सगाई के बाद मंगेतर से मोबाइल में बात करना बैन,सेन समाज का अनोखा फैसला, जानिए क्यों आई ऐसी नौबत
साहू समाज ने मोबाइल को लेकर बड़ा फैसला लिया है.समाज ने सगाई के बाद मंगेतर के मोबाइल पर बात करने पर रोक लगाई है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 19, 2026 at 6:36 PM IST
दानवीर साहू, बालोद
बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिला सेन समाज ने अजीबो गरीब फैसला लिया है. सामाजिक परिवेश और टूटते रिश्तों को बचाने के लिए सेन समाज ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि अब सगाई और शादी से पहले कोई भी लड़का या लड़की मंगेतर से चुपके से बात नहीं करेगा.यदि मंगेतर को बात करना भी होगा तो वो परिवार के सदस्यों के बीच बातें करेंगे.ऐसा नहीं करने पर दोनों की बीच बात नहीं होगी.
''मोबाइल तोड़ रहा है रिश्ते''
इस फैसले को लेकर समाज के जिलाध्यक्ष संतोष कौशिक ने कहा कि समाज में टूटते रिश्तों को लेकर कई सारे मामले सामने आ रहे थे. पहले रिश्तो में सुनवाई होती थी पर चर्चाएं नहीं. पर हमने इस टूटे हुए रिश्तों के जड़ तक पहुंचने की कोशिश की. हमने मंथन किया तब ये बात समझ में आई कि आधुनिकता के दौर में मोबाइल परिवारों को तोड़ रहा है. तब हमने जो पुराने नियम चले आ रहे थे उसमें बदलाव करते हुए यह निर्णय लिया है कि सगाई के बाद और शादी होने तक कोई भी मंगेतर एक दूसरे से निजी बात नहीं करेंगे, यूं कह सकते हैं कि मोबाइल पर बात नहीं करेंगे.
समाज ने इस बात को स्वीकारा है और इसे कड़ाई से पालन करने की बात भी कही है.मोबाइल की घंटों बातचीत से जन्मों तक बनने वाला रिश्ता टूट जाता है, रिश्ते अगर निभाना है तो मर्यादा ज़रूरी है- संतोष कौशिक, जिलाध्यक्ष सेन समाज
सेन समाज ने किया स्वागत
सेन समाज के सचिव सीमा कौशिक ने बताया कि जो भी समाज ने फैसला लिया है वह स्वागत योग्य है. काफी गहन चिंतन के बाद यह फैसला लिया गया है. हम भले ही बच्चों को व्यक्तिगत मोबाइल के साथ छोड़ देते हैं लेकिन उनकी बातों ही बातों में रिश्ते खराब होते हैं.
मंगेतर होने के बाद मोबाइल में बात करने का जो चलन चला है उस समाज में कई ऐसे मामले देखने को मिले हैं कि कुछ रिश्ते सगाई से शुरू तो होते हैं लेकिन विवाह तक नहीं पहुंच पाते हैं- सीमा कौशिक, सचिव, सेन समाज
वहीं समाज की जागरूक युवती दीक्षा सेन ने बताया कि सगाई के बाद शादी होने तक मोबाइल में बात करने का निर्णय काफी अच्छा है.
बात करते-करते कई बार हम इतनी गहराई में चले जाते हैं कि एक दूसरे का अतीत और घर परिवार की वह वह बातें शेयर करते हैं जो हमें नहीं करना चाहिए. इस बीच दोनों मंगेतरों के बीच तनाव की स्थिति बनती है, जो परिवारों तक पहुंचती है.अंत में ये रिश्ता विवाह तक भी नहीं पहुंच पाता है- दीक्षा सेन, स्थानीय
मोबाइल के अलावा कई फैसलों पर सहमति
जिला सेन समाज के मीडिया प्रभारी उमेश कुमार सेन ने बताया कि अब हमारा समाज जागरूक हो रहा है. कई सारी कुरीतियां हैं या फिर आधुनिकता से भी होने वाले नुकसान को समझ रहा है. उन्होंने कहा कि यह फैसला स्वागत के योग्य है. इसके अलावा भी हमारे समाज ने कई फैसले लिए हैं.
पुराने समय में जैसे पत्तों से बने थाली में सार्वजनिक भोजन किया जाता था उसे फिर से लागू किया जाएगा. प्लास्टिक का हमारा समाज पूरी तरह से बहिष्कार करेगा. वहीं यदि कोई व्यक्ति हिंदू धर्म को छोड़कर अन्य धर्म अपनाता है तो उनसे किसी तरह का संबंध या रिश्ता नहीं रखा जाएगा- उमेश कुमार सेन, मीडिया प्रभारी सेन समाज
''मोबाइल है रिश्तों में टकराव की जड़''
सेन समाज की माने तो कुछ वर्षों से सगाई में तोहफे के रूप में मोबाइल देने उसके बाद घंटों बात करने का चलन शुरू हो चुका है. इस चलन के कारण कई बार सगाई से बना हुआ अधूरा रिश्ता शादी तक पूरा होते-होते टूट जाता है.यही वजह है निजी जिंदगी के वे बातें जो अपने मंगेतर से कोई सुनना नहीं चाहता और जब गुजरी हुई बातें इस रिश्ते के बीच में आती है तो रिश्ता टूटने लगता है. इन्हीं सब आए मामलों को देखते हुए छत्तीसगढ़ के पिछड़ा वर्ग के प्रमुख सेन समाज ने यह चौंकाने वाला और गंभीर फैसला लिया है.
साहू समाज ने प्री वेडिंग शूट को किया है बैन
आपको बता दें कि प्री वेडिंग शूट को लेकर साहू समाज ने पहले ही इसे बैन करने का नियम बनाया है, साहू समाज का तर्क है कि विवाह के पहले मंगेतर एक दूसरे के साथ होटलों में जाकर समय व्यतीत करते हैं वहां शूट कराते हैं.छोटे कपड़े पहनकर कलाकारी करते हैं, इससे समाज को गलत दिशा मिल रही है. विवाह के पहले एक साथ एक जगह रुकना या फिर अतरंगी कपड़ों में शूटिंग ये सब सही नहीं है. इसके बाद से अब सेन समाज का फैसला चौंकाने वाला है.
अब देखना यह होगा कि इस फैसले के बाद समाज के युवक और युक्तियां किस तरह रिएक्ट करते हैं. क्या इस फैसले का स्वागत किया जाएगा या फिर इस फैसले का विरोध होगा. वहीं धर्मांतरण को लेकर भी समाज ने नियम बनाया है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू समाज को छोड़ अन्य धर्म अपनाता है तो उसके साथ पारिवारिक रिश्ता नहीं रखा जाएगा.

