केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की बिगड़ी तबीयत, मेदांता अस्पताल में भर्ती
जीतन राम मांझी की तबीयत खराब है और उन्हें पटना स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है. रिपोर्ट- रंजीत कुमार

Published : August 31, 2026 at 2:46 PM IST
पटना : केंद्रीय मंत्री और हम (सेकुलर) के संरक्षक जीतन राम मांझी अचानक बीमार हो गए हैं और उन्हें पटना के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जीतन राम मांझी वायरल फीवर से पीड़ित हैं और उनका शुगर लेवल भी बढ़ गया है. इलाज के बाद उनकी तबीयत अस्थिर बताई जा रही है.
रुटीन चेकअप के लिए किए गए हैं भर्ती : हम पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने कहा कि आदरणीय जीतन राम मांझी जी की तबीयत बिल्कुल ठीक है. भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय जीतन राम मांझी जी की तबीयत बिल्कुल ठीक है. वे पटना के एक निजी अस्पताल में सिर्फ सामान्य रूटीन चेकअप के लिए भर्ती हैं और चिकित्सकों द्वारा उनकी आवश्यक जांच की जा रही है.

"कहीं से भी कोई चिंताजनक बात नहीं है. उनकी जांच सामान्य है और वे पूरी तरह स्वस्थ एवं सामान्य हैं. किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक खबर पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है. ईश्वर की कृपा और आप सभी की शुभकामनाओं से आदरणीय मांझी जी जल्द ही स्वस्थ होकर आप सभी के बीच आएंगे."- श्याम सुंदर शरण,हम पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता
कार्यक्रम के दौरान बिगड़ी तबीयत : केंद्रीय मंत्री के मीडिया सलाहकार दानिश रिजवान ने कहा, "जीतन राम मांझी वायरल फीवर से पीड़ित हैं और मोतिहारी में कार्यक्रम के दौरान वह असहज महसूस कर रहे थे. उनका शुगर लेवल भी बढ़ रहा था. इस वजह से उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल उनकी तबीयत अच्छी है." जीतन राम मांझी से मिलने के लिए श्याम रजक भी पहुंचे और उनका हाल-चाल जाना. वहीं अस्पताल में पार्टी के कार्यकर्ता भी नजर आए.
आरक्षण के मुद्दे को लेकर चर्चा में मांझी : आरक्षण के मुद्दे को लेकर इन दिनों जीतन राम मांझी चर्चा में बने हुए हैं. सबसे पहले चिराग पासवान ने कहा था, आरक्षण संविधान की ओर से मिला अधिकार है, ना कि कोई खैरात. आरक्षण की व्यवस्था को खत्म करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी.

चिराग से गहराया था विवाद : इस बयान के बाद मांझी के बेटे संतोष सुमन ने कहा था, आरक्षण की समीक्षा की बात को इसके खत्म करने की मांग के रूप में देखना गलत है. इस बयानबाजी के बीच मांझी ने एक बयान जारी किया था. उन्होंने कहा था, आरक्षण के अंदर पिछड़ी जातियों को अलग से आरक्षण मिलना चाहिए. साथ ही चिराग पासवान पर निशाना साधते हुए इस्तीफे की मांग की थी.
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