सफाई कर्मचारी भर्ती : सात दिन में विज्ञप्ति जारी नहीं हुई तो आंदोलन, सफाई कर्मचारी संगठन का सरकार को अल्टीमेटम
संघ की भर्ती में वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता देने एवं यूनियन से हुए समझौते की पूर्ण पालना की मांग की.

Published : June 3, 2026 at 9:21 PM IST
जयपुर: संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ ने सफाई कर्मचारी भर्ती की विज्ञप्ति जल्द जारी करने और पूर्व में हुए समझौते की पालना की मांग लेकर बुधवार को राज्य सरकार और स्वायत्त शासन विभाग के अधिकारियों को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया. संघ ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के अंदर भर्ती विज्ञप्ति जारी नहीं की गई और मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा.
भर्ती प्रक्रिया का नया मॉडल : राज्य सरकार ने सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया का नया मॉडल तैयार किया है. इसमें अब सफाईकर्मियों की सीधे स्थायी भर्ती नहीं होगी. चयनित अभ्यर्थियों को पहले संविदा के आधार पर नियुक्त किया जाएगा और 5 साल तक कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा. इसके बाद संतोषजनक कार्य करने वाले कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा. हालांकि भर्ती विज्ञप्ति की कोई तारीख अभी भी सामने नहीं आई है. ऐसे में वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के पदाधिकारियों ने बुधवार को स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा, प्रमुख शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग रवि जैन, स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक और नगर निगम जयपुर के आयुक्त को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने के साथ यूनियन और सरकार के बीच हुए समझौते के प्रावधानों को लागू करने की मांग की गई.
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वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता दी जाए: संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने बताया, ज्ञापन देते हुए मांग रखी कि भर्ती में वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता दी जाए. इसके अलावा वर्ष 2017 से पूर्व ठेका प्रथा के तहत कार्य कर रहे वाल्मीकि समाज के लोगों के अनुभव को मान्यता देते हुए नियमों में उचित प्रावधान किया जाए. संगठन ने विभिन्न न्यायालयों में लंबित भर्ती संबंधी प्रकरणों के प्रभावित अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति देने की मांग उठाई. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिन में भर्ती विज्ञप्ति जारी नहीं की और यूनियन की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो जयपुर सहित पूरे राजस्थान में व्यापक आंदोलन किया जाएगा.
ये रखी प्रमुख मांगें
- सफाई कर्मचारी भर्ती की विज्ञप्ति 7 दिनों में जारी की जाए
- भर्ती में वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता दी जाए
- वर्ष 2017 से पूर्व ठेका प्रथा पर कार्यरत कर्मचारियों के अनुभव को मान्यता मिले
- भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन कर उचित प्रावधान किए जाएं
- न्यायालयों में लंबित भर्ती प्रकरणों के प्रभावित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए
- सरकार और यूनियन के बीच हुए समझौते की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाए

