CM भजनलाल की तारीफ: शेखावत बोले- दबावों और चुनौतियों के बीच कई साहसिक फैसले लिए
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्य सरकार की सराहना की. साथ ही एसआईआर पर भी जोर दिया.

Published : November 30, 2025 at 5:11 PM IST
|Updated : November 30, 2025 at 5:19 PM IST
जैसलमेर: केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में पहली बार इतने मजबूत और दूरदर्शी रूप से प्रशासनिक सुधार लागू किए गए हैं. उन्होंने कहा कि भजनलाल शर्मा ने दबावों और चुनौतियों के बीच कई साहसिक फैसले लिए, जिनका सीधा लाभ प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे और आम जनता को मिला है.
शेखावत ने स्थानीय शासन से जुड़े पुनर्गठन और महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुख्यमंत्री की सराहना की. उन्होंने कहा कि राजस्थान में विकास को लेकर भजनलाल शर्मा की सोच स्पष्ट और दृढ़ है, जिसे जनता लंबे समय तक याद रखेगी. उन्होंने पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को एक साथ कराए जाने के फैसले को 'ऐतिहासिक' बताते हुए कहा कि न्यायालय के दबाव के बावजूद मुख्यमंत्री ने हिम्मत नहीं खोई और राज्यहित में सही निर्णय लिया. मंत्री ने कहा कि यदि मजबूत नेतृत्व नहीं होता तो हालात बिल्कुल अलग होते. मंच पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी शेखावत के इस राजनीतिक संदेश का जोरदार स्वागत किया.
पढ़ें. कांग्रेस ने हर कदम पर राजनीति की है, 'वंदे मातरम' को भी नहीं छोड़ा : शेखावत
आने वाली पीढ़ियां माफ नहीं करेंगी : जैसलमेर दौरे के दौरान शेखावत ने मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) पर भी जोर देते हुए कहा कि यह अवसर खासकर जैसलमेर और पोकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. पूर्व में मतदाता सूची से जुड़े कई गंभीर त्रुटियों को इस प्रक्रिया के माध्यम से ठीक किया जा सकता है, इसलिए संगठन को इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को चेताया कि यदि इस कार्य को गंभीरता से नहीं लिया गया तो इसका असर भविष्य में पार्टी की स्थिति पर पड़ेगा. आने वाली भाजपा की पीढ़ियां इसे भूल नहीं पाएंगी. मंत्री ने स्पष्ट कहा कि एक-एक वोट की मॉनिटरिंग जरूरी है, ताकि आगामी चुनावों में फर्जी मतदान जैसी समस्याओं का अंत किया जा सके.
शेखावत ने कहा कि अगर एसआईआर प्रक्रिया को मजबूत तरीके से पूरा नहीं किया गया तो आने वाले पंचायतीराज चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से निजी हितों से ऊपर उठकर संगठन के लक्ष्य के लिए जुटने की अपील की. राजस्थान में हर पांच साल में सरकार बदलने की परंपरा तोड़ने और भाजपा की स्थायी सरकार बनाने का रास्ता पंचायतीराज चुनावों से होकर गुजरता है. इसीलिए सभी को पूरी निष्ठा से इस अभियान में लगना होगा.

