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मंडी मध्यस्थता योजना के तहत 3 सालों में सरकार ने की सेब की इतनी खरीद, बागवान हुए मालामाल

MIS के तहत सरकार ने कितना सेब खरीदा और कितना भुगतान किया. इसके आंकड़े सरकार ने शीतकालीन सत्र में रखे थे.

मंडी मध्यस्थता योजना के तहत 3 सालों में सरकार ने की सेब की इतनी खरीद
मंडी मध्यस्थता योजना के तहत 3 सालों में सरकार ने की सेब की इतनी खरीद (FILE POTO)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : December 19, 2025 at 2:16 PM IST

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शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान 1 दिसंबर को बीजेपी विधायक बलवीर वर्मा ने उद्यान विभाग से संबंधित मंडी मध्यस्थता योजना के बारे में सरकार से सवाल पूछा था. इसका लिखित में जवाब राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की ओर से दिया गया है.

सवाल में यह जानकारी मांगी गई थी कि 31 जुलाई 2025 तक पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में एचपीएफएमसी (HPMC) ने मंडी मध्यस्थता योजना के तहत कितने सेब खरीदे गए और उन पर बागवानों को कितनी धनराशि देय है. सरकार ने जवाब में तीन सालों के आंकड़े सामने रखे हैं. सरकार ने बताया कि वर्ष 2022–23 में एचपीएफएमसी ने 42,087 मीट्रिक टन सेब खरीदे. इन सेबों का कुल मूल्य 4,419.16 लाख रुपये रहा, जबकि बागवानों को देय राशि 174.15 लाख रुपये बताई गई.

वर्ष 2023-24 में 33,781 मीट्रिक टन सेब की खरीद की गई. खरीदे गए सेबों का कुल मूल्य 4,053.74 लाख रुपये रहा और बागवानों को 157.64 लाख रुपये देय हैं. वर्ष 2024-25 में अब तक 24,984 मीट्रिक टन सेब खरीदे गए, जिनका मूल्य 2,998.08 लाख रुपये रहा. इस वर्ष बागवानों को देय राशि 667.67 लाख रुपये दर्शाई गई है. वहीं वर्ष 2025 में 31 जुलाई 2025 तक, एचपीएफएमसी ने 769 मीट्रिक टन सेब की खरीद की. इनका मूल्य 92.37 लाख रुपये रहा और इतनी ही राशि यानी 92.37 लाख रुपये बागवानों को देय बताई गई है.

क्या मंडी मध्ययस्थता योजना

बता दें कि मंडी मध्यस्थता योजना किसानों को बाजार में सी ग्रेड सेब का उचित मूल्य न मिलने की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए चलाई जाती है. इस वर्ष हिमाचल प्रदेश सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) के तहत एचपीएमसी C ग्रेड सेब को ₹12 प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा था. पहले एचपीएमसी और हिमफेड इस योजना के तहत सेब की खरीद करते थे, लेकिन हिमफेड के पास सेब प्रोसेसिंग यूनिट नहीं है, जबकि एचपीएमसी के पास फल प्रसंस्करण का पूरा सेटअप है. इस बार HPMC ने अकेले ही खराब सेब की खरीद की थी, इसके लिए इस बार 274 संग्रहण केंद्र स्थापित किए गए थे.

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