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खून से लिखा सीएम को पत्र: युवा बेरोजगारों ने चतुर्थ श्रेणी भर्ती में पद बढ़ाने की मांग के साथ विदा किया 2025

यूनियन संयोजक रवींद्र चौधरी ने सरकार से मांग की कि रिक्त पदों की अंतिम सूची मंगवाकर इसी भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाई जाए.

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खून से पत्र लिखते युवा (Etv Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : December 31, 2025 at 6:32 PM IST

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जयपुर: राजस्थान में बेरोजगार युवाओं ने एक बार फिर सरकार की चौखट पर दस्तक दी है. इस बार उन्होंने स्याही की जगह अपने खून से पत्र लिखकर अपनी गुहार सुनाई है. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर राजस्थान बेरोजगार यूनियन के बैनर तले विरोध जताते हुए युवाओं ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम खून से पत्र लिखा और सरकार को अपनी घोषणा याद दिलाई. प्रदेश के युवा बेरोजगारों ने वर्ष 2025 को विरोध प्रदर्शन के साथ विदा किया.

जयपुर के त्रिवेणी नगर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान बेरोजगार यूनियन के अध्यक्ष हनुमान किसान ने मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर युवाओं की पीड़ा व्यक्त की. हनुमान किसान ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पहले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 60 हजार पदों पर भर्ती की घोषणा की थी, लेकिन बाद में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की विज्ञप्ति में यह संख्या घटकर 53 हजार 749 रह गई. यही कटौती आज लाखों युवाओं के गुस्से का कारण बनी हुई है.

सीएम को खून से लिखा पत्र (ETV Bharat Jaipur)

यह भी पढ़ें: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती का दूसरा दिन: तीन स्तर पर जांच के बाद मिली अभ्यर्थियों को एग्जाम में एंट्रीउन्होंने बताया कि इस भर्ती परीक्षा में 21 लाख 17 हजार 198 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जो बीजेपी सरकार के कार्यकाल की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा है. उन्होंने सवाल किया कि वर्ष 2022 तक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कुल स्वीकृत पद 82 हजार 154 थे, फिर भर्ती सीमित पदों पर ही क्यों कराई गई? विभिन्न विभागों में आज भी हजारों पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार उन पर गंभीर नजर नहीं आ रही है.

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पदों की संख्या बढ़ाई जाए: यूनियन संयोजक रवींद्र चौधरी ने सरकार से मांग की कि सभी विभागों से रिक्त पदों की अंतिम सूची मंगवाकर इसी भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाई जाए. इस एक प्रशासनिक फैसले से हजारों युवाओं की जिंदगी की दिशा बदल सकती है. कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से बीते दिनों परीक्षा संपन्न कराई जा चुकी है और अब निर्धारित पदों की तुलना में दोगुने अभ्यर्थियों के रिजल्ट जारी कर उन्हें दस्तावेज सत्यापन के लिए आमंत्रित किया जाएगा. ऐसे में अब सबकी निगाहें सरकार और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अगले कदम पर टिकी हुई हैं. यह देखना जरूरी होगा कि सरकार युवाओं की मांगों और खून से लिखे गए इस पत्र को कितनी गंभीरता से लेती है.