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ढोल-मजीरे पर भजन गाकर पीएम, सीएम से मांगी बिजली, सीहोर में किसानों का अनूठा विरोध

भोपाल रोड स्थित बिलकिसगंज क्षेत्र में ग्राम चंदेरी और ग्राम बरखेड़ी के किसानों की अपील, रात में बिजली कटौती न करने की मांग.

Unique protest by villagers in Sehore
ढोल-मजीरे पर भजन गाते ग्रामीण (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : May 25, 2026 at 10:50 AM IST

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सीहोर: भीषण गर्मी में प्रदेश के कई जिलों में बिजली कटौती से त्रस्त लोग सड़क जाम और दूसरे तरीकों से अपना विरोध जता रहे हैं. लेकिन राजधानी भोपाल के नजदीकी जिले सीहोर में दिलचस्प नजारा देखने को मिला. यहां भीषण गर्मी और रातों को होने वाली अघोषित बिजली कटौती से त्रस्त ग्रामीणों ने कोई उग्र प्रदर्शन करने के बजाय ढोलक और मंजीरे उठा लिए. सड़क पर बैठकर भजन के जरिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से बिजली संकट की समस्या का समाधान करने की गुहार लगाने लगे.

भोपाल रोड स्थित बिलकिसगंज क्षेत्र में ग्राम चंदेरी और ग्राम बरखेड़ी के किसान रविवार को अचानक इकट्ठे हुए. लेकिन उनके हाथों में लाठी-डंडे या तख्तियां नहीं, बल्कि ढोलक, पेटी और मंजीरे थे. समाजसेवी और किसान नेता एमएस मेवाड़ा द्वारा लिखे और गाए गए इस विशेष भजन की थाप जैसे ही गूंजी, राहगीर भी ठिठक कर सुनने लगे. इस गीत के माध्यम से किसानों ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से रात में बिजली गुल न करने की भावुक अपील की.

बिजली कटौती रोकने को ग्रामीणों ने गाया भजन (ETV Bharat)

मच्छर काटे, भीषण गर्मी लगे, अब तो दया कीजे दाता
चिलचिलाती धूप और उमस के बीच सडक़ पर गूंजे इस भजन के बोल बेहद सीधे और दिल को छू लेने वाले थे. किसानों ने सुर में सुर मिलाकर गाया.

  • 'हे शिव... हे मोहन.. ऐसी कृपा कीजिये, मोदीजी हम ग्रामीणों को भी बिजली दीजिये.
  • हे प्रभु मोदी हे दाता, सारे ग्रामीण सो नहीं पा रहे, इनको बिजली दीजिए.
  • रात-रात भर बिजली कटती, शिवराज भैया तुम भी सुन लो, हमको रात में बिजली दीजिए.
  • मोदी-मोदी कह रही दुनिया, हम ग्रामीणों का संकट दूर कीजिए.
  • मोहन भैया आप हमारी विनती सुन लीजिए... अरे मच्छर भी काटे, भीषण गर्मी भी लगे, अब तो दया कीजिए.

44 डिग्री के पारे में रात-रात भर जागने की मजबूरी

भजन सत्याग्रह में शामिल ग्रामीणों का दर्द है कि इस समय पारा 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है. ऐसे भीषण दौर में रात के समय कई बार घंटों अघोषित कटौती की जा रही है. उमस और मच्छर से छोटे बच्चों और बुजुर्गों का रात भर सोना दूभर हो गया है. नींद पूरी न होने से लोग बीमार पड़ रहे हैं. इतना ही नहीं, बिजली बंद रहने से गांवों में पेयजल आपूर्ति भी पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे दोहरे संकट के हालात बन गए हैं.

Unique protest by villagers in Sehore
ढोल-मजीरे पर भजन गाते ग्रामीण (ETV Bharat)

गांवों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों

किसानों ने बिजली कंपनियों पर सीधा भेदभाव करने का आरोप लगाया है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब शहरों में चौबीस घंटे निर्बाध बिजली मिल रही है तो केवल ग्रामीण क्षेत्रों को ही इस नरकीय स्थिति में क्यों धकेला जा रहा है.