कहीं भूतनी, कहीं रानी तो कहीं 21 फीट की राक्षसी, नहीं देखी होंगी ऐसी होलिकाएं
जबलपुर में रखी गई थीं अनोखी होलिकाएं, देर रात तक होलिका देखने पहुंचते रहे लोग, 21 फीट की राक्षसी रही चर्चा में.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : March 3, 2026 at 9:30 AM IST
जबलपुर : होली के मौके पर अनोखी प्रतिमाएं रखने का चलन बढ़ गया है. छोटी-छोटी प्रतिमाओं के साथ ही अब विशालकाय प्रतिमाएं भी रखी जा रही हैं. कहीं होलिका को राक्षसी और भूतनी के रूप में रखा गया तो कहीं रानी के रूप में होलिका रखी गई. जबलपुर के गोरखपुर में तो समिति ने 21 फीट ऊंची होली का प्रतिमा रखी, जिसे दहन से पहले देखने के लिए देर रात तक दूर-दूर से लोेग पहुंचते रहे.

सबसे चर्चित रही 21 फीट की होलिका
शहर के अलग-अलग इलाकों में भी अलग-अलग थीम पर प्रतिमाएं रखी गई थीं. लेकिन जबलपुर के गोरखपुर में शारदा टॉकीज के सामने रखी होलिका सबसे ज्यादा चर्चित रही. सामान्य तौर पर होलिका की प्रतिमाएं चार से पांच फीट की होती हैं लेकिन इस साल श्री शारदा होली उत्सव समिति ने अपने 101वें वर्ष पर 21 फीट की प्रतिमि रखी.


जबलपुर में रहते हैं कई मूर्तिकार, बनाते हैं आकर्षक प्रतिमाएं
जबलपुर में बड़े पैमाने पर मिट्टी की मूर्ति बनाने वाले कलाकार रहते हैं. शहर में ये कलाकार लगभग साल भर प्रतिमाएं बनाते हैं, जबलपुर से प्रतिमाएं मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र तक भेजी जाती हैं. सामान्य तौर पर मां दुर्गा, श्री गणेश और मां नर्मदा की प्रतिमाएं बनाई जाती हैं. लेकिन बीते कुछ सालों से नर्मदा प्रतिमाएं और शिव प्रतिमाएं भी बनाई जा रही हैं और अब होलिका प्रतिमाओं का चलन भी बढ़ गया है.

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होलिका प्रतिमा को लेकर कई तरह के प्रयोग किए जाते हैं क्योंकि होलिका को बुराई का प्रतीक माना जाता है. इसलिए कहीं पर उसे राक्षसी, कहीं भूतनी तो कहीं मॉर्डन रूप में दिखाया जाता है. हालांकि, पारंपरिक तौर पर होली की प्रतिमाओं में उसे राक्षसी ही दिखाया जाता है. इस साल भी ऐसा ही ट्रेंड देखने मिला सोमवार को होलिका दहन से पहले देर रात तक लोग शहर के विभिन्न क्षेत्रों से होलिका देखने भ्रमण पर निकले.

