोन से पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के साथ हुई वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग और वॉइस नोट्स बरामद हुए हैं. कृष्णा के फोन से पुलिस ने किसी वर्दीधारी व्यक्ति को गोली मारने और उसकी वीडियो भेजने के टास्क से जुड़े सबूत भी हासिल किए हैं. वहीं दानियल के फोन से एक पुलिस स्टेशन की वीडियो और लोकेशन भेजने के साथ-साथ हथियारों व पैसों की मांग करने के चैट भी मिले हैं. पाकिस्तानी डॉन आबिद जट की फोटो वाली पीडीएफ को महत्वपूर्ण स्थानों पर चस्पा करने की योजना का भी खुलासा हुआ है.
पाकिस्तानी गैंगस्टर्स का 'हीरो' बनाने का झांसा: एटीएस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर्स ने इन युवाओं को भ्रमित करने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था. शहजाद भट्टी ने इंस्टाग्राम पर संपर्क करने के बाद इन्हें विश्वास दिलाया था कि अगर वे उसके निर्देशों का पालन करेंगे, तो उन्हें इंडिया में 'हीरो' बना दिया जाएगा. एटीएस फिलहाल इनके अन्य साथियों और नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए गहन जांच कर रही है. इस गिरफ्तारी ने पाकिस्तान द्वारा भारत के युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने की साजिश का एक बड़ा पर्दाफाश किया है.
दानियाल अशरफ अप्रैल में मुम्बई से लौटा था: दानियाल अशरफ के पिता महमूद बाराबंकी में किसान हैं. उनके दो बेटे और तीन बेटियां हैं. बेटियों की शादी हो चुकी है.करीब 23 वर्षीय बड़ा बेटा रोजगार के सिलसिले में विदेश में ओमान में है. छोटा बेटा दानियाल महज चौथी पास है. पिता महमूद ने बताया कि 20 साल का दानियाल अगस्त 2025 में मुम्बई रोजगार के सिलसिले में गया था. 26 अप्रैल 2026 को वह वापस घर आया था. वह किसके संपर्क में था, इसकी उनको जानकारी नहीं है. मुम्बई में रहते हुए उसने एक रुपया भी उनको नहीं दिया, बल्कि पिता से ही रुपये लेता था.किंतूर गांव के प्रधान अकरम अंसारी ने बताया कि गांव में दानियाल की छवि सीधे-सादे ग्रामीण के रूप में थी.
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