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'महिलाओं के मुद्दे पर विपक्ष ने किया विश्वासघात, लड़की हूं, लड़ सकती हूं कहने वाली प्रियंका गांधी ने क्यों छोड़ी अधिकारों की लड़ाई?'

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, पिछले 50 वर्षों से महिला आरक्षण की बात करने वाली पार्टी ने कभी इसे लागू करने का साहस नहीं दिखाया.

union minister dr jitendra singh Visit Shimla
डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की प्रेस कॉन्फ्रेंस (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : April 19, 2026 at 6:40 PM IST

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शिमला: संसद में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर भाजपा विपक्षी दलों पर हमलावर है. भारतीय जनता पार्टी अब कांग्रेस पर महिलाओं के साथ विश्वासघात करने के आरोप लगा रही है. इसी कड़ी में रविवार (19 अप्रैल) को केंद्रीय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने राजधानी शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लेकर कांग्रेस और INDI गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और देश में महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. उन्होंने कहा कि, मोदी सरकार ने महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास यात्रा का नेतृत्व करने वाला बनाया है, लेकिन कांग्रेस और विपक्षी दलों ने देश कक महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है.

'महिलाओं के मुद्दे पर विपक्ष ने किया विश्वासघात'

महिला आरक्षण बिल को लेकर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि, "यह कानून महिलाओं को नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने का माध्यम है. यह समय की मांग थी और मोदी सरकार ने इसे गंभीरता से आगे बढ़ाया, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने राजनीतिक स्वार्थ के कारण इस ऐतिहासिक पहल को बाधित करने का काम किया."

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, पिछले 50 वर्षों से महिला आरक्षण की बात करने वाली पार्टी ने कभी इसे लागू करने का साहस नहीं दिखाया. उन्होंने कहा कि जब भाजपा सरकार ने ठोस समाधान प्रस्तुत किया, तब विपक्ष ने विभिन्न बहानों और तकनीकी मुद्दों का सहारा लेकर इस प्रक्रिया को रोकने का प्रयास किया. उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात करार दिया.

डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) (ETV Bharat)

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि, भाजपा ने अपने संगठन में पहले ही महिलाओं को 33 फीसदी से अधिक भागीदारी दी है, जबकि कांग्रेस आज तक अपने संगठन में भी इसे लागू नहीं कर पाई है. कांग्रेस में महिलाओं को अवसर नहीं, बल्कि परिवारवाद के आधार पर सीमित स्थान मिलता है, जबकि भाजपा में मेरिट के आधार पर महिलाओं को आगे बढ़ाया जाता है. देश की महिलाएं इस मुद्दे को लेकर जागरूक हैं और आने वाले समय में यह एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेगा. नारी शक्ति अब अपने अधिकारों के प्रति सजग है और वह किसी भी प्रकार के राजनीतिक छल को स्वीकार नहीं करेगी. देश की महिलाएं इस बिल के समर्थन में आएं और 2029 के चुनाव में इस बिल को लागू करवाने में सहयोग दें.

बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे (ETV Bharat)

'प्रियंका गांधी ने महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई क्यों छोड़ी?'

महिला आरक्षण बिल के पास में होने को लेकर भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमलावर है. वहीं, इस बिल के पास न होने पर भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे ने प्रियंका गांधी पर निशाना साधा है और पूछा कि, "संसद के अंदर लड़की हूं लड़ सकती हूं कहने वाली प्रियंका गांधी आखिर महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई से पीछे क्यों हट गई हैं? उन्हें देश की यह महिलाओं को बताना होगा. संसद में महिला आरक्षण बिल संवैधानिक संशोधन के साथ पेश किया गया, लेकिन विपक्ष ने एक अच्छी मंशा को विफल कर दिया. बिल गिरने के बाद विपक्ष के नेताओं का व्यवहार निराशाजनक था, जबकि महिलाएं पिछले चार दशकों से इस अवसर का इंतजार कर रही थीं."

'2029 में लागू होगा महिला आरक्षण'

सरोज पांडे ने कहा कि, "भाजपा पहला राजनीतिक दल है जिसने अपने संगठन में महिलाओं को कोटा दिया. 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान से कन्या भ्रूण हत्या में कमी आई और बेटियों को आगे बढ़ने का मौका मिला. 2014 से प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की. पहले महिलाएं शौच के लिए अंधेरा होने का इंतजार करती थीं, लेकिन अब हर घर में शौचालय उपलब्ध है. इसके साथ ही भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने विश्वास जताया कि, 2029 में महिला आरक्षण लागू होगा और महिलाओं को पूरा भरोसा है कि मोदी है तो मुमकिन है."

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