केंद्र सरकार ने मां सीता के श्राप का निकाला तोड़, गयाजी फल्गु नदी में यहां से आएगा पानी
एक बार फिर फल्गु नदी को जीवित करने की योजना है. इसको लेकर दिल्ली में केंद्र सरकार की अहम बैठक हुई. रिपोर्ट-सरताज अहमद

Published : August 21, 2026 at 10:56 AM IST
गयाजी: फल्गु नदी को मां सीता के श्राप से मुक्त करने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 334 करोड़ से रबर डैम बनवाया था. इसके बावजूद फल्गु नदी सूखी रहती है. अब एक बार फिर केंद्र सरकार ने नदी को श्राप से मुक्ति दिलाने की पहल शुरू की है. इसको लेकर दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों की बड़ी बैठक हुई. बैठक में लिए गए फैसले के बाद भारत सरकार की इस विशेष पहल को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने खुशी जताई है.
दिल्ली में बड़ी बैठक: दरअसल, फल्गु नदी के पुनर्जीवन के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है. बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री और गयाजी के सांसद जीतन राम मांझी समेत कई उच्च अधिकारियों ने भाग लिया.
बीयर बांध से आएगी जलधारा: घंटों चली इस महत्वपूर्ण बैठक में यह तय किया गया कि जल्द ही फल्गु नदी की उड़ाही का काम शुरू होगा. इस योजना के तहत बीयर बांध बनाकर झारखंड से जलधारा लाई जाएगी. इसके लिए दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों और उच्च अधिकारियों के साथ एक कोऑर्डिनेशन कमेटी भी गठित की गई है.
कौन कहता है फल्गु नदी में धाराप्रवाह पानी नहीं आ सकता।
— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) August 20, 2026
लाएंगें ना…
हर सड़क को जोड़ लिया,
अब नदियों को भी जोडेंगें…
अपने गयाजी से पूर्व में प्रवाहित होने वाली मोक्षदायिनी फल्गु (निरंजना) नदी के पुनर्जीवन हेतु आज केंद्रीय मंत्री माननीय श्री @nitin_gadkari जी के कार्यालय में… pic.twitter.com/EuBAffL7TK
कमेटी का गठन: गठित की गई इस कोऑर्डिनेशन कमिटी में गया जिला के जिला पदाधिकारी समेत झारखंड के डीसी भी शामिल हैं. इस कमिटी का मुख्य उद्देश्य जलधारा लाने वाले इस बड़े प्रोजेक्ट के कार्यों में तेजी लाना है. पुरानी मान्यताओं और वास्तविकता के अनुसार फल्गु नदी में धाराप्रवाह पानी आना असंभव माना जाता था.
प्रधानमंत्री का भागीरथी प्रयास: जीतन राम मांझी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के भागीरथी प्रयास से अब फल्गु नदी में जलधारा लाने का संकल्प पूरा होगा. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि मोक्ष की नगरी गयाजी के चहुंमुखी विकास के लिए हमने जिस तरह हर सड़क को जोड़ा है, उसी तरह अब नदियों को भी जोड़ेंगे.
"झारखंड से फल्गु निरंजना नदी में पानी लाने से यहां सालों भर पानी उपलब्ध रहेगा. इस योजना को बीयर बांध का रूप दिया जा रहा है. बीयर बांध का निर्माण होने से स्थानीय किसानों को अपने खेतों की सिंचाई के लिए सालों भर भरपूर पानी आसानी से मिल सकेगा." -जीतन राम मांझी, केंद्रीय मंत्री
वर्षों पुरानी मांग होगी पूरी: फल्गु नदी पर बीयर बांध बनाने की मांग 1980 के दशक से ही लगातार हो रही है. लेकिन अब तक इस विषय पर कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका था. मगर वर्तमान केंद्र सरकार अब इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह सक्रिय है और इस कार्य को पूरा करने में जुटी है.

रिवर साइड का होगा विकास: जलधारा लाने वाले इस प्रोजेक्ट के साथ फल्गु नदी के बालू से रिवर साइड भी डवलप किया जाएगा. मरीन ड्राइव की तर्ज पर गया से बोधगया तक रिवर साइड को विकसित किया जाएगा. पर्यटन के स्तर से भी गया के लिए यह एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा प्रोजेक्ट होगा.
जीतन राम मांझी का ड्रीम प्रोजेक्ट: बता दें कि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी बरसों से फल्गु नदी पर बीयर बांध के निर्माण और बोधगया छोर को विकसित करने के पक्षधर रहे हैं. जब वे बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, तब उन्होंने लगभग 1400 करोड़ रुपये के बजट से बीयर बांध और मरीन ड्राइव निर्माण को मंजूरी दी थी.
ठंडे बस्ते से बाहर आई योजना: जीतन राम मांझी को सत्ता से हटाए जाने के बाद यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया था. हालांकि वे हमेशा इस मुद्दे को विभिन्न प्लेटफार्मों से उठाते रहे हैं. उन्होंने बोधगया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए भी इसकी मांग की थी.
लाखों हेक्टेयर भूमि का पटवन: इस प्रोजेक्ट के पूरे होने के बाद गया जिले के अलावा औरंगाबाद, जहानाबाद और नवादा जिले के सटे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सिंचाई व्यवस्था हो जाएगी. दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक इसी व्यवस्था को लेकर थी. सालों भर जल भराव से स्थानीय लोगों को व्यापक लाभ होगा.

पर्यटन क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव: इस योजना के धरातल पर उतरने से पर्यटन के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव होगा. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस प्रोजेक्ट पर गहरी खुशी जताते हुए कहा है कि बस यही इच्छा है कि उनका यह वर्षों पुराना ऐतिहासिक ड्रीम प्रोजेक्ट अब जल्द ही पूरा हो जाए.
पेयजल समस्या से मिलेगी निजात: सांसद प्रतिनिधि ई. नंदलाल मांझी ने कहा कि गया जिला के लिए फल्गु नदी जीवनदायिनी है. सालों भर पानी रहने से धार्मिक तर्पण के साथ-साथ गया शहर वासियों को पेयजल की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिलेगी. यह दूरदर्शी सोच जनहित और लोकहित के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी.
"इस पूरे प्रोजेक्ट को इस तरह से करने की योजना है कि यह पर्यटन के अनुरूप पूरा हो. भारत सरकार के कई संबंधित विभागों ने यहां का सर्वे भी पूरा कर लिया है. ऐसे में यह निश्चित माना जा सकता है कि आने वाले दिनों में फल्गु नदी में एक बड़ा बदलाव दिखेगा." -ई. नंदलाल मांझी, सांसद प्रतिनिधि
ये भी पढ़ें:

