ऊना में चुनावी संग्राम: एक तरफ धांधली का आरोप, दूसरी तरफ भाजपा मंडल अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव में लोगों को डरा धमकाकर वोट हासिल करने की कोशिश की जा रही है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : May 28, 2026 at 5:21 PM IST
|Updated : May 28, 2026 at 5:46 PM IST
ऊना: जिला ऊना की ग्राम पंचायत बनगढ़ में पंचायत प्रधान पद के चुनाव परिणामों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. मामले ने अब राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है, जिसके चलते पंचायत स्तर पर माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है. प्रधान पद के हारे प्रत्याशी देवेंद्र सिंह ने चुनाव प्रक्रिया में भारी धांधली होने का आरोप लगाते हुए बुधवार को विधायक सतपाल सिंह सत्ती के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को शिकायत सौंपी. इस दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और समर्थक भी मौजूद रहे.
देवेंद्र सिंह ने लगाए गंभीर आरोप
पंचायत प्रधान पद के चुनाव में हार का सामना करने वाले प्रत्याशी देवेंद्र सिंह ने चुनाव प्रक्रिया में धांधली और प्रशासनिक मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं. देवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं थी और चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में रही. उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिस मोहर का उपयोग समाप्त हो जाना चाहिए था, उसे एक अधिकारी मतगणना स्थल पर लेकर घूमता रहा.
"पहले चरण की गिनती में मैं जीत की स्थिति में था, लेकिन बाद में अचानक परिणाम बदल दिए गए और मुझे पराजित घोषित कर दिया गया. जब मैंने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए तो मेरे साथ धक्केशाही की गई." - देवेंद्र सिंह, शिकायतकर्ता
'साजिश के तहत चुनाव हराया'
शिकायतकर्ता देवेंद्र सिंह ने कहा कि मतगणना के दौरान चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों द्वारा नियमों की अनदेखी की गई और परिणामों को प्रभावित करने का प्रयास हुआ. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि मामले से ध्यान भटकाने के लिए उनके बच्चों पर सड़क पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें उन्हें चोटें आई हैं. उन्होंने इसे एक सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए कहा कि उन्हें साजिश के तहत चुनाव हराया गया है. मामले को लेकर देवेंद्र ने प्रशासन के समक्ष लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है.
SDM ऊना ने दिलाया जांच का भरोसा
शिकायत मिलने के बाद एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल ने मामले की जांच का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी. इस जांच की रिपोर्ट को जल्द ही डीसी ऊना जतिन लाल को सौंप दिया जाएगा. इसके बाद आगामी कार्रवाई उन्हीं के स्तर पर होगी.
भाजपा मंडल अध्यक्ष को गोली मारने की धमकी
वहीं, एक अन्य मामले में भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने पंचायती राज चुनावों के दौरान बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है. सतपाल सिंह सत्ती ने आरोप लगाया है कि भाजपा मंडल अध्यक्ष को अज्ञात लोगों द्वारा गोली मारने की धमकी दी गई है. उन्होंने कहा कि धमकी से संबंधित एक पत्र मंडल अध्यक्ष की गाड़ी पर रखकर भय का माहौल पैदा करने की कोशिश की गई. सत्ती ने पंचायती राज चुनाव के प्रथम चरण में कांग्रेस समर्थित लोगों पर धांधली, धनबल और गुंडागर्दी के गंभीर आरोप लगाए.

"कुछ लोग पैसे और सत्ता की धौंस दिखाकर लोकतंत्र को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. पंचायत चुनाव भले ही पार्टी चिन्ह पर नहीं होते, लेकिन चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े होते हैं. बनगढ़ पंचायत में मतगणना के दौरान भाजपा समर्थित प्रत्याशी को हराने के लिए हेराफेरी की गई. पहले भाजपा समर्थित उम्मीदवार की जीत घोषित की गई, लेकिन बाद में पुनर्गणना के नाम पर परिणाम बदल दिया गया और 37 मत रद कर दूसरे प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया गया. भाजपा इस मामले को अदालत में ले जाकर पुनर्गणना की मांग करेगी." - सतपाल सिंह सत्ती, विधायक
'मतदाताओं में बनाया जा रहा भय का माहौल'
विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि बनगढ़ पंचायत में चुनाव के दौरान अफरा-तफरी का माहौल रहा और मारपीट में बच्चे भी घायल हुए. वहीं, सोहारी पंचायत में प्रधान पद की महिला प्रत्याशी और उसके भाई पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें गंभीर रूप से घायल व्यक्ति का इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है. सत्ती ने आरोप लगाया कि चुनावों में बाहरी लोगों और बाउंसरों का इस्तेमाल कर मतदाताओं में भय का माहौल बनाया जा रहा है. उन्होंने प्रशासन से चुनावों में हिंसा, धमकी और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. साथ ही दावा किया कि पहले चरण में 85 पंचायतों में से 55 पंचायतों में भाजपा समर्थित उम्मीदवार प्रधान और उप-प्रधान पदों पर विजयी रहे हैं.

