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सरगुजा रियासत की अनसुनी कहानी, सरगवां पैलेस में आज भी जिंदा है इतिहास, अगली पीढ़ी संभाल रही जिम्मा

सरगुजा का नाम आते ही लोगों के जहन में राजघराने की छवि उभरती है.आज हम आपको सरगवां पैलेस की अनसुनी कहानियों को बताएंगे.

Untold story of Surguja state
सरगुजा रियासत की अनसुनी कहानी (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 14, 2026 at 2:56 PM IST

6 Min Read
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देशदीपक गुप्ता,सरगुजा

सरगुजा : भारतीय गणराज्य की स्थापना से पहले देश में अलग-अलग स्वतंत्र रियासतें हुआ करती थी. भारत में 565 रियासतें थीं, इनमें से एक थी सरगुजा रियासत. इस रियासत का इतिहास भी बड़ा गौरवशाली रहा. रियासत के प्रमुख महाराज हुआ करते थे जो रूलिंग चीफ भी हुए. सारी शक्तियां इनके पास होती थी. पीढ़ी दर पीढ़ी परिवार के बड़े बेटे को महाराज की गद्दी सौंपी जाती थी, लेकिन छोटे भाई भी राजा कहलाते थे.सरगुजा रियासत में महाराजाओं के योगदान पर चर्चा हुई लेकिन राजाओं का क्या इतिहास रहा, इनका योगदान क्या रहा, इससे अब भी बहुत लोग परिचित नही हैं. आज हम सरगुजा महाराज के छोटे भाई की वंशावली और इसका इतिहास बताने जा रहे हैं.



सिंहदेव रियासत की वंशावली

सरगुजा के हिजहाईनेस महाराजा रामानुज शरण सिंहदेव के पुत्र महाराज अम्बिकेश्वर शरण सिंहदेव हुए. इनके पुत्र महाराजा मदनेश्वर शरण सिंहदेव और सरगुजा रियासत के अनुसार वर्तमान महाराजा टीएस सिंहदेव हुए. वहीं रियासत की दूसरी वंशावली में हिजहाईनेस महाराजा रामानुजशरण सिंहदेव के छोटे पुत्र महाराज चण्डिकेश्वर शरण सिंहदेव के पुत्र और सरगुजा के हिजहाईनेस महाराजा रामानुजशरण सिंहदेव के पौत्र राजकुमार उमेश्वर शरण सिंहदेव हुए. अब इनके पुत्र विन्धेश्वर शरण सिंहदेव सरगुजा के वर्तमान राजा हैं.

Unheard story of Surguja state
सरगुजा रियासत की अनसुनी कहानी (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

विश्व के टॉप 10 हंटर्स में शामिल से महाराजा

सरगुजा के रूलिंग चीफ महाराज रामानुज शरण सिंहदेव के कीर्तिमानों की जानकारी के लिए सरगुजा राजपरिवार के जानकार गोविंद शर्मा से ईटीवी भारत ने बातचीत की. उन्होंने बताया कि सरगुजा के महाराज रामानुज शरण सिंहदेव 1895 में जन्में और 1965 में उनका निधन हुआ. वो विश्व विख्यात शिकारी थे. विश्व के टॉप टेन हंटरों में वो आजीवन एक नंबर पर रहे.

Maharaja listed in top hunters
टॉप शिकारियों में शुमार थे महाराजा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

विश्व में सबसे ज्यादा आदमखोर बाघों को मारने का विश्व कीर्तिमान उन्हीं के नाम है. किवदंती है कि वो 11 सौ से ऊपर बाघ मारे हैं. हालांकि कई जगहों में 1752 से ऊपर बाघ मारने का रिकॉर्ड है- गोविंद शर्मा, सरगुजा राजपरिवार के जानकार

Surguja state and its stories
सरगुजा रियासत और उसकी कहानियां (ETV BHARAT CHHATTISGARH)


राजा उमेश्वर शरण सिंहदेव ने विद्यालय के लिए दान में दी जमीन

जानकार बताते है कि महाराज कुमार चण्डिकेश्वर शरण सिंहदेव सरगुजा के पहले सांसद हुए. इन्हें सब कुमार साहब कहते थे और इनका ही कुमार पैलेस था जो बाद में आज का सर्किट हाउस हुआ. इनके ही वंशज राजा उमेश्वर शरण सिंहदेव ने सूरजपुर में नवोदय विद्यालय खुलवाने के लिए अपनी जमीन दान की और आज उसी जमीन पर नवोदय संचालित हैं. इन्हें लोग यूएस राजा कहते थे.

Maharaja donated personal plane
महाराजा ने दान कर दिया था पर्सनल प्लेन (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

उमरेश्वर शरण सिंहदेव सरगुजा में सहकारिता के प्रणेता बने. इन्होंने खुद खेती किसानी को अपना पेशा बनाया और सरगुजा के किसानों के साथ मिलकर सहकारिता के क्षेत्र में बड़े काम किए. इनके समय में ही सरगुजा के रघुनाथ पैलेस के अलावा एक और पैलेस हुआ जिसे सरगवां पैलेस कहा गया. अब इनके पुत्र राजा विन्धेश्वर शरण सिंहदेव इस विरासत को संभाल रहे हैं - वीरेन्द्र वर्मा , इतिहासकार

Legacy of Umeshwar Sharan Singhdeo
उमेश्वर शरण सिंहदेव की विरासत (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

राजघराना आज भी कर रहा गरीबों की मदद


एक परिवार ऐसा मिला जिसमे पति की दोनों किडनी खराब हो चुकी है अब पत्नी लोगों के घरों में झाड़ू बर्तन कर परिवार चलाती है. इस परिवार को आर्थिक मदद सरगवां पैलेस में मिली. ऐसे कई उदाहरण हैं जिन्हें अपने राजा से मदद मिलती है. आज जब रियासतें गणराज्य में तब्दील हैं तो लोगों की जिम्म्मेदारी सत्ता की होती हैं. ऐसे समय में भी पूर्वजों से मिली जिम्मेदारी विन्की बाबा निभा रहे हैं. बड़ी बात ये हैं कि समाज में बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके पास अपार धन संपत्ति है. अगर हर कोई गरीब जरूतमंद लोगों की मदद करने के लिए आगे आने लगें तो इससे बड़ा बदलाव देखा जा सकता है और आर्थिक असमानता के दंश से कुछ राहत भी दी जा सकती है.

सरगुजा रियासत की अनसुनी कहानी, (ETV BHARAT CHHATTISGARH)


मुझे किडनी की बीमारी है.आयुष्मान कार्ड से मेरा इलाज चल रहा था.लेकिन कुछ टेस्ट ऐसे हैं जो महंगे हैं और आयुष्मान कार्ड से नहीं होता है. इसके लिए सरगवां पैलेस के विन्की बाबा ने हमारी मदद की है. उनके पास से हमें आर्थिक मदद मिला है.जिसकी वजह से मेरा इलाज हो पा रहा है- अमित टोप्पो, पीड़ित

Umeshwar Sharan Singhdeo
उमेश्वर शरण सिंहदेव की कहानी (ETV BHARAT CHHATTISGARH)


गरीबों की मदद करते हैं विन्धेश्वर शरण सिंहदेव

विन्धेश्वर शरण सिंहदेव जो विन्की बाबा के नाम से पुकारे जाते हैं,अब वो परिवार की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं. पूर्वजों की खेती, गाय की देखभाल में वो व्यस्त रहते हैं और पूर्वजों की राह पर चलते हुए वो गरीब और जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद करते हैं. कई ऐसे लोग हैं जो आर्थिक अभाव में बीमारी का इलाज बच्चों का विवाह नहीं कर पाते ऐसे लोगों की आर्थिक मदद वर्तमान राजा विन्की बाबा करते हैं. इन्होने अपने परिवार के एक मंदिर का फंड भी क्षेत्र के गरीब लोगों की मदद के लिए खोल दिया है. सरगवां पैलेस को संभालने वाले विन्की बाबा ने बताया कि उनका सौभाग्य है कि वो सिंहदेव राजघराने में पैदा हुए.आज वो अपने पूर्वजों की विरासत और दी हुई सीख को आने वाली पीढ़ी को सौंप रहे हैं.

Vindheshwar Sharan Singhdev
विन्धेश्वर शरण सिंहदेव संभाल रहे जिम्मेदारी (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

हमारे पूर्वजों ने श्रीनगर क्षेत्र में कई लोगों को बसाया.जो सब कुछ प्रभु की दया से हमें मिला है हम उस पर लोगों को बसाए हैं.जो पहले के लोग थे आज भी वो बसे हुए हैं.मेरे पिता उमेश्वर बाबा जो खेती से जुड़े थे,सहकारिता के क्षेत्र में बड़ा योगदान है.उन्होंने बच्चों की पढ़ाई प्रभावित ना हो इसके लिए अपनी निजी 10 एकड़ की जमीन नवोदय विद्यालय बनाने के लिए दान कर दी- विन्धेश्वर शरण सिंहदेव, सिंहदेव राजपरिवार

History alive in Sargawa Palace
सरगांव पैलेस में आज भी जिंदा है इतिहास (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

जब विन्धेश्वर शरण सिंहदेव से पूछा गया कि आपके पूर्वजों ने लोगों की मदद की.अब आपके कंधों पर जिम्मेदारी है,तो आप कैसे इस जिम्मेदारी को निभा पाएंगे. इस पर विन्धेश्वर सिंहदेव ने कहा कि उनका प्रयास रहता है कि कोई भी उनके पास आता है मदद के लिए तो उनकी मदद कर सके.बल्कि पूर्वजों का आशीर्वाद मेरे साथ है,जो भी मेरी क्षमता है मैं उसकी मदद कर सकूं यही ईश्वर से प्रार्थना है. किसी की शादी के लिए ,किसी के इलाज के लिए लोग अक्सर आते हैं,दूर-दूर से लोग आते हैं प्रयास करके मैं उनकी मदद करता हूं.

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