करनाल में बुलेट पर सवार होकर निकले केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, हाथ में तिरंगा लेकर दिया देशभक्ति का संदेश
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने करनाल में आयोजित तिरंगा यात्रा में हिस्सा लिया.

Published : August 16, 2026 at 4:01 PM IST
करनाल: जिले में स्वतंत्रता दिवस के उत्साह और देशभक्ति के माहौल के बीच भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने प्रेम नगर स्थित अपने आवास से यात्रा की अगुवाई की. वह बुलेट पर सवार होकर तिरंगा हाथ में थामे शहर की सड़कों से निकले. बीजेपी जिला अध्यक्ष प्रवीण लाठर ने बुलेट चलाई, जबकि मनोहर लाल रास्तेभर लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन करते नजर आए. तिरंगे के साथ उमड़ा यह नजारा शहर में देशभक्ति के रंग को और गहरा करता दिखाई दिया.
अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा पर किया नमन: तिरंगा यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री सदर बाजार पहुंचे, जहां उन्होंने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. उनकी 195वीं जयंती के अवसर पर मनोहर लाल ने वीरांगना के साहस, शौर्य और देश के प्रति योगदान को याद किया.
तिरंगा हाथ में ही नहीं, दिल में भी होना चाहिए: मनोहर लाल ने कहा कि "देश इस समय 80वें स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में डूबा हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में तिरंगा यात्राएं निकाली गईं और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत करोड़ों घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया." उन्होंने कहा कि "तिरंगा सिर्फ घरों और हाथों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर भारतीय के मन में बसना चाहिए. तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है."
करोड़ों लोगों ने दिखाया राष्ट्रभक्ति का जज्बाः केंद्रीय मंत्री ने कहा कि "देशभर में करोड़ों लोगों ने तिरंगा यात्रा में भाग लेकर अपनी राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया है. तिरंगा यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को मजबूत करने का अभियान है. हर घर पर तिरंगा फहराकर देशवासियों ने स्वतंत्रता दिवस को एक बड़े राष्ट्रीय उत्सव में बदल दिया है."
15 अगस्त के विरोध प्रदर्शन पर मनोहर लाल की दो टूक: हांसी में 15 अगस्त को हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर मनोहर लाल ने कहा कि "लोकतंत्र में अपनी मांगों के लिए आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन विरोध के लिए दिन और समय का भी ध्यान रखा जाना चाहिए. 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व पूरे देश के लिए गौरव के दिन हैं. ऐसे पावन अवसरों पर विरोध प्रदर्शन करना उचित नहीं है, क्योंकि इससे राष्ट्रीय उत्सव का माहौल प्रभावित होता है."
राष्ट्रीय पर्व की गरिमा से समझौता नहीं होना चाहिए: मनोहर लाल ने कहा कि "राष्ट्रीय पर्व केवल कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और सम्मान का अवसर होते हैं. इसलिए इन दिनों की गरिमा और सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है." उन्होंने धार्मिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण अवसरों पर भी विरोध प्रदर्शन से बचने की अपील करते हुए कहा कि "इस दिशा में समाज को जागरूक करने की जरूरत है."
एनकाउंटर के सवाल पर मनोहर लाल ने साधी चुप्पी: तिरंगा यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री से करनाल एनकाउंटर मामले को लेकर भी सवाल किया गया. लेकिन इस सवाल पर मनोहर लाल ने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी. उन्होंने एनकाउंटर से जुड़े सवालों पर टिप्पणी करने से परहेज किया और बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए. ऐसे में एनकाउंटर को लेकर केंद्रीय मंत्री की चुप्पी चर्चा का विषय बनी रही.

