'कृषि राष्ट्रनिर्माण का आधार', पंतनगर विवि मीट में बोले कृषि मंत्री शिवराज, खेत बचाओ अभियान में भी लिया हिस्सा
पंतनगर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पहुंचे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने छात्रों को भी संबोधित किया. उन्होंने जोर दिया कि कृषि राष्ट्रनिर्माण का आधार है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : June 26, 2026 at 12:20 PM IST
रुद्रपुर: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज पंतनगर दौरे पर रहे. उनके यहां आगमन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया. केंद्रीय मंत्री ने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GBPUAT) के संग्रहालय का निरीक्षण कर कृषि अनुसंधान, नवाचार और किसानों के हित में संचालित गतिविधियों की जानकारी ली. उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के अधिक से अधिक उपयोग पर बल दिया. बता दें कि, यूनिवर्सिटी के दो दिवसीय एलुमनाई मीट का उद्घाटन करने केंद्रीय मंत्री यहां पहुंचे थे. इसके बाद कृषि मंत्री खेत बचाओ अभियान में भी हिस्सा लिया, जहां उन्होंने 369.66 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया.
सबसे पहले गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विवि संग्रहालय (म्यूजियम) का निरीक्षण किया. भ्रमण के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर अबतक की उपलब्धियों, कृषि अनुसंधान, आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों, बीज विकास, फसल संरक्षण, पशुपालन तथा कृषि शिक्षा से जुड़े विभिन्न प्रदर्शनों का अवलोकन किया.
'कृषि व्यवसाय नहीं, राष्ट्रनिर्माण का आधार', केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज का पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय दौरा.@ChouhanShivraj @OfficeofDhami #pantnagaruniversity
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संग्रहालय में प्रदर्शित ऐतिहासिक दस्तावेजों, दुर्लभ तस्वीरों और कृषि विकास की यात्रा को दर्शाने वाली सामग्री में भी उन्होंने विशेष रुचि दिखाई. विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों ने केंद्रीय मंत्री को संस्थान में किए जा रहे नए अनुसंधानों, किसानों के लिए विकसित की गई उन्नत तकनीकों और विभिन्न शोध परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी.
विश्वविद्यालय द्वारा बताया गया कि लगातार ऐसी उन्नत तकनीकों पर कार्य किया जा रहा है, जिनसे किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़े, खेती की लागत कम हो और कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सके.
'कृषि मंत्रालय केवल दफ्तरों से नहीं चलता, खेतों से चलता है'...पंतनगर विवि में अपने संबोधन में बोले @ChouhanShivraj #PantnagarUniversity @pushkardhami
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निरीक्षण के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचारों के माध्यम से कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी जा सकती है. किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहन देने, जल संरक्षण, उन्नत बीजों के विकास और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विश्वविद्यालयों में विकसित तकनीकों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचना चाहिए.

वहीं, छात्रों को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि,
कृषि मंत्रालय केवल दफ्तरों से नहीं चलता, खेतों से चलता है. उत्तराखंड देव भूमि भी है और दिव्य भूमि भी. यहां की पावन भूमि के कण-कण में तीर्थ है, शिला-शिला में शिव है, हर धारा में गंगा है और हर पर्वत में युगों- युगों की तपस्या है. पंतनगर केवल एक विश्वविद्यालय नहीं, एक विचार है. यह वह विचार है, जो कहता है कि ज्ञान का उद्देश्य समाज की सेवा है. यह वह विचार है, जो कहता है कि विज्ञान का उद्देश्य मानवता का कल्याण है. यह वह विचार है, जो कहता है कि कृषि केवल व्यवसाय नहीं, राष्ट्रनिर्माण का आधार है.
वहीं, इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय देश के प्रतिष्ठित कृषि शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों में अग्रणी स्थान रखता है. यहां विकसित अनुसंधानों और तकनीकों का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है. केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड में कृषि, बागवानी और प्राकृतिक खेती को नई गति मिलेगी तथा किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी.
उत्तराखंड की पंतनगर कृषि यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं संग धान की रोपाई और खेती-किसानी की जानकारी साझा करते नजर आए @ChouhanShivraj @OfficeofSSC @pushkardhami
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गौर हो कि, केंद्रीय कृषि मंत्री का यह दौरा कृषि अनुसंधान, नवाचार और किसानों के कल्याण के प्रति केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

खेत बचाओ अभियान: वहीं, विश्वविद्यालय कार्यक्रम के बाद केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान रुद्रपुर में आयोजित खेत बचाओ अभियान में पहुंचे. यहां उन्होंने किसानों को जलवायु परिवर्तन और अल नीनो के संभावित प्रभाव को लेकर आगाह किया. उन्होंने रासायनिक खाद के संतुलित उपयोग, जैविक खेती, मृदा परीक्षण और फसल बीमा पर जोर देते हुए किसानों के हित में कई नई योजनाओं और परियोजनाओं की भी घोषणा की.
अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण आने वाला समय कृषि के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसानों को डराना नहीं बल्कि समय रहते जागरूक करना है. इस वर्ष अल नीनो का प्रभाव देखने को मिल सकता है, इसलिए किसान सतर्क रहें और अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं. केंद्र सरकार संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां कर रही है.
संबोधन की मुख्य बातें-
- उत्तराखंड को फल उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने का प्रयास.
- राज्य में 100 करोड़ रुपये की लागत से क्लीन प्लांट परियोजना स्थापित की जाएगी, जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधे उपलब्ध होंगे.
- अल्मोड़ा में 15 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा.
- प्रदेश में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नीदरलैंड के सहयोग से विशेष प्लांट विकसित किया जाएगा.
- किसानों के खेतों को बाढ़ से बचाने के लिए घेरबाड़ परियोजना के तहत 65 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी. अभी 25 करोड़ की लागत से घेरबाड़ का प्रोजेक्ट प्रारंभ हुआ है. शेष राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसानों के खेतों में बाड़ लगाकर उन्हें जंगली जानवरों से बचाने का काम कर सकें.
रासायनिक खाद का कम इस्तेमाल: शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से रासायनिक खाद और कीटनाशकों का संतुलित उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि अत्यधिक रासायनिक खाद और पेस्टिसाइड के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरक क्षमता लगातार घट रही है. मिट्टी में मौजूद करोड़ों सूक्ष्म जीव और केंचुए भूमि को उपजाऊ बनाए रखते हैं, लेकिन रासायनिक खेती के कारण उनका अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार खाद के उपयोग के खिलाफ नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से संतुलित उपयोग की पक्षधर है. किसानों के लिए खाद की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी. उन्होंने किसानों से अपनी भूमि की नियमित मृदा जांच कराने का भी आह्वान किया.
आधुनिक कृषि संबंधित मोबाइल ऐप: उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार जल्द ही एक आधुनिक मोबाइल ऐप लॉन्च करेगी, जिसके माध्यम से किसानों को अपने खेत की मिट्टी, फसल, पोषक तत्वों और कृषि संबंधी आवश्यक जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध हो सकेगी.
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